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अमित शाह ख़ुश हुए पर शीला दीक्षित बोलीं ऐसा नहीं कहा
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के एक बयान को पीएम मोदी के समर्थन में दिया बताया जा रहा है.
शीला दीक्षित ने न्यूज़ 18 को एक इंटरव्यू दिया है. इसी इंटरव्यू में एक सवाल पर दिया गया उनका जवाब काफ़ी सुर्खियां बटोर रहा है.
इंटरव्यू शीला दीक्षित कहा है, ''पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सीमा पार चरमपंथ से निपटने में वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह शायद मज़बूत नहीं थे. लेकिन यह भी मानना है कि ये सब राजनीति साधने के लिए किया जा रहा है.''
इंटरव्यू में जब शीला दीक्षित से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारत हमेशा सुरक्षित रहा है.
लेकिन जब यह पूछा गया कि कुछ लोग यह कह कर यूपीए सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि 2008 में हुए मुंबई हमले का उचित जवाब नहीं दिया गया.
मीडिया में शीला दीक्षित के इस बयान के आते ही कड़ी प्रतिक्रियाएं आने लगीं.
सबसे पहली प्रतिक्रिया दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की आई.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा.
सिसोदिया के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि कांग्रेस और बीजेपी में कुछ तो खिचड़ी पक रही है.
हालांकि, शीला दीक्षित की मोदी पर इस प्रतिक्रिया के बाद जब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं तो उन्होंने (शीला दीक्षित ने) न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा कि, "अप्रासंगिक चीज़ें कही जा रही हैं."
शीला दीक्षित ने ट्वीट करके भी अपनी सफ़ाई दी.
उन्होंने लिखा, "मीडिया मेरे इंटरव्यू को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा है. मैंने कहा था कि कुछ लोगों को लग सकता है कि मोदी आतंक पर मज़बूत हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक चुनावी नौटंकी है."
दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, "मैंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमेशा एक चिंता का विषय रही है और इंदिरा जी इसे लेकर एक मज़बूत नेता रही हैं."
इसके बाद इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार वीर सांघवी ने भी ट्वीट कर लिखा कि जो कुछ शीला दीक्षित ने ट्वीट किया वो बिल्कुल सही है और इसे अलग मुद्दे से जोड़ कर न देखें.
सांघवी ने फिर इंटरव्यू के उस हिस्से की ट्रांसक्रिप्ट को ट्वीट किया. जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि पूरा मामला क्या है.
जब सांघवी ने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर किए गए एयर स्ट्राइक पर सवाल पूछा तो शीला दीक्षित ने कहा कि यह तो कोई भी करता.
फिर संघवी ने पूछा कि मनमोहन सिंह ने तो नहीं किया मुंबई पर हुए हमलों के बाद?
इस पर शीला दीक्षित ने कहा, "मनमोहन सिंह... हां मैं आपकी बात मानती हूं कि वो शायद मोदी जैसे मजबूत और दृढ़ नहीं थे लेकिन यह भी धारणा है कि उन्होंने यह सब राजनीति के लिए किया है. न कि वो ऐसा ही करना चाहते थे."
हालांकि शीला दीक्षित के ट्वीट कर सफ़ाई देने के बावजूद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उनके बयान के लिए धन्यवाद दिया और ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि देश को पहले से पता है लेकिन कांग्रेस पार्टी इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है.
अमित शाह का ट्वीट जब आया तो एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि बीजेपी-कांग्रेस का गठबंधन सामने आ गया.
दरअसल, पिछले कई महीनों से अरविंद केजरीवाल कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की चाहत खुलेआम जताते रहे लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह घोषणा कर दी कि वो दिल्ली की सभी सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे.
इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आम आदमी पार्टी बिना कांग्रेस के सभी सात सीटों पर जीतेगी.
हालांकि इस दौरान दोनों पार्टी एक दूसरे पर प्रत्यक्ष हमला करने से बचते रहे हैं. गौरतलब है कि दिल्ली में 12 मई को लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे.
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