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पुलवामा हमले के लिए दिग्विजय के 'दुर्घटना' शब्द पर हंगामा
भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने मंगलवार को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया है कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या भी एक दुर्घटना थी?
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने अपने एक ट्वीट में पुलवामा में सीआरपीएफ़ के एक काफ़िले पर हुए चरमपंथी हमले के लिए 'दुर्घटना' शब्द का इस्तेमाल किया था.
इसी पर वीके सिंह ने पलटवार किया है. हालांकि बाद में दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह आतंकी हमला है, लेकिन दुर्घटना वाले ट्वीट को हटाया नहीं है.
बीते कुछ दिनों से बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.
दिग्विजिय सिंह ने आख़िर क्या बोला?
कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, "मोदी जी सवाल ना सियासत का है ना सत्ता का. सवाल उन बिलखती बहनों का है जिन्होंने अपने भाई खोए हैं. सवाल उस मॉं का है जिसके लाड़ले की शहादत हुई है और सवाल उस वीरांगना का है जिसने अपना पति खोया है. इनके सवालों का जवाब आप कब देंगे?''
दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा है, ''प्रधानमंत्री जी आपकी सरकार के कुछ मंत्री कहते हैं 300 आतंकवादी मारे गए. भाजपा अध्यक्ष कहते हैं 250 मारे हैं. योगी आदित्यनाथ कहते हैं 400 मारे गए और आपके मंत्री एसएस अहलूवालिया कहते एक भी नहीं मरा. आप इस विषय में मौन हैं. देश जानना चाहता है कि इसमें झूठा कौन है."
14 फ़रवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले में आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ़ के 40 से ज़्यादा जवानों की मौत हो गई थी. इस हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.
इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के बालाकोट में चल रहे चरमपंथियों के शिविरों पर हवाई हमले का दावा किया लेकिन पाकिस्तान ने इसे महज नियंत्रण रेखा का उल्लंघन बताया है.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया है कि इस हमले में पाकिस्तान के 250 चरमपंथी मारे गए.
इसके साथ ही बीजेपी विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की पाकिस्तान से दो दिन के अंदर वापसी को अपनी सरकार की सफलता बता रही है.
लेकिन कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी और तमाम दूसरे दल बीजेपी पर शहीदों का अपमान करने और पुलवामा के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे है.
वहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेताओं पर सेना का मनोबल कमज़ोर करने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने भी ट्वीट करके इस मुद्दे पर बयान दिया है.
उन्होंने कहा, "भारतीय वायुसेना के वाइस एयर मार्शल ने हताहतों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि कोई नागरिक या सैनिक हताहत नहीं हुआ. तो, हताहतों की संख्या 300-350 किसने बताई? एक नागरिक के तौर पर मैं अपनी सरकार पर भरोसा करने के लिए तैयार हूं. लेकिन, अगर हम ये चाहते हैं कि दुनिया को भी भरोसा हो तो सरकार को विपक्ष को कोसने की बजाय इसके लिए प्रयास करना चाहिए."
राजीव गांधी की हत्या पर सवाल?
लेकिन बीजेपी नेता और पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा है, "एक आतंकी हमले को 'दुर्घटना' क़रार देना, हमारे देश में राजनीतिक चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए? दिग्विजिय सिंह जी, क्या आप राजीव गांधी की राजनीतिक हत्या को एक 'दुर्घटना' क़रार देंगे? इन फालतू के बयानों से देश को कमज़ोर बनाने और सैन्य बलों का मनोबल कम न करें."
सिंह ने हवाई हमले में मरने वालों की संख्या से जुड़े अमित शाह के बयान का भी बचाव किया.
उन्होंने कहा, "कभी भी जब इस तरह का हमला होता है तो ज़मीन पर कोई चश्मदीद मौजूद नहीं होता है. ऐसे में मरने वालों की संख्या का आकलन करने के लिए आपको पहले ही हासिल हुई ख़ुफ़िया जानकारी पर निर्भर रहना होता है. आप आकलन करते हैं कि हमले में प्रभावित होने वाली इमारतें कितनी हैं और उनमें कितने लोग मौजूद हो सकते हैं. अमित शाह ने भी मरने वालों की संख्या अंदाज़ के आधार पर बताई है. वो ये नहीं कह रहे हैं कि ये पुष्ट संख्या है."
वहीं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को दुर्घटना बताया और कपिल सिब्बल, पी चिदंबरम ने भी सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि 'ये लोग सेना से सबूत मांग रहे हैं और इन्हें सेना पर भरोसा नहीं है.' रविशंकर प्रसाद ने इन नेताओं के बयान को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि ये जवानों की शहादत का मज़ाक बना रहे हैं.
रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं के बयान पाकिस्तान के मीडिया में हेडलाइन बनते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट के लिए भारत के मनोबल को कमज़ोर कर रही है. उन्होंने कहा कि हमारा मक़सद भारत की अस्मिता, सुरक्षा और आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष का है. उन्होंने कहा, ''पुलवामा में सीआरपीएफ़ पर हुआ हमला भयंकर था और इसके सबूत भी मौजूद हैं.''
उन्होंने कहा है, "किसी विदेशी ताक़त ने हमारी सेना की कार्रवाई पर सवाल नहीं उठाए. क्या कपिल सिब्बल पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं? ऐसे लोगों की नापाक हरकतों को एक्सपोज़ किया जाना चाहिए. मैं अपने कार्यकर्ताओं से अपील करूंगा कि वो ग्रामपंचायत से ज़िले तक ऐसे लोगों को बेनकाब करें. कांग्रेस के ये नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के इशारे पर ही बोल रहे हैं. देश को राहुल और सोनिया से इस पर जवाब मांगना चाहिए."
क्या बोलीं निर्मला सीतारमण?
भारतीय रक्षामंत्री ने हवाई हमले में मारे जाने वाले लोगों की संख्या पर कहा है कि भारतीय विदेश सचिव ने इस मुद्दे पर पहले ही बयान दिया है और वही भारत सरकार का आधिकारिक बयान है.
इसके बाद निर्मला सीतारमण ने कहा कि हवाई हमले और आगामी चुनावों में कोई संबंध नहीं है. इस हमले को पाकिस्तान में भारत के ख़िलाफ़ सक्रिय चरमपंथी गतिविधियों पर मिली ख़फ़िया जानकारी के आधार पर किया गया था, और ये एक सैन्य हमला नहीं था.
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