लोकसभा चुनाव 2019: बिहार में नीतीश-मोदी-पासवान गठबंधन डबल डिजिट में भी नहीं जा सकेगा - रघुवंश प्रसाद

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    • Author, प्रदीप कुमार
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण में बिहार की जिन आठ सीटों पर मत डाले जाएंगे उनमें से एक वैशाली है. यहां से महागठबंधन के प्रत्याशी राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह हैं. पांच बार इसी सीट से वे लोकसभा पहुंच चुके हैं.

राज्य और केंद्र में कई विभागों के मंत्री के रूप में काम कर चुके रघुवंश प्रसाद ने बीबीसी से कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान एनडीए यहां डबल डिजिट में भी नहीं जा सकेगा.

वे कहते हैं, "2014 के चुनाव में बिहार की 40 सीटों में से एनडीए के पास 32 सीटें थीं लेकिन 2019 के चुनावों में एनडीए को यहां 10 से भी कम सीटें मिलेंगी."

चार दशकों से जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे रघुवंश प्रसाद कहते हैं, "बिहार में महागठबंधन की भारी जीत है. एनडीए का खाता खुलना भी मुश्किल है."

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72 वर्षीय रघुवंश प्रसाद कहते हैं, कि लोग केंद्र की सरकार से धोखा खा चुके हैं, इसलिए भारी बहुमत से महागठबंधन की जीत होगी.

वो कहते हैं, "लोग नरेंद्र मोदी की सरकार से त्रस्त हो गए हैं. जनता ने उन्हें भारी बहुमत से जिताया था लेकिन उन्होंने एक भी वादा पूरा नहीं किया. घोषणाओं का कार्यान्वयन नहीं किया गया. बेरोज़गारी, महंगाई, पेट्रोल, डीजल का सवाल. उन्होंने देश की बर्बादी की है. जो नोटबंदी, जीएसटी से बर्बादी हुई है. ये फरेब, झूठ कह कर जनता को बरगलाने वाले हैं."

"हम उस धारा के लोग हैं जिसमें जयप्रकाश नारायण, डॉ. राम मनोहर लोहिया, महात्मा गांधी, बाबा साहेब आंबेडकर, चौधरी चरण सिंह, जननायक कर्पूरी ठाकुर सरीखे लोग रह चुके हैं. हम पार्टी बनाकर उस पर कायम हैं."

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लालू-तेजस्वी पर क्या बोले रघुवंश प्रसाद?

चारा घोटाले के कई मामलों में दोषी साबित होने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव जेल में हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या लालू यादव की कमी महसूस कर रहे हैं और क्या अपने लोग ही चुनौती दे रहे हैं?

रघुवंश प्रसाद ने कहा कि "कहीं कोई चुनौती नहीं है." लालू यादव की कमी पर वो बोले, "उनकी कमी निश्चित तौर पर महसूस हो रही है. हालांकि इससे भारी सहानुभूति और समर्थन मिल रहा है. जनता यह जान गई है कि सरकार चला रही पार्टी विभिन्न जांच एजेंसियों के जरिए उनके परिवार को बिखेरना चाहती है."

लालू यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी के अब तक के सियासी सफ़र और वर्तमान स्थिति को वो कैसे देखते हैं? रघुवंश प्रसाद ने कहा कि तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका अच्छी तरह निभा रहे हैं. अपना काम अच्छे से कर रहे हैं.

नीतीश कुमार

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'गठबंधन अभी खुले ढांचे में'

गठबंधन की एकजुटता से जुड़े सवाल पर रघुवंश प्रसाद ने कहा कि गठबंधन अभी खुले ढांचे में है जो चुनाव बाद मजबूती से जुड़ जाएगा. कॉमन मिनिमम प्रोग्राम होगा, समन्वय समिति बनेगी.

2015 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस का गठबंधन हुआ और बिहार की 243 में से 178 सीटें इनकी झोली में आ गिरी.

नीतीश कुमार 22 फ़रवरी 2015 को राज्य के मुख्यमंत्री बने लेकिन 26 जुलाई, 2017 को उन्होंने इस्तीफ़ा देते हुए एक बार फिर एनडीए का दामन थाम लिया.

नीतीश कुमार से जुड़ा सवाल पूछने पर रघुवंश प्रसाद बोले, "जनता दल यूनाइटेड ने धोखा दिया. लोग एक बार धोखा खा गये, दोबारा धोखा नहीं खाना है. इस बार नीतीश कुमार का खाता भी नहीं खुलेगा."

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वैशाली में 12 मई को मतदान

बिहार के वैशाली में लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान छठे चरण के दौरान 12 मई को मत डाले जाएंगे.

इसी सीट से 1996 से 2009 तक लगातार पांच बार लोकसभा चुनाव जीतने के बाद रघुवंश प्रसाद 2014 में लोक जन शक्ति पार्टी (एलजेपी) के राम किशोर सिंह से चुनाव हार गए थे.

आरजेडी का यह कद्दावर नेता एक बार फिर इस लोकसभा क्षेत्र से मैदान में हैं और इस बार उनके मुक़ाबले एलजेपी ने वीणा देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है.

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