चार महीने तक राम मंदिर के लिए कोई प्रदर्शन नहीं करेगा विश्व हिंदू परिषद - प्रेस रिव्यू

प्रदर्शनकारी

इमेज स्रोत, Getty Images

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए उसका अभियान आम चुनावों के संपन्न होने तक रोक दिया गया है, क्योंकि वह नहीं चाहता कि यह कोई चुनावी मुद्दा बने.

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के मुताबिक़ इलाहाबाद में वीएचपी की ओर से आयोजित धर्मसभा के कुछ दिन बाद संगठन ने यह घोषणा की है.

राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व करता रहा वीएचपी पिछले कई महीनों से देश भर में अभियान चलाकर मांग कर रहा है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण के लिए संसद से एक क़ानून पारित हो.

एक हफ्ते पहले ही केंद्र की बीजेपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी देकर कहा था कि अयोध्या में विवादित हिस्से को छोड़कर बाकी की 67 एकड़ ज़मीन रामजन्म भूमि न्यास समेत असल मालिकों को दे दें.

असम, एनआरसी

इमेज स्रोत, PTI

एनआरसी पर 31 जुलाई की तय सीमा नहीं बढ़ेगी

सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा बलों की अनुपलब्धता का हवाला देकर आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान एनआरसी की प्रक्रिया रोकने की मांग करने के लिए केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि वह असम में एनआरसी के काम को रोकने पर तुला हुआ है.

जन सत्ता अखबार के मुताबिक शीर्ष अदालत मंगलवार को उस वक्त नाराज़ हो गई जब अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि एनआरसी के काम को लोक सभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी किए जाने की तारीख से मतदान के दो सप्ताह बाद तक रोक दिया जाए.

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के कुछ घंटो बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार एनआरसी का काम तय समय में पूरा करने को प्रतिबद्ध है.

ईवीएम

इमेज स्रोत, Getty Images

50% वीवीपैट से मिलान संभव नहीं

पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा चुनाव में ईवीएम के परिणामों का ऐलान करने से पहले 50% नतीजों का वीवीपैट से मिलान करना संभव नहीं है.

हिंदुस्तान अखबार के मुताबिक सोमवार को 23 राजनीतिक पार्टियों ने निर्वाचन आयोग से मांग की थी कि परिणाम घोषित करने से पहले ईवीएम के 50% नतीजों को वीवीपैट से मिलाया जाए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)