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एचडी कुमारस्वामी ने 'बेहरमी से गोली मारने' के निर्देश क्यों दिए?
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरू से, बीबीसी हिंदी के लिए
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का नया 'बेरहम बयान' विवादों में है. उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है.
इस वीडियो में कुमारस्वामी अपनी पार्टी जनता दल सेक्युलर के एक नेता के हत्यारों को 'बेहरमी से गोली मारने' के निर्देश पुलिस को देते नज़र आ रहे हैं.
ये वीडियो विजयपुरा ज़िले का है. जब हेलिकॉप्टर पर चढ़ने से पहले कुमारस्वामी फ़ोन पर ये कहते दिखते हैं, ''वो एक अच्छा आदमी था. मैं नहीं जानता ये किसने किया. ये तुम्हारी ज़िम्मेदारी है. उन्हें बेरहमी से गोली मारो. कोई दिक़्क़त नहीं. मुझे कोई परवाह नहीं....''
जीडीएस नेता होन्नालागेरे प्रकाश की सोमवार को मद्दुर जाते हुए हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
वीडियो के वायरल होने के बाद कुमारस्वामी ने अपने बयान पर सफाई दी है. प्रकाश कुमारस्वामी के क़रीबी माने जाते हैं. प्रकाश की हत्या के बाद बेंगलुरू-मैसूर हाईवे पर घंटों तक जाम रहा था.
सफ़ाई में क्या बोले कुमारस्वामी?
कुमारस्वामी ने ट्वीट कर कहा, ''पुलिस अधिकारी से जानकारी लेते हुए मेरी कही बात एक भावनात्मक प्रतिक्रिया थी. वो कोई आदेश नहीं था. इस बात को तूल देने की ज़रूरत नहीं है.''
कुमारस्वामी पुलिस वालो से ये भी कहते हैं, ''मद्दुर में इससे पहले भी दो-तीन मर्डर हुए हैं, पुलिस को इस बारे में पता होना चाहिए.''
कर्नाटक में बीजेपी अध्यक्ष और विपक्ष के नेता बीएस येदियुरप्पा ने कुमारस्वामी के बयान को गैर-ज़िम्मेदराना बताया है.
येदियुरप्पा ने कुमारस्वामी से माफी मांगने के लिए कहा है.
बीजेपी ने ट्विटर पर कुमारस्वामी के जेडीएस नेता के हत्यारों को मारने की बात पर दी प्रतिक्रिया पर निशाना साधा है.
बीजेपी के मुताबिक़, ''सरकारी अधिकारी मरे, भ्रष्टाचार हुआ, कोई विकास कार्यक्रम नहीं, दलितों को गुलामी के लिए ढकेलने जैसी बातों पर कुमारस्वामी चुप रहते हैं. लेकिन जेडीएस का कोई कार्यकर्ता मारा जाता है तो वो फ़ौरन शूटआउट का आदेश देते हैं.'
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कुमारस्वामी के विवादित बयानों पर एक नज़र
'बेरहमी से मारने' के बयान से इतर कुमारस्वामी पहले भी कई बयान दे चुके हैं.
बीते महीने नाराज़ किसानों ने कर्नाटक विधानसभा के दरवाज़े तोड़ने की कोशिश की थी.
कुमारस्वामी ने इन किसानों की आलोचना करते हुए कहा था, ''आप इन लोगों को किसान कहते हैं. मेरे सब्र की भी कुछ सीमाएं हैं. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वो उन किसानों की तौहीन कर रहे हैं जिनके लिए मेरी सरकार है.''
इसके बाद एक महिला किसान की शिकायत का ज़िक्र करते हुए कुमारस्वामी कहते हैं, ''ताई मैं पांच महीने पहले ही मुख्यमंत्री बना हूं. आप बीते चार साल से परेशान हैं? चार साल से कहां सो रही थीं?''
जुलाई में पार्टी सम्मेलन में कुमारस्वामी ने रोते हुए कहा था, ''पार्टी कार्यकर्ता खुश हैं कि उनका भाई मुख्यमंत्री बना है.''
कुमारस्वामी ने अपनी हालत को विषकंठ (भगवान शिव) जैसा बताया, जिनको गठबंधन सरकार का दर्द झेलना पड़ा.
कुछ दिन पहले ही कुमारस्वामी ने कहा था, ''मेरी सरकार स्वंतत्र नहीं है. मैंने लोगों से बहुमत मांगा था ताकि लोगों तक दबाव न पहुंचने दूं. लेकिन आज मैं कांग्रेस के रहम पर हूं. मैं राज्य के साढ़े छह करोड़ लोगों के दवाब में नहीं हूं.''
कुमारस्वामी ने कहा था, ''मेरे पास आज भी लोगों की दुआएं नहीं हैं. नेक दिल राहुल गांधी के मुझ पर जताए यकीन ने मुझे सत्ता दिलाई.''
इससे पहले कुमारस्वामी ने कर्ज़माफ़ी की मांग करने वाले किसानों से कहा था, ''जो लोग पूरे कर्ज़माफ़ी की मांग कर रहे हैं मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वो तब कहां थे, जब वोट देने थे. अगर बिना जाति और रुपये सोचकर मुझे वोट दिया होता तो वो ऐसी मांग करने के हकदार थे.''
कुमारस्वामी अपने पिता के घनघोर समर्थक रहे हैं लेकिन देवेगौड़ा हर बात पूरी तरह से तोल-मोल कर बोला करते थे लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री में ये ख़ूबी नज़र नहीं आती.