You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
रफ़ाल डील के लिए एंटी करप्शन प्रावधानों से मोदी सरकार का समझौता: प्रेस रिव्यू
हिंदू अख़बार ने पहले पन्ने पर एक बार रफ़ाल डील पर मोदी सरकार की कथित अनियमतिताओं पर एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट छापी है.
अख़बार के संपादक रहे वरिष्ठ पत्रकार एन राम की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने रफ़ाल डील करने के लिए कई प्रावधानों को ताक पर रख दिया.
अख़बार के मुताबिक इस डील के लिए सरकार भ्रष्टाचार होने की सूरत में पेनाल्टी लगाने के प्रावधान को लागू नहीं किया गया, जो अमूमन होता नहीं है.
इसके अलावा ऐसे एग्रीमेंट में रिस्क को कम करने के लिए एसक्रो एकाउंट (ऐसा एकाउंट जिसमें ख़रीदार सामान मिलने के बाद थर्ड पार्टी के ज़रिए भुगतान रिलीज करता है) के ज़रिए भुगतान का विचार भी छोड़ दिया गया. एसक्रो एकाउंट का विकल्प फ़ाइनेंशियल एडवाइजरों ने तब दिया था जब पीएमओ ने बैंक गारंटी के प्रावधान को भी माफ़ कर दिया था.
हथियार ख़रीदने के लिए पैसा नहीं
भारतीय नौसेना और वायुसेना के पास हथियार खरीदने के लिए पैसे नहीं है.
हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित इस समाचार में बताया गया है कि आगामी वित्त वर्ष 2019-20 में अगर सरकार नौसेना और वायुसेना को और धन आवंटित नहीं करती है तो बीते सालों में जिन हथियारों को ख़रीदने का सौदा किया गया था उसे पूरा नहीं किया जा सकेगा.
अख़बार सेना के एक अधिकारी की गोपनीयता बरतते हुए यह ख़बर प्रकाशित की है. जिसमें आंकड़ों के ज़रिए बताया गया है कि नौसेना को बजट में 23,156 करोड़ रुपए आवंटित किए गए जबकि उसकी ज़रूरत 25,461 करोड़ रुपयों की है.
इससे भी ज़्यादा बुरी हालत वायुसेना की है. उसे बजट में 39,302 करोड़ रुपए आवंटित हुए जबकि वायुसेना की आवश्यकता 47,413 करोड़ रुपयों की है.
अख़बार लिखता है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस मामले के बारे में वित्त मंत्रालय को अवगत करा चुकी हैं.
जहरीली शराब की मौतों पर राजनीति
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने मरने वाले लोगों की संख्या 99 पहुंच चुकी है. यह खबर इंडियन एक्सप्रेस प्रकाशित हुई है.
वहीं इस मामले पर राजनीति भी गरमाने लगी है. हिंदुस्तान अखबार ने इससे जुड़े अलग-अलग राजनीतिक बयानों को एकसाथ समेटा है.
प्रियंका गांधी ने इस मामले पर दुख जताया है और सख्त कार्रवाई की मांग की है वहीं मायावती इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही है.
दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना के पीछ साजिश होने की आशंका जताई है, वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे सरकार की नाकामी बताया है.
आरबीआई से मांगे 27,380 करोड़
वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक से 27,380 करोड़ रुपए हस्तांतरित करने की मांग की है.
जनसत्ता में प्रमुखता से प्रकाशित इस समाचार में लिखा है कि रिजर्व बैंक ने यह पूंजी पिछले कुछ वर्षों से जोखिम कवर और आरक्षित भंडार के तौर पर अपने पास रखी है.
ख़बर के अनुसार रिजर्व बैंक अधिनियम के मुताबिक सरकार इस धन का इस्तेमाल अपनी देनदारियां चुकाने में करेगी.
ये भी पढ़ेंः
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)