अगस्ता वेस्टलैंड मामला: भारत लाया गया कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल

अगस्ता वेस्टलैंड मामला

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अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर ख़रीद मामले में कथित तौर पर बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार देर रात दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है.

दूरदर्शन और दूसरी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ ब्रिटिश नागरिक मिशेल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जा सकता है.

बीबीसी संवाददाता भूमिका राय ने मिशेल को भारत लाए जाने की पुष्टि के लिए देर रात सीबीआई दफ़्तर फ़ोन किया और सीबीआई के प्रेस विभाग के एक अधिकारी ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर ये जानकारी दी कि मिशेल को दिल्ली लाया जा चुका है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मिशेल को भारत प्रत्यर्पित करने के ऑपरेशन को 'यूनिकॉर्न' नाम दिया गया था.

सीबीआई ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि मिशेल को भारत प्रत्यर्पित करने का ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के निर्देशन में चलाया गया. सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव इस ऑपरेशन को कॉर्डिनेट कर रहे थे.

मिशेल को भारत लाने के लिए सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर साई मनोहर की अगुवाई में अधिकारियों की एक टीम दुबई गई थी. सीबीआई के मुताबिक प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद मिशेल को भारत लाया गया है.

पीटीआई के मुताबिक़ 57 बरस के मिशेल की अपील कोर्ट में ख़ारिज होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार ने मिशेल के प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी.

रक्षा मामलों के विशेषज्ञ राहुल बेदी दावा करते हैं कि मिशेल का 'प्रत्यर्पण बीजेपी के हित में है.'

अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर ख़रीदने का सौदा कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुआ था.

बेदी ये दावा भी करते हैं कि अगर मिशेल का प्रत्यार्पण लगातार 'रफ़ाल मामला उठा रही कांग्रेस के लिए मुश्किल की वजह बन सकता है.'

वहीं पीटीआई के मुताबिक केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि यूपीए सरकार के दौर के मामले में मिशेल का प्रत्यर्पण भारत की कूटनीतिक जीत है. बीजेपी ने ये दावा भी किया है कि मिशेल का भारत आना कांग्रेस की 'फर्स्ट फ़ैमिली' के लिए 'गंभीर समस्या' बन सकता है.

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क्या था मामला?

पीटीआई ने सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल के हवाले से बताया है कि अगस्ता वेस्टलैंड को सौदा दिलाने में मिशेल के कथित तौर पर बिचौलिये की भूमिका निभाने और भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने की जानकारी साल 2012 में सामने आई थी.

उन्होंने बताया कि जांच के लिए मिशेल की तलाश थी लेकिन वो जांच से बचने के लिए फ़रार हो गए थे. उनके ख़िलाफ बीते साल सितंबर में चार्जशीट दाख़िल की गई थी.

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उन्होंने बताया, "नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सीबीआई मामले देखने वाले विशेष जज ने 24 सितंबर 2015 को मिशेल के ख़िलाफ ग़ैर ज़मानती गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था."

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि इस वारंट के आधार पर इंटरपोल ने उनके ख़िलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया और फरवरी 2017 में उन्हें दुबई में गिरफ़्तार कर लिया गया.

पीटीआई के मुताबिक़ गिरफ़्तारी के बाद से ही मिशेल दुबई की जेल में थे. दुबई की अपील कोर्ट में मिशेल के वकीलों ने उन्हें भारत प्रत्यर्पित करने को लेकर दो आपत्तियां दाखिल की थीं जिन्हें कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मिशेल पर आरोप है कि उन्होंने वायु सेना के तत्कालीन प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिजन समेत दूसरे अभियुक्तों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र किया. अधिकारियों ने वीवीआईपी लोगों के लिए ख़रीदे जा रहे हेलीकॉप्टर की उड़ान क्षमता छह हज़ार मीटर से घटाकर 4500 मीटर करने में कथित तौर पर अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया.

समाचार एजेंसी के मुताबिक़ इस बदलाव की वजह से रक्षा मंत्रालय ने 8 फरवरी 2010 को 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की ख़रीद के लिए 3600 करोड़ रुपये क़ीमत का करार अगस्ता वेस्टलैंड को दे दिया.

भारत के लिए मिशेल के प्रत्यर्पण के क्या मायने हैं?

ये जानने के लिए बीबीसी संवाददाता नवीन नेगी ने रक्षा मामलों के विशेषज्ञ राहुल बेदी से बात की.

राहुल बेदी का मानना है कि मिशेल को भारत लाया जाना एक बहुत बड़ी कामयाबी है. हालांकि वो इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि मिशेल के भारत आ जाने से कई बड़े बदलाव होने की आशंका है क्योंकि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में बहुत से बड़े नाम शामिल हैं.

राहुल कहते हैं "एक बार मिशेल के बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस सौदे में उनकी किस तरह की भागीदारी थी और कितनी भागीदारी थी. क्या वो एजेंट थे और उन्हें कितना कमीशन मिला. भारत सरकार और सीबीआई ये पता करने की पूरी कोशिश करेगी."

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राहुल बेदी मानते हैं कि मिशेल के भारत आने से कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. वो ये भी कहते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव इससे ज़रूर प्रभावित होंगे.

राहुल बेदी कहते हैं, "कांग्रेस लगातार रफ़ाल का मामला उछाल रही है, सरकार पर आरोप लगा रही है लेकिन अभी तक उस मामले में कुछ भी साबित नहीं हो सका है लेकिन अगर मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में अपना मुंह खोल दिया तो कांग्रेस के लिए मुसीबत हो सकती है."

तो क्या ये बीजेपी के लिए जीत की सीढ़ी साबित होगी?

राहुल का कहना है इसमें कोई शक़ ही नहीं है कि मिशेल का भारत आना बीजेपी के हित में है.

लेकिन कितना मुश्किल था मिशेल को भारत लाना?

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इस पर राहुल कहते हैं कि मिशेल को भारत लाने की कोशिशें बहुत सालों से की जा रही थीं. जबसे बीजेपी सत्ता में आई है लगभग तभी से उन्हें भारत लाए जाने की कोशिशें जारी थीं.

वो कहते हैं "बीजेपी की किस्मत अच्छी है जो चुनावों के ठीक कुछ महीनों पहले मिशेल भारत आ गए हैं. हालांकि मिशेल से एजेंसियों को क्या जानकारी मिलेगी, ये सबसे महत्वपूर्ण बात होगी."

तो क्या इससे दूसरे मामलों में भी मदद मिलेगी?

इस पर राहुल कहते हैं, "बात अगर विजय माल्या या नीरव मोदी की करें तो उनके मामले इससे बिल्कुल अलग हैं. वो दूसरे देशों में हैं. वो एक लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही भारत को प्रत्यर्पित किये जा सकते हैं लेकिन यूएई में अलग न्याय प्रक्रिया है. यहां शेख का आदेश ही सर्वोपरि है."

ऐसे में दूसरे मामलों को इस मामले से जोड़कर देखना ठीक नहीं होगा.

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