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अमरीका से समुद्र में काम करने वाला बेहतरीन 24 MH 60R हेलिकॉप्टर खरीदेगा भारत
अमरीका भारत को 24 MH 60R 'रोमियो' सीहॉक हेलिकॉप्टर बेचने के लिए तैयार हो गया है.
अमरीकी विदेश विभाग ने कहा कि 260 करोड़ अमरीकी डॉलर की कीमत पर हेलिकॉप्टरों की बिक्री का फ़ैसला दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को मज़बूत बनाने के लिए लिया गया है.
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि इस संबंध में एक प्रस्ताव को संसद के पास भेजा गया है.
अमरीका का कहना है कि भारत सरकार ने मल्टी-मोड रडार, मल्टी-स्पेक्ट्रल टार्गेटिंग सिस्टम और सटीक मार कर सकने वाले वीपन सिस्टम (जिसमें हैलफायर एंटी सरफेस शामिल है) से लैस 24 MH 60R मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर के लिए गुज़ारिश की थी.
अमरीका के अनुसार भारत इसकी मारक क्षमता से अपनी सरज़मीन की रक्षा को और मज़बूत कर सकेगा और इसके साथ भारत को एंटी-सरफेस और एंटी-सबमरीन अभियानों के लिए बेहतर क्षमता मिलेगी. आपदा के वक्त ये हेलिकॉटर खोज और बचाव कार्य में भी काफी मदद कर सकता है.
24 MH 60R 'रोमियो' सीहॉक हेलिकॉप्टर
ये ख़ास हेलीकॉप्टर न्यूयॉर्क स्थित लॉकहीड मार्टिन रोटरी और मिशन सिस्टम नाम की कंपनी ने बनाई है.
वो इसे समुद्र में काम करने वाला दुनिया का सबसे अच्छा हेलिकॉप्टर कहती है जिसे ख़ास तौर पर समुद्री जहाज़ से उड़ने और उतरने के लिए बनाया गया है.
अमरीकी नौसेना इसका इस्तेमाल एंटी सबमरीन हंटर हेलिकॉप्टर यानी समुद्र में पनडुब्बियों की तलाश के लिए करती है.
इसके कॉकपिट में दो कंट्रोल हैं जिसका मतलब है कि ज़रूरत पड़ने पर को-पायलट भी हेलिकॉप्टर का पूरा नियंत्रण संभाल सकता है.
इसमें इस्तेमाल की गई तकनीक से अंधेरे और तेज़ धूप में कॉकपिट में मौजूद सभी उपकरणों को आसानी से देखा जा सकता है.
MH 60R सीहॉक हेलिकॉप्टर में आधुनिक जीपीएस सिस्टम के साथ-साथ मिसाइल वाहक क्षमता भी है और कठिन से कठिन हालात में उड़ान भर सकता है.
उड़ान भरते वक्त ये हेलिकॉप्टर 8 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से सीधे ऊपर उठ सकता है और अधिकतम 267 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है.
तकरीबन सात हज़ार किलोग्राम का ये हेलिकॉप्टर एक बार में दस टन तक सामान ले जा सकता है.
कंपनी के अनुसार दुनिया में फिलहाल 300 से अधिक MH 60R हेलिकॉप्टर सेवा में हैं.
एयरफोर्स टेक्नोलॉजी के अनुसार ये हेलिकॉप्टर 2001 में बनाया गया था और पहली बार अमरीकी ने 2005 में इसका इस्तेमाल किया था. इसके बाद बड़ी तादाद में इसके उत्पादन को मंजूरी दी गई थी.
भारत से पहले ऑस्ट्रेलिया ने अमरीका के साथ 24 MH 60R सीहॉक हेलिकॉप्टर खरीदे थे, हालांकि अपनी स्वायत्तता बरकरार रखने के लिए उसने इसके डिज़ाइन में कुछ बदलाव किये थे.
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