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'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के शो छत्तीसगढ़ में रद्द
- Author, आलोक प्रकाश पुतुल
- पदनाम, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
छत्तीसगढ़ में युवक कांग्रेस के भारी विरोध के बीच फ़िल्म 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के सभी शो रद्द कर दिये गये हैं.
फ़िल्म के शो को रद्द करने का फ़ैसला सिनेमा थिएटर प्रबंधनों की ओर से किए गए हैं, इस मुद्दे पर कहीं किसी तरह के प्रशासनिक निर्देश जारी नहीं किए गए हैं.
ये फ़िल्म संजय बारू की किताब 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' पर आधारित है. संजय बारू साल 2004 से 2008 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे और साल 2014 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पर किताब लिखी.
इस फ़िल्म के प्रदर्शन का राज्य में युवक कांग्रेस विरोध कर रही है. ऐसे में किसी हिंसा की आशंका को देखते हुए सिनेमा थिएटरों ने अपनी ओर से फ़िल्म के शुक्रवार को निर्धारित शो रद्द किए गए हैं. इससे उन लोगों में नाराजगी भी है जिन्होंने ऑनलाइन टिकटें बुक की थीं.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है, ''कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत से वे युवक कांग्रेस को इस तरह के प्रदर्शन करने से रोकेंगे.''
हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,"मामले में क़ानून व्यवस्था की स्थिति भी देखनी होगी."
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बीबीसी से बातचीत में दावा किया कि राज्य शासन ने फ़िल्म पर कोई रोक नहीं लगाई है.
उन्होंने कहा, "सरकार युवा कांग्रेस के लोगों को समझाएगी कि वह इस तरह का कोई विरोध प्रदर्शन नहीं करें. हम इस फ़िल्म पर किसी भी तरह के प्रतिबंध के ख़िलाफ़ हैं."
युवक कांग्रेस ने पखवाड़े भर पहले ही राज्य में इस फ़िल्म को रिलीज़ नहीं करने की चेतावनी दी थी.
एक बयान में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा था किसी भी क़ीमत पर हम इस फिल्म को छत्तीसगढ़ में रिलीज नहीं होने देंगे.
आकाश शर्मा ने कहा कि "हम इस फिल्म के ख़िलाफ़ हैं, जो बातें इस फिल्म में दिखायी गयी हैं वो आपत्तिज़नक है. हम इस फिल्म पर बैन लगाने की मांग करते हैं, हम किसी भी क़ीमत पर फिल्म को छत्तीसगढ़ में रिलीज़ होने नहीं देंगे."
इसके पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था, ''अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधर हैं और छत्तीसगढ़ में फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई जायेगी.''
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ सरकार पर फ़िल्म की रिलीज़ को रोकने का आरोप लगाते हुए कहा, ''डॉ. मनमोहन सिंह का 10 साल का कार्यकाल वह कड़वा सच है जिसमें एक परिवार ने पूरे देश को बंधक- सा बनाए रखने का शर्मनाक राजनीतिक आचरण पेश किया. अब कांग्रेस के लोग लोकसभा चुनाव के पहले सच का सामना करने से डर रहे हैं और लोगों तक सच पहुंचने नहीं दे रहे हैं.''
''कांग्रेस नेताओं के लिए तो अभिव्यक्ति की आजादी कोई मायने नहीं रखती. आपातकाल और उन दिनों 'आंधी' तथा 'किस्सा कुर्सी का' फिल्मों को प्रतिबंधित करना इसके जीते-जागते नमूने हैं.''
युवक कांग्रेस के विरोध को देखते हुये आज जब यह फ़िल्म रिलीज़ हुई तो सुबह से ही सिनेमाघरों के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था. अब देखना है कि शनिवार को राज्य की जनता को ये फ़िल्म देखने को मिल पाती है या नहीं.
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