ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला, नारों से नहीं नफ़रत वाली सोच से ऐतराज़

ममता बनर्जी

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी की विचारधारा पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी अपने स्वार्थ के लिए राजनीति में धर्म का इस्तेमाल कर रही है.

एक फ़ेसबुक पोस्ट के जरिए बीजेपी और मीडिया के एक धड़े पर उन्होंने जमकर हमला बोला.

उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी राजनीतिक पार्टी के ऐसे कार्यकर्ता जो धर्म के नाम पर लोगों को बांट रहे हो. समाज में अशांति फैला रहे हों उन पर उचित कार्रवाई करने का समय आ गया है.

धर्म और राजनीति को मिला रही है बीजेपी

अपने फ़ेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''मैं लोगों को ये बताना चाहती हूं कि कुछ बीजेपी समर्थक झूठ और नफ़रत की विचारधारा मीडिया के एक धड़े के ज़रिए फैला रहे हैं. लोगों के बीच ग़लत सूचनाएं और भ्रम तथाकथित बीजेपी मीडिया, फ़ेक वीडियो के जरिए फ़ैलाया जा रहा है, ताकि सच को दबाया जा सके.

जहां तक मीडिया की बात है हमें इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता अगर वे अपने पसंद की ऐसी ख़बरे दिखा रहे हैं.

राम मोहन राय, ईश्वरचंद्र विद्यासागर जैसे कई समाज सुधारकों का स्थान रहा बंगाल सामाजिक सामंजस्य, विकास और अपनी दूरदेशी सोच के लिए जाना जाता है. लेकिन अब बीजेपी अपनी रणनीति के तहत बंगाल को नकारात्मक तरीके से पेश कर रहा है.

मुझे किसी भी पार्टी के किसी तय नारे से परेशानी नहीं है. हर राजनीतिक पार्टी अपनी रैली में एक नारा रखती है, हर राजनितिक पार्टी के अपने नारे होते हैं. मेरी पार्टी का नारा है जय हिंद-वंदेमातरम, ऐसे ही लेफ्ट का नारा है इंकलाब ज़िंदाबाद. अन्य पार्टियों के भी अपने नारे हैं और हम इसका पूरा सम्मान करते हैं.

जय सिया राम, जय राम जी की, राम नाम सत्य है ऐसे नारों के धार्मिक और सामाजिक अर्थ हैं. हम इन भावनाओं का सम्मान करते हैं. लेकिन बीजेपी धार्मिक नारे को अपनी राजनीतिक रैलियों में इस्तेमाल करती है और ये एक ग़लत भावना के साथ किया जा रहा है. राजनीति में धर्म को मिलाया जा रहा है.

हम इस तरह के नारों का सम्मान नहीं करते जो आरएसएस द्वारा लोगों पर थोपे जा रहे हैं.

बीजेपी

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ये एक बेहद ज़रूरी वक्त है जब हमें राजनितिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए तय कार्रवाई करनी चाहिए. ऐसे कार्यकर्ताओं को रोकना चाहिए जो तथाकथित धर्म के नाम पर ग़लत विचारधाराओं को फैला करके लोगों के सामान्य जीवन में अशांति, अराजकता, हिंसा पैदा कर रहे हैं.

यदि अन्य सभी राजनीतिक दल इन प्रकार की विभाजनकारी और विघटनकारी गतिविधियों का सहारा लेना शुरू कर दें तो देश का माहौल बेहद दूषित और बदले की भावना से भर जाएगा.

हमें अपने संविधान में निहित देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बनाए रखने के लिए बीजेपी के ऐसे कदमों का बहुत दृढ़ता से विरोध करना होगा.

मैं देश और राज्य के सभी लोगों से अपील करती हूं कि वे नफ़रत की राजनीति का मुंहतोड़ जवाब दें और हमारे देश की गौरवशाली संस्कृति और विरासत का सम्मान करें.

हम अपनी संस्कृति और विरासत का सम्मान करें.

जय हिंद, जय बंगला. जोयो ही''

क्या है ये मामला?

पश्चिम बंगाल में पुलिस ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी के काफिले के सामने जय श्रीराम का नारा लगाने के आरोप में कम से कम सात लोगों को हिरासत में लिया गया है.

इनमें से दो युवकों को मुख्यमंत्री का काफिला रोकने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

ममता बनर्जी

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यह घटना गुरुवार को उस समय हुई जब ममता बनर्जी तृणमूल के एक धरना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तर 24-परगना ज़िले के नैहाटी जा रही थीं. इससे पहले मेदिनीपुर ज़िले में भी ममता के काफ़िले के गुजरते समय जय श्रीराम का नारा लगाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

ममता के नैहाटी जाते समय भाटपाड़ा के पास काकीनाड़ा जूट मिल के सामने सड़क के किनारे जुटे बीजेपी समर्थकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए. इससे भड़कीं ममता ने फौरन अपनी कार रुकवाई और बाहर निकलीं.

सोशल मीडिया में जो वीडियो चल रहा है उसमें मीडिया को लोगों पर गुस्सा होते हुए देखा जा सकता है. ममता कह रही हैं, "कौन है क्रिमिनल? सामने आए." उन्होंने अपने साथ के अधिकारियों को उन तमाम लोगों के नाम-पते लिखने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा, "आपलोग दूसरे राज्य से यहां आते और रहते हैं और जय श्रीराम का नारा लगाते हैं. मैं सबकुछ बंद कर दूंगी."

इसके बाद पुलिस मे कम से कम 10 लोगों को स्थानीय अपराध के मामले में गिरफ़्तार किया. लेकिन बीजेपी ने दावा किया कि इन 10 लोगों को इसलिए गिरफ़्तार किया गया क्योंकि इन लोगों ने ममता बनर्जी के काफ़िले के सामने 'जय श्री राम' के नारे लगाए.

नारे लगाने वालों को डांटने के बाद ममता जैसे ही कार में चढ़ने लगीं उसी समय कुछ लोगों ने फिर जय श्री राम के नारे लगाए.

इससे उत्तेजित ममता दोबारा नीचे उतरीं और कहने लगी कि जिसने नारा लगाया है हिम्मत है तो वह सामने आए. कुछ देर तक डांटने और धमकाने के बाद ममता का काफिला आगे रवाना हो गया.

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