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चंदा कोचर आईसीआईसीआई की जांच में दोषी क़रार
चंदा कोचर मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा की अध्यक्षता में की गई जांच पूरी हो गई है. इस जांच में चंदा कोचर को दोषी पाया गया है.
आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर रहीं चंदा कोचर पर पद का ग़लत इस्तेमाल कर वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने और फिर अनुचित तरीके से निजी लाभ लेने का आरोप है.
सीबीआई चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर के खिलाफ आपराधिक साज़िश रचने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच कर रही है.
इसके अलावा बैंक भी मामले की स्वतंत्र जांच करवा रहा था.
6 जून 2018 को इस स्वतंत्र जांच की ज़िम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बीएन श्रीकृष्णा को सौंपी गई थी. इस जांच में एक कानूनी संस्था और फोरेंसिक कंपनी भी बीएन श्रीकृष्णा की मदद कर रही थी.
इस समिति ने एक अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2018 के बीच बैंक में कोचर की भूमिका की जांच की और 30 जनवरी को अपनी रिपोर्ट बैंक को सौंप दी.
जांच में पाया गया कि कोचर के मामले में हितों का टकराव हुआ. कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन भी किया.
मामला बढ़ने के बाद जून में चंदा कोचर ने छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया था. बाद में चंदा कोचर ने इस्तीफा दे दिया.
लेकिन अब बैंक का कहा कहना है कि क्योंकि जांच में उन्हें दोषी पाया गया है, इसलिए कंपनी के नियमों के मुताबिक उन्हें नौकरी से निकाला हुआ माना जा रहा है. साथ ही उन्हें अब कोई बकाया तनख्वाह, बोनस या वेतन वृद्धि और मेडिकल बेनेफिट नहीं दिया जाएगा.
कंपनी ने उनसे अप्रैल 2009 से मार्च 2018 के बीच दिए गए सारे बोनस भी ब्याज़ समेत वापस मांगे हैं.
कैसे सामने आया मामला?
मीडिया ने यह मामला सबसे पहले एक व्हिसल ब्लोअर अरविंद गुप्ता की शिकायत के बाद उजागर हुआ. अरविंद गुप्ता वीडियोकॉन समूह में एक निवेशक थे.
उन्होंने साल 2016 में आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन समूह के बीच होने वाले ट्रांसजेक्शन पर सवाल उठाए थे. उन्होंने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को लिखे पत्र में कोचर के कथित अनुचित व्यवहार और हितों के टकराव के बारे में जानकारी दी थी.
उस समय अरविंद गुप्ता की शिकायत पर बहुत अधिक ध्यान नहीं दिया गया. इसके बाद उन्होंने दीपक कोचर द्वारा साल 2010 में प्रमोट की गई कंपनी एनयू पावर रिन्यूएबल्स के बारे में और अधिक जानकारियां जुटाईं.
पिछले साल इंडियन एक्सप्रेस ने जब इन वित्तीय गड़बड़ियों पर रिपोर्ट प्रकाशित की तो यह मामला राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गया.
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