मोदी को चुनाव आयोग से क्लीन चिट मिलने का सिलसिला जारी: आज की पांच बड़ी ख़बरें.

अमित शाह और नरेंद्र मोदी

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चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मामले में क्लीन चिट दी है. इन दोनों नेताओं पर दो रैलियों के दौरान आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के दो मामले थे.

25 अप्रैल को नरेंद्र मोदी ने वाराणसी की एक रैली में कहा था, ''उन्होंने हमारे 40 जवान मारे हमने बदल में उनके 42 जवानों को मार गिराया ''

वहीं, 6 अप्रैल को महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक चुनावी भाषण में उन्होंने कांग्रेस को ''डुबता टाइटैनिक '' बताया था.

आयोग ने कहा है कि ''मौजूदा परामर्शों, आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच की गई. पूरी ट्रांसक्रिप्ट की जांच के बाद आयोग का विचार है कि इस मामले में किसी भी तरह के मौजूदा परामर्श/प्रावधानों का उल्लंघन नहीं किया गया है.''

इससे पहले आयोग तीन मामले में प्रधानमंत्री मोदी को क्लीन चिट दे चुका है.

इसके अलावा अमित शाह को पश्चिम बंगाल और नागरपुर में की गई रैली में दिए गए भाषण पर आयोग ने क्लीन चिट दी है. शाह ने नागपुर में राहुल गांधी के वायनाड रैली पर कहा था, '' समझ नहीं आ रहा था कि ये जूलूस भारत में निकला था या पाकिस्तान में. ''

बंगाल के कृष्णानगर में शाह ने पुलवामा हमले पर कहा था, "पुलवामा में हमारे 40 जवान शहीद हो गए, पहले ऐसी घटनाओं के बाद कुछ भी नहीं होता था. नरेंद्र मोदी ने घटना के 13वें दिन अपनी वायुसेना को आदेश दिया और हमारे विमान ने पाकिस्तान में आतंकवादियों को उड़ा दिया.''

बंगाल पहुंचा फणी

फणी तूफ़ान

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बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफ़ान फणी ओडिशा के बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल पहुंच चुका है.

मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा में प्रवेश करने के बाद ये भयंकर चक्रवाती तूफ़ान अपेक्षाकृत कमजोर हो गया था.

ओडिशा के बालासोर से होकर 'चक्रवाती तूफ़ान फणी रात 12.30 बजे बंगाल में प्रवेश किया.

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के उप महानिदेशक संजीब बंद्योपाध्याय के मुताबिक खड़गपुर में हवा की रफ़्तार 70-80 किमी प्रति घंटे रही जो अधिकतम 90 किमी प्रति घंटे तक गई.

शुक्रवार को ये तूफ़ान पुरी तट से टकराया जहां हवा की रफ़्तार 165 से 175 किलोमीटर प्रति घंटा के क़रीब थी. इस तूफ़ान में ओडिशा में अब तक तीन लोगों की मौत हे चुकी है.

दक्षिण भारत में चरमपंथी संगठनों के तार खोज रही एनआईए

ज़हरान हाशिम

तमिलनाडु में पापुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के बीस ठिकानों पर छापेमारी के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अब इस संगठन और स्वघोषित चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट के बीच संबंधों की जांच कर रही है.

एनआईए को तमिलनाडु में ही जांच के दौरान श्रीलंका हमले के मुख्य अभियुक्त के बारे में जानकारी मिली थी जो एनआईए ने श्रीलंका के साथ साझा की थी. हालांकि भारत की ओर से ख़ुफ़िया जानकारी दिए जाने के बावजूद श्रीलंका में हमला रोका नहीं जा सकता था.

आम आदमी पार्टी का विधायक बीजेपी में पहुंचा

आप विधायक अनिल बाजपाई

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भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय गोयल के ये दावा करने के बाद कि आम आदमी पार्टी के 14 विधायक उनके संपर्क में हैं, एक आप विधायक ने भाजपा का दामन थाम लिया है. इससे कुछ घंटे पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि आप के विधायक को ख़रीदना आसान नहीं हैं. वहीं कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि आप के नेता भाजपा में ही क्यों जा रहे हैं.

एक ट्वीट में केजरीवाल ने कहा था, "मोदी जी क्या आप हर विपक्षी पार्टी के विधायकों को ख़रीदकर सरकारें गिराएंगे? क्या यही आपके लोकतंत्र की परिभाषा है? आपके पास विधायक ख़रीदने के लिए इतना पैसा आता कहां से हैं? आपने हमारे विधायकों को ख़रीदने की पहले भी कई बार कोशिश की है लेकिन आप वालों ख़रीदना इतना आसान नहीं है."

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केजरीवाल के इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही दिल्ली के गांधी नगर इलाक़े से आप विधायक अनिल बाजपाई ने भाजपा का दामन थाम लिया. बाजपाई का कहना है कि आप अपने मार्ग से भटक गई है. हाल ही में आप के तीन पार्षदों भी भाजपा में शामिल हो गए हैं. चुनावी मौसम में नेताओं का पार्टी बदलना वैसे कोई नई बात भी नहीं है.

इबोला से एक हज़ार की मौत

इबोला

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डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कॉन्गो में इबोला की वजह से अब तक एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक़ इलाके में लगातार जारी हिंसा के कारण इबोला को फैलने से रोकने की कोशिशों में दिक्कत हो रही है.

पूर्वी कॉन्गो में कई विद्रोही समूह सक्रिय हैं और यहां लोगों में स्वास्थ्यकर्मियों को लेकर भरोसे की बेहद कमी है. कॉन्गो में अब भी कई लोग ये मानने से इनकार कर रहे हैं कि इबोला वायरस जैसी कोई चीज़ वाक़ई में है.

हाल के कुछ महीनों में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर हमला किया जा चुका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के उप महानिदेशक डॉक्टर माइकल रेयान ने इलाके में जारी हिंसा पर चिंता जताई.

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