पुलवामा CRPF हमला: नरेंद्र मोदी और सऊदी प्रिंस ने 'आतंकवाद' पर क्या बोला

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सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान दो दिवसीय दौरे पर भारत आए. एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पहुँचकर उनका स्वागत किया.
क्राउन प्रिंस भारत से ठीक पहले पाकिस्तान गए थे और वहाँ दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के समझौते हुए.
क्राउन प्रिंस की अगुवाई में सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और इसके बाद साझा बयान जारी किया.
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा कि क्राउन प्रिंस के भारत के इस पहले राजकीय दौरे में कई अहम समझौते हुए हैं. इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद की समस्या का भी ज़िक्र किया.
क्या बोले मोदी?

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पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला इस मानवताविरोधी ख़तरे से दुनिया पर छाये क़हर की एक और क्रूर निशानी है. इस ख़तरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है.
आतंकवाद का इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट करना और इसका समर्थन समाप्त करना और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को सज़ा दिलाना बेहद ज़रूरी है.
साथ ही अतिवाद के ख़िलाफ़ सहयोग और इसके लिए एक मज़बूत कार्ययोजना की भी ज़रूरत है ताकि हिंसा और आतंकी ताक़तें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सकें. मुझे ख़ुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं.
क्या बोले क्राउन प्रिंस?
भारत और सऊदी अरब के रिश्ते ख़ून में शामिल हैं. हमारे पास अभी बहुत से अवसर हैं और साझा हित हैं चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो या पर्यटन, संस्कृति हो या बुनियादी क्षेत्र.
हम एक रणनीति बना सकते हैं और साझा योजना बना सकते हैं. 2016 के नरेंद्र मोदी के सऊदी अरब दौरे के बाद हमारे संबंधों में तरक्की हुई है. लगभग 44 अरब डॉलर का निवेश हुआ है.
भारत आईटी सेक्टर में बेहद मजबूत हुआ है और हमें भी सऊदी अरब में इसका लाभ मिला है. भारत में 100 अरब से ज़्यादा निवेश के अवसर हैं.
अतिवाद और आतंकवाद दोनों देशों के लिए चिंता की बात है कि हम भारत को बताना चाहते हैं तो हम आपके साथ हर तरह का सहयोग करेंगे चाहे वो खुफ़िया सूचनाओं को साझा करना हो या कुछ और.
सबके साथ मिलकर काम करेंगे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए होगा.
इस बीच, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सऊदी प्रिंस और प्रधानमंत्री मोदी के गले लगाने की नीति को 'हगप्लोमेसी' कहा. सऊदी अरब की पाकिस्तान को 20 बिलियन डॉलर की मदद करने और आतंकवाद की नीति पर पीठ थपथपाने को लेकर सवाल खड़ा किया है.
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