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बुलंदशहर हिंसा: फ़रार मुख्य अभियुक्त योगेश राज गिरफ़्तार
बुलंदशहर हिंसा मामले के मुख्य अभियुक्त और बजरंग दल की स्थानीय इकाई के प्रमुख योगेश राज को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
तीन दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना में कथित गोहत्या को लेकर हुई हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी. साथ ही इसमें एक स्थानीय युवक सुमित कुमार की भी मौत हुई थी.
योगेश राज ने इस मामले में अपना नाम सामने आने के बाद एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने ख़ुद के बेक़सूर होने की बात कही थी.
यूपी पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून-व्यवस्था) आनंद कुमार के मुताबिक़, इस मामले में कुल दो मुक़दमे दर्ज किए गए जिनमें से एक कथित गोहत्या का है जबकि दूसरा हिंसा का है.
हिंसा के मामले में अब तक 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और 27 नामजद अभियुक्तों के साथ-साथ योगेश राज इसी मामले में मुख्य अभियुक्त हैं. उन पर दंगा भड़काने, हत्या करने और हत्या की कोशिश करने की धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है.
कौन हैं योगेश राज?
हिंसा के बाद जारी किए गए वीडियो में योगेश राज ये कहते नज़र आए थे कि वो बुलंदशहर में बजरंग दल के ज़िला संयोजक हैं.
वीडियो में उन्होंने कहा था, "पुलिस मुझे इस तरह प्रस्तुत कर रही है कि जैसे कि मेरा कोई बहुत बड़ा आपराधिक इतिहास हो. मैं यह बताना चाहता हूं कि स्याना के नज़दीक महाव में गोकशी की घटना हुई थी जहां मैं अपने साथियों समेत पहुंचा था."
"प्रशासनिक लोग भी वहां पहुंचे थे. सब लोग शांत हो गए थे जिसके बाद हम लोग स्याना थाने में थे. वहां पर हमें सूचना मिली कि गांव वालों ने पथराव किया है और दो लोगों को गोली लगी है."
उनका कहना था कि दूसरी घटना से उनका कोई लेना देना नहीं है और वो वहां मौजूद नहीं थे.
बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डूंगर ने बीबीसी से बात की थी.
डूंगर के मुताबिक़, योगेश राज सात-आठ साल से बजरंग दल से जुड़े हैं और बुलंदशहर के ज़िला संयोजक हैं. डूंगर के मुताबिक़ वो गोरक्षा अभियान में भी सक्रिय रहे हैं.
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे
डूंगर का कहना था, "बुलंदशहर में मुस्लिम समुदाय की ओर से इज्तिमा का आयोजन किया गया था जिसमें पांच लाख लोगों के आने की अनुमति ली गई थी. इसी में आने वाले लोगों के भोजन की व्यवस्था रास्तों में की गई थी जिसके लिए स्याना क्षेत्र में गोहत्याएं की गईं."
उनका कहना था कि योगेश गोकशी के मुद्दे पर एकत्र लोगों को शांत करने का प्रयास कर रहे थे.
वहीं विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने योगेश के अपने संगठन से जुड़े होने की पुष्टि की थी लेकिन उन पर लगे सभी आरोपों को नकार दिया था.
हालांकि सोशल मीडिया पर योगेश राज के पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक करने के वीडियो वायरल हुए हैं.
योगेश राज सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहे हैं और हिंदूवादी कार्यक्रमों से जुड़ी सूचनाएं अपने सोशल मीडिया पन्नों पर साझा करते रहते हैं.
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