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सोनभद्र गोलीकांड पर क्या बोले योगी आदित्यनाथ ?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सोनभद्र में हुए गोलीकांड के मुख्य अभियुक्त का संबंध समाजवादी पार्टी से है जबकि उनके भाई बसपा से जुड़े हुए हैं.
इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए योगी आदित्यनाथ रविवार को सोनभद्र पहुंचे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि 'ये घटना एक बहुत बड़ी राजनीतिक साजिश और गुंडागर्दी का उदाहरण है.'
उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और एक निश्चित समय सीमा में जांच के लिए जांच कमेटी बनाई गई है. इसके अलावा इसका भी पता लगाया जा रहा है कि पुलिस की ओर से कहां लापरवाही हुई है.
इस मामले में कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए गए हैं. इस मामले में ग्राम प्रधान यज्ञदत्त भुरतिया समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि 'ये कांग्रेस का पाप है और वो खुद घड़ियाली आंसू बहा रही है. कांग्रेस के ज़माने में आदिवासियों की ज़मीन ट्र्स्ट को दे दी गई थी.'
आरोप
उन्होंने कहा कि इस विवाद की शुरुआत साल 1955 से होती है जब ग्राम-समाज की ज़मीन को कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद के ट्रस्ट के नाम कर दिया गया था.
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि साल 1989 में कांग्रेस की ही सरकार ने इस ट्र्स्ट की ज़मीन को उनके परिवार के नाम कर दिया था.
उन्होंने कहा कि सोनभद्र और मिर्जापुर की तरह ही नेपाल से जुड़ी उत्तर प्रदेश की सीमा पर भी जंगल से पास के ऐसे इलाक़े हैं जहां ज़मीनों का पट्टा वहां से निवासियों को देने का काम शुरू कर दिया गया है.
बीते बुधवार को सोनभद्र ज़िले के घोरावल इलाक़े के उम्भा गांव में सामुदायिक ज़मीन पर कब्ज़े को लेकर हथियारबंद लोगों ने आदिवासियों पर हमला बोल दिया जिसमें दस लोगों की मौत हो गई थी.
इस घटना के बाद कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी पीड़ितों के परिजनों से मिलने सोनभद्र पहुंचीं लेकिन प्रशासन ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया और उन्हें चुनार गेस्ट हाउस में रखा गया.
प्रशासन ने तनाव को देखते हुए लोगों को जमा होने से रोकने के लिए सोनभद्र में धारा 144 लागू कर दी थी.
काफ़ी विवाद के बाद प्रशासन ने मारे गए लोगों के परिजनों से प्रियंका गांधी की मुलाक़ात की इजाज़त दी थी.
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