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'मोदी जी की सेना' कहने पर योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग की नसीहत
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने भाषणों को लेकर सचेत रहने के लिए कहा है. योगी आदित्यनाथ को एक भाषण के दौरान 'मोदी जी की सेना' कहने के बाद ये नसीहत दी गई है.
चुनाव आयोग ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को सेना से जुड़े संदर्भों का राजनीतिक उद्देश्यों हेतु प्रयोग न करने एवं भविष्य में सचेत रहने की सलाह दी जाती है.
योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान ग़ाज़ियाबाद में एक रैली में भारतीय सेना के लिए 'मोदी जी की सेना' शब्द का इस्तेमाल किया था. विपक्ष ने इसे सेना का अपमान और राजनीतिक इस्तेमाल बताते हुए विरोध किया था.
ग़ाज़ियाबाद में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ''कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते थे और 'मोदी जी की सेना' उन्हें सिर्फ़ गोली और गोला देती है. यह अंतर है.''
योगी आदित्यनाथ ने रखा था पक्ष
इसके बयान पर चुनाव आयोग ने योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी किया था. आयोग का कहना था कि उनका बयान आयोग के इस दिशानिर्देश का उल्लंघन है कि चुनावी भाषणों में रक्षा सेनाओं का ज़िक्र नहीं किया जाएगा.
अब चुनाव आयोग ने अपने आदेश में दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए लिखा है, ''रक्षा-प्रतिष्ठान देश की सीमा, सुरक्षा एवं राजनीतिक तंत्र के संरक्षक होने के साथ-साथ आधुनिक लोकतंत्र में अराजनीतिक एवं तटस्थ भागीदारी है इसलिए यह आवश्यक है कि राजनीतिक दल और राजनेता अपने राजनीतिक- अभियानों में सैन्य बलों का कोई भी संदर्भ देते समय बहुत सावधानी बरतें.''
चुनाव आयोग के नोटिस पर योगी आदित्यनाथ ने अपना पक्ष रखते हुए बताया है कि उन्होंने देश की सुरक्षा के प्रति इस सरकार की प्रतिबद्धता को आम बोलचाल की भाषा में स्पष्ट करने का प्रयास किया था.
योगी आदित्यनाथ ने कहा है, ''उपर्युक्त संबोधन के संदर्भित अंश में मेरे द्वारा पूवर्वर्ती भारत सरकार तथा वर्तमान भारत सरकार द्वारा आतंकवादियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की तुलना करते हुए वास्तविक तथ्यों को आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया गया है.. उक्त संबोधन में आम जनता के समक्ष सरल व आम बोल-चाल की भाषा में मेरे द्वारा यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि जहां पूर्ववर्ती भारत सरकार का आतंकवादियों के विरुद्ध दृष्टिकोण अत्यंत नरम था, वहीं वर्तमान भारत सरकार द्वारा आतंकवादियों के विरुद्ध सख़्त रुख अपनाते हुए कठोर कार्यवाही की गई है.''
योगी की सफ़ाई, ईसी को रास नहीं आई
हालांकि, चुनाव आयोग को योगी आदित्यनाथ का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं लगा.
चुनाव आयोग ने कहा, ''उनका स्पष्टीकरण दिशा निर्देश के अनुरूप नहीं है."
चुनाव आयोग ने लिखा है, "चूंकि श्री योगी वरिष्ठ नेता हैं, अतएव उन्हें अपने राजनीतिक संबोधनों में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए थी.. उन्हें सेना से जुड़े संदर्भों का राजनीतिक उद्देश्यों हेतु प्रयोग नहीं करने एवं भविष्य में सचेत रहने की सलाह दी जाती है."
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