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लोकसभा चुनाव 2019: राहुल गांधी की बड़ी चुनावी घोषणा, कांग्रेस आती है तो ग़रीब परिवारों को मिलेंगे 72,000 रुपये सालाना
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि अगर उनकी सरकार आई तो सबसे ग़रीब 20 प्रतिशत परिवारों को सालाना 72,000 रुपए दिए जाएंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस 21वीं सदी में इस देश से ग़रीबी को हमेशा के लिए मिटाना चाहती है और ग़रीबों को 6,000 रुपए महीने दिया जा सकता है.
राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस न्यूनतम आय योजना को लागू करेगी. उन्होंने बताया कि देश भर में न्यूतम आय 12 हजार रुपये महीना होना चाहिए.
उन्होंने कहा, "इस तक पहुंचने के लिए कांग्रेस पार्टी सरकार में आने पर देश की 20 फ़ीसदी निर्धन परिवारों को 72 हज़ार रुपये सालाना की मदद करेगी. यानी छह हज़ार रुपये की मदद की जाएगी."
उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों को पैसे दे सकते हैं तो हम ग़रीबों के लिए ये कर सकते हैं.
किसानों को मोदी सरकार की ओर से घोषित छह हज़ार रुपये की सालाना मदद पर तंज कसते हुए राहुल ने कहा कि 3.5 रुपये प्रति दिन दिए जाते हैं और प्राईवेट हवाई जहाज़ वालों को करोड़ों रुपये दे दिए जाते हैं.
ये पूछे जाने पर कि ये स्कीम के लिए पैसा कहां जाएगा, उन्होंने कहा, "हम चार पांच महीने से स्टडी कर रहे हैं, हमने दुनिया के अर्थशास्त्रियों से बात करने के बाद इसे तैयार किया है. हमारे पास सारी कैल्कुलेशन है."
दरअसल, राहुल गांधी ने जो घोषणा की है, उसके बारे में दो महीने पहले ही उन्होंने छत्तीसगढ़ के रायपुर में कहा था कि कांग्रेस लोगों को न्यूनतम आय की गारंटी देने वाली योजना पर काम कर रही है.
कांग्रेस एक तरफ इसे ऐतिहासिक योजना बता रही है लेकिन एक अहम सवाल ये बना हुआ है कि इसके लिए संसाधन कहां से जुटाए जाएंगे.
राहुल गांधी ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "ये योजना डूएबल है, हम इसे लागू कर सकते हैं, हमने पड़ताल की है."
लेकिन कांग्रेस के दावे से इतर इस नीति पर सवाल उठाने वाले भी कम नहीं हैं. बीबीसी के सौतिक विश्वास से एमआईटी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अभिजीत विनायक बनर्जी ने कहा, "न्यूनतम आय योजना नैतिक रूप से तो बहुत अच्छा है, इसके लिए काफी सहानुभूति हो सकती है. लेकिन इसे भारत जैसे विशाल देश में लागू करने में काफ़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा."
25 करोड़ लोगों को फ़ायदा मिलने का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा में हमने 14 करोड़ लोगों को ग़रीबी से बाहर निकाला. उन्होंने कहा,"हमने मनरेगा दिया था. हम ये भी करके दिखा देंगे."
"अब ये दूसरा चरण है, अब हम 25 करोड़ लोगों की ग़रीबी ख़त्म करेंगे. हम देश में गरीबी का पूरा ख़ात्मा करना चाहते हैं."
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में सभी लोग काम कर रहे हैं लेकिन बहुत से लोगों की आमदनी बहुत कम है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "अगर आपकी आमदनी 12,000 रुपए से कम है तो हम उसे वहाँ तक पहुँचा देंगे."
उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस देश का झंडा एक है मगर प्रधानमंत्री की राजनीति से दो हिंदोस्तान बन रहा है - एक अमीरों का और दूसरा गरीबों का, नौजवानों का.
उन्होंने दावा किया कि ये कोई स्कीम नहीं है, बल्कि गरीबी के ख़िलाफ़ अंतिम लड़ाई है.
उधर बीजेपी नेता राम माधव ने इन दावों पर तंज कसते हुए सवाल किए हैं.
राम माधव ने ट्वीट किया है कि 'अगर आप अपनी हार को लेकर निश्चित हैं तो आप चांद तारे लाने का भी वादा कर सकते हैं. इसे कौन गंभीरता से लेता है. पहले ही अलग अलग योजनाओं से ग़रीब परिवारों को काफ़ी मदद मिलती है. क्या ये नई घोषणा उनसे अलग है या उनको भी इसमें शामिल कर लिया जाएगा?
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