You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
योगी आदित्यनाथ के 'नोट के बदले वोट' वाले वीडियो का सच
- Author, फ़ैक्ट चेक टीम
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
लोकसभा चुनाव-2019 के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने वोटर्स को रिश्वत देने की कोशिश की.
क़रीब डेढ़ मिनट के इस वायरल वीडियो में आदित्यनाथ योगी आराम-कुर्सी पर बैठे हुए दिखाई देते हैं और उनके बगल में खड़ा एक शख़्स लोगों को नाम से बुलाकर उन्हें पैसे दे रहा है.
वीडियो में दिखता है कि अधिकांश लोग पैसे मिलने के बाद आदित्यनाथ योगी के आगे हाथ जोड़ते हैं और उनके पाँव को भी हाथ लगाते हैं.
फ़ेसबुक पर 'I support Ravish kumar NDTV' नाम के एक पब्लिक ग्रुप में इस वीडियो को हाल ही में शेयर किया गया था जहाँ से 70 हज़ार से ज़्यादा लोग इसे शेयर कर चुके हैं.
बीते कुछ दिनों में ट्विटर और व्हॉट्सऐप पर भी इस वीडियो को काफ़ी शेयर किया गया है.
लोगों ने इस वीडियो के आधार पर ये सवाल उठाया है कि 'अगर आगामी चुनाव से पहले यह सब हो रहा है, तो भारत का चुनाव आयोग क्या कर रहा है?'
लेकिन अपनी पड़ताल में हमने पाया कि लाखों बार देखे जा चुके इस वीडियो का आगामी लोकसभा चुनाव से कोई वास्ता नहीं है.
पुराना है ये वीडियो
वायरल हो रहे वीडियो को 'Amit Shah Fans' नाम के एक फ़ेसबुक पेज से लिया गया है जिसे क़रीब 6 लाख लोग फ़ॉलो करते हैं.
इस पेज पर यह वीडियो 13 मार्च 2019 की शाम को 'ओल्ड इज़ गोल्ड' टाइटल के साथ पोस्ट किया गया था जिसे अब तक 17 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है और 6 हज़ार से ज़्यादा लोग इसे शेयर कर चुके हैं.
इस वीडियो को ग़ौर से देखने पर पता चलता है कि आदित्यनाथ योगी के बगल में खड़ा शख़्स लोगों को जो नोट बाँट रहा है वो 2016 में नोटबंदी के दौरान बंद हुए पुराने 500 के नोट हैं.
वीडियो के फ़्रेंम सर्च करने पर हमें अप्रैल 2012 में यू-ट्यूब पर अपलोड हुआ यही वीडियो मिला.
उस समय आदित्यनाथ योगी उत्तर प्रदेश की गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद थे.
इस वीडियो को साल 2012 में विनय कुमार गौतम नाम के एक यू-ट्यूबर ने पोस्ट किया था.
विनय कुमार गौतम कहते हैं कि जब तक आदित्यनाथ योगी सांसद के तौर पर गोरखपुर में रहे, वो उनकी टीम के कैमरापर्सन थे.
गौतम ने बीबीसी को बताया, "अप्रैल 2012 में गोरखपुर ज़िले के कई खेतों में आग लग गई थी. गोरखपुर से उस समय के सांसद आदित्यनाथ योगी ने पीड़ित किसानों को कुछ सहायता राशि दिलवाई थी. हर पीड़ित परिवार को क्षति के आधार पर डेढ-दो हज़ार रुपये दिए गए थे".
हमने इस घटना की अधिक जानकारी के लिए आदित्यनाथ योगी के दफ़्तर में बात करने की कोशिश भी की. उनका जवाब मिलने पर हम उसे इस कहानी में जोड़ेंगे.
(इस लिंक पर क्लिक करके भी आप हमसे जुड़ सकते हैं)
- पढ़ें फ़ैक्ट चेक की सभी कहानियाँ एक साथ - फ़ैक्ट चेक- जानें फ़र्ज़ी ख़बरों और दावों का सच
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)