दिल्ली को 'शिमला' बनाने वाले मौसम में सैकड़ों बेघरः प्रेस रिव्यू

गुरुवार शाम को दिल्ली और एनसीआर में हुई ओलावृष्टि का आम लोगों ने बहुत आनंद उठाया था. दिल्ली-एनसीआर और विशेषकर नोएडा में किसी हिल स्टेशन जैसी बर्फ़बारी की तस्वीरें देखी गई थीं.

लेकिन अब इस ओलावृष्टि की एक दूसरी तस्वीर भी लोगों के सामने आ रही है. हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित समाचार में बताया गया है कि इसकी वजह से ग्रेटर नोएडा में लगभग 150 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं साथ ही लगभग एक हज़ार लोगों को बेघर होना पड़ा है.

इस बीच दादरी इलाके के एसडीएम का कहना है कि सरकार सिर्फ उन्हीं क्षतिग्रस्त मकानों का मुआवज़ा दे सकती है जो वैध तरीके से बनाए जाते हैं. उन्होंने कहा है कि जितने भी मकान प्रभावित हुए हैं वे सभी अवैध निर्माण थे.

वहीं ग्रेटर नोएडा में ही इस तूफान और ओलावृष्टि के चलते एक मदरसे की छत गिर गई. इस वजह से छह बच्चे घायल हुए हैं.

जहरीली शराब पीने से 42 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 42 लोगों की मौत हो गई है.

दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचार के अनुसार उत्तराखंड के हरिद्वार में 14, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 18 और कुशीनगर में 10 लोगों ने दम तोड़ा. इसके अलावा काफी संख्या में लोग बीमार भी हुए हैं.

ख़बर के मुताबिक इस मौतों के बाद उत्तराखंड में 13 आबकारी अधिकारी और चार पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने दोषियों की धरपकड़ के निर्देश दिए हैं.

केजरीवाल की कार पर हमला

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कार पर हुए हमले की ख़बर कई समाचारपत्रों ने प्रकाशित की है.

नवभारत टाइम्स के अनुसार शुक्रवार को नरेला इलाके में केजरीवाल की कार पर कथित तौर पर हमला किया गया. हालांकि केजरीवाल को चोट नहीं पहुंची.

दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया है कि यह हमला स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया था, साथ ही दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि वह केंद्र के इशारे पर काम कर रही है और मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कोताही बरती जा रही है.

हालांकि, भाजपा का दावा है कि उसके कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ग्रामीण क्षेत्रों में मेट्रो लाइन का विस्तार नहीं करने को लेकर सिर्फ काले झंडे दिखाए थे. बीते तीन साल में केजरीवाल पर पांच बार हमला हुआ है.

जामिया में प्रोफ़ेसर पर छेड़छाड़ के आरोप

दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के फ़ाइन आर्ट्स विभाग के छात्र अपने विभागाध्यक्ष के ख़िलाफ़ बीते नौ दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर में बताया गया है, छात्रों के आरोप हैं कि विभागाध्यक्ष के करीबी कुछ कथित गुंडे छात्राओं को प्रताड़ित करते हैं. छात्र कई दिनों से विभागाध्यक्ष को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं.

अख़बार में प्रकाशित समाचार के अनुसार इस बीच विभागाध्यक्ष हमीज़ अहमद को छुट्टी पर भेज दिया गया है.

वहीं तीन छात्रों सस्पेंड किया गया है. विभागाध्यक्ष हमीज़ अहमद ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को ग़लत बताया है.

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