नंदा देवी: लापता पर्वतारोहियों में से चार मिले, आठ लापता

भारत के दूसरे सबसे ऊंचे पर्वत नंदा देवी की चढ़ाई कर रहा 12 पर्वतारोहियों का एक दल लापता हो गया था, इनमें से चार पर्वतारोहियों को बचाया गया है. भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर भी तलाश अभियान में जुटे हैं.

इंडो तिब्बतन बार्डर पुलिस के मुताबिक जिन चार पर्वतारोहियों को बचाया गया है उनका इलाज किया जा रहा है. इन्हें नंदा देवी बेस कैंप से पिथौरागढ़ लाया गया है. आईटीबीपी का दल कल से खोज अभियान में लगा है.

जो आठ पर्वतारोही लापता हैं उनमें चार ब्रिटेन के हैं, दो अमरीका के और एक ऑस्ट्रेलिया से हैं. एक भारतीय पर्वतारोही भी लापता है.

इस दल ने 13 मई को नंदा देवी पर्वत पर चढ़ाई शुरू की थी. इस दल को शुक्रवार को वापस बेस कैंप पर लौटना था.

अधिकारियों का कहना है कि इस 7816 मीटर ऊंचे पर्वत पर हिमस्खलन के संकेत मिले हैं.

जिन चार पर्वतारोहियों को बेस कैंप से पिथौरागढ़ लाया गया है वो चारों ब्रिटेन के रहने वाले हैं. आईटीबीपी के मुताबिक ज़ैकरी क्वेन, केट आर्मस्ट्रोन, इयान वेड और मार्क टोमास को सुरक्षित पिथौरागढ़ लाया गया है.

आपात सेवा दल ने शनिवार को लापता दल की तलाश शुरू की थी लेकिन ख़राब मौसम की वजह से शाम को दल को वापस लौटना पड़ा था.

भारतीय वायुसेना ने रविवार सुबह दो हेलीकॉप्टर खोजी अभियान में लगाए.

लापता पर्वतारोहियों के दल का नेतृत्व अनुभवी ब्रितानी पर्वतारोही मार्टिन मोरान कर रहे थे. स्कॉटलैंड में स्थित उनकी कंपनी मोरान माउंटेन ने हिमालय में कई पर्वतारोहण अभियान किए हैं.

मोरान माउंटेन ने शनिवार को पुष्टि की थी कि वह भारतीय अधिकारियों और ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ़ माउंटेन गाइड्स के साथ मिलकर नंदा देवी इस्ट एक्सपेडीशन टीम के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है.

रविवार को मोरान माउंटेन की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि जिस रास्ते से दल को जाना था वहां हिमस्खलन के स्पष्ट सबूत मिले हैं.

हिमस्खलन के सबूत

बयान में कहा गया है, "आज हमें भारतीय प्रवतारोहण फ़ेडरेशन ने बताया है कि हवाई सर्वेक्षण में हिमस्खलन के स्तर का पता चला है लेकिन दल के बारे में कोई संकेत नहीं मिला है. उनका टेंट या सामान भी नहीं मिला है."

मोरान माउंटेन के फ़ेसबुक पेज पर इस दल के अभियान शुरू करने से पहले की तस्वीरें पोस्ट की गईं हैं.

इन तस्वीरों में दल को नीम करोली बाबा मंदिर से अपनी यात्रा शुरू करते हुए दिखाया गया है.

22 मई को पोस्ट किए गए एक अपडेट में बताया गया था कि ये दल पर्वत की उस चोटी की चढ़ाई का प्रयास करेगा जिस पर पहले कोई नहीं चढ़ सका है.

ब्रितानी विदेश विभाग का कहना है कि वो लापत दल को लेकर भारतीय अधिकारियों के संपर्क में है.

एक प्रवक्ता ने कहा, "हम ब्रितानी लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास करेंगे."

नंदा देवी दुनिया का 23वां सबसे ऊंचा पर्वत है. साल 1936 में इस पर सबसे पहले चढ़ाई की गई थी.

पर्वतारोहण के लिहाज से इसे बेहद मुश्किल चोटी माना जाता है और यही वजह है कि अन्य पर्वतों के मुकाबले इस पर कम पर्वतारोही आते हैं.

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