#Abhinandan को भारत लाने में इतनी देर क्यों हुई? : प्रेस रिव्यू

भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन की वतन वापसी की ख़बर शनिवार को सभी अख़बारों की सबसे बड़ी ख़बर है और हर अख़बार ने इसे अपने तरीक़े से प्रकाशित किया है.

दैनिक हिंदुस्तान अख़बार ने इस ख़बर के लिए शीर्षक दिया है- 'अभिनंनदन का अभिनंदन'. अख़बार लिखता है कि यूं तो दोपहर 12 बजे ही अभिनंदन को भारत को सौंपा जाना था लेकिन पाकिस्तान ने उन्हें देर रात क़रीब नौ बजे भारत को सौंपा.

देरी की वजह के बारे में अख़बार लिखता है कि उन्हें सौंपने से पहले पाकिस्तान ने उनका एक वीडियो रिकॉर्ड कराया. सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके इस वीडियो में इतने कट हैं कि ये स्पष्ट पता चलता है कि यह संपादित वीडियो है.

अख़बार में छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार बीते दिन जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में चरमपंथियों और सीआरपीएफ़ के जवानों के बीच मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में पांच जवान मारे गए हैं जबकि चार घायल हो गए हैं.

भारत के ख़िलाफ़ यूएन जाएगा पाकिस्तान

टेलीग्राफ़ अख़बार में छपी एक ख़बर के अनुसार पाकिस्तान, भारत के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराएगा.

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत ने एयर स्ट्राइक कर पाकिस्तान की वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है.

पाकिस्तान का कहना है कि भारत पर इको-टेररिज्म के अंतर्गत कार्रवाई होनी चाहिए.

'बयान के कारण चर्चा में पवन कल्याण'

द स्टेट्समैन और इंडिया टुडे में छपी एक ख़बर के अनुसार दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के कलाकार पवन कल्याण ने एक चुनावी रैली में दावा किया कि भाजपा ने उन्हें दो साल पहले कहा था कि लोकसभा चुनावों से पहले एक युद्ध हो सकता है.

हालांकि बाद में उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा कि किसी ने उनसे युद्ध जैसी किसी संभावना के बारे में बात नहीं की थी.

हाल में राजनीति में कदम रखने वाले पवन कल्याण जन सेना पार्टी से जुड़े हैं और उनकी पार्टी पहले भाजपा की सहयोगी रह चुकी है.

आंध्र प्रदेश के कडपा जिले में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें दो साल पहले बताया गया था कि युद्ध होगा और लोगों को समझना चाहिए कि देश किस स्थिति में है.

अख़बार के अनुसार उन्होंने कहा कि "देशभक्ति केवल भाजपा का अधिकार नहीं है, हम भाजपा से दस गुना अधिक देशभक्त हैं."

उनके इस बयान पर चर्चा छिड़ने के बाद जन सेना पार्टी ने सोशल मीडिया पर सफ़ाई दी.

पार्टी ने लिखा, "पवन कल्याण ने स्पष्ट किया है कि उनका इशारा राजनीतिक हलकों में चल रही अटकलों की ओर था. इसका आधार 2017 में छपी एक ख़बर थी जिसके अनुसार कांग्रेस के एक नेता ने कहा था कि चुनाव जीतने के लिए मोदी पाकिस्तान से युद्ध कर सकते हैं.

फ़ेल हो गए टीचर

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड यानी डीएसएसबी के तहत स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों में से 77 फीसदी भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अंक भी हासिल नहीं कर पाए.

टीचरों के फेल होने की ये ख़बर इंडियन एक्सप्रेस ने छापी है. अख़बार ने डीएसएसबी के हवाले से लिखा है कि नियमित शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा में 21,135 अतिथि शिक्षकों में से 16,383 (77.5%) अतिथि शिक्षकों को पास होने के लिए न्यूनतम अंक भी नहीं मिले.

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