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गुजरातः घर से खींचकर दलित की चाकू से गोद कर हत्या
गुजरात के सुरेंद्र नगर ज़िले के थानगढ़ में एक दलित युवक प्रकाश कांतिभाई पर 12 जून की देर रात चाकू मारकर हत्या कर दी गई.
पुलिस के अनुसार, तीन लोगों ने प्रकाश के घर जाकर हमला किया, जिसमें प्रकाश की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि बाकी दो लोग बुरी तरह ज़ख़्मी हैं.
थानगढ़ पुलिस स्टेशन में एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है.
प्रकाश थानगढ़ में सिरैमिक कारखाने में मज़दूरी करते थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं.
प्रकाश की मौत के बाद दलित समुदाय ने पुलिस स्टेशन के सामने धरना प्रदर्शन किया और शव लेने से इनकार कर दिया था.
'घर आकर मेरे भतीजे को मार डाला'
बुधवार देर रात को थानगढ़ के मफ़तियापरा इलाके में ये घटना हुई, जिसमें प्रकाश को गंभीर चोट आई थी और उसे इलाज के लिए राजकोट ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान ही मौत हो गई.
प्रकाश के चाचा बाबूभाई परमार ने बीबीसी गुजराती से बातचीत में कहा कि 'प्रकाश और उनका परिवार अपने घर में बैठा था तभी वे लोग घर के बाहर आए और उन्होंने अपशब्द बोलना शुरू कर दिया.'
"वे लोग मुझे मारने के लिए आए थे, उन्होंने हमारी जाति को लेकर भला बुरा कहा. फिर वो मेरे भतीजे के बारे में पूछने लगे. इसकी वजह से लड़के डर गए और घर के अंदर चले गए."
वो बताते हैं, "तीन लोग मारने के लिए आए थे. उन्होंने हमें घर से खींच कर बाहर निकाला और चिल्लाने लगे कि बाबू परमार का घर बताओ. उनके हाथों में हथियार थे, जिनको देखकर लोग और डर गए और कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता. इसके बाद उन्होंने प्रकाश को मार डाला."
बाबूभाई ने कहा, "मैं आम तौर पर उनके घर (प्रकाश के) पर जाकर बैठता हूं. लेकिन उस दिन मैं बाहर से आया था और थका था इसलिए वहां नहीं जा पाया."
हत्या का कारण
बाबूभाई परमार के अनुसार, मृतक प्रकाश के छोटे भाई के साथ आरोपियों का एक साल पहले झगड़ा हुआ था.
उस वक्त भी आरोपियों ने जाति आधारित अपमान किया था और बात हाथापाई तक चली गई थी. उस दौरान इन लोगों पर एससी एसटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया था.
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधीक्षक डीवी बासिया ने बीबीसी गुजराती को बताया कि 12 जून की रात को क़रीब 9-10 बजे के आस पास ये घटना हुई.
इस घटना में काठी दरबार जाति के तीन लोगों पर दलित उत्पीड़न और हत्या का मामला दर्ज किया गया है. इस हमले में प्रकाश कांजीभाई की मौत हो गई जबकि सुरेश देवजीभाई को चोटें आई हैं.
इस मामले आरोपी नरेश दीनूभाई और देवराज दीलूभाई पर दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है.
उनके अनुसार, "हमने इस मामले में दोनों को हिरासत में ले लिया है. उस इलाक़े में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है."
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी बाइक पर रिवाल्वर, कुल्हाड़ी, पाइप और डंडे जैसे हथियारों से लैस होकर प्रकाश के घर पहुंचे थे.
और उन्होंने जाति आधारित अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. जब दलितों ने इसका विरोध किया तो नरेश ने प्रकाश की हत्या कर दी. उसके बाद बंदूक से फ़ायर भी किए. उन्होंने प्रकाश के सिर पर कुल्हाड़ी मारी थी.
'राज्य सरकार हमें सुरक्षा दे'
थानगढ़ में इससे पहले भी कथित पुलिस फ़ायरिंग में 2012 में तीन दलित लड़कों ने जान गंवाई थी.
ताज़ा घटना के बाद दलित समाज ने प्रकाश के शव को लेने से मना कर दिया था जिससे इलाके में और तनाव बढ़ गया. उन्होंने धरना प्रदर्शन कर आरोपियों को पकड़ने की मांग की.
क़रीब पांच छह घंटे तक पुलिस के साथ चली बातचीत के बाद ही परिजन पीड़ित के शव लेने को तैयार हुए.
बाबूभाई परमार का कहना है कि "वो लोग हमें बार बार परेशान करते हैं, हमें इस इलाक़े में रहना ही नहीं है. हम सरकार से चाहते हैं कि वो हमें किसी सुरक्षित जगह पर रहने की व्यवस्था करे."
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