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पूछो यूपी-बिहार में विकास क्यों नहीं हुआ: राज ठाकरे
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने कांदिवली, मुंबई में रविवार को आयोजित 'उत्तर भारतीय महापंचायत' में कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को अपने नेताओं से पूछना चाहिए कि उनके अपने राज्य में विकास क्यों नहीं हुआ है, जिसकी वजह से उन्हें बाहर जाकर काम करना पड़ता है.
भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का हवाला देते हुए राज ठाकरे ने कहा, ''अगर महाराष्ट्र में रोज़गार उपलब्ध है तो महाराष्ट्र के युवक-युवतियों को इसमें प्राथमिकता मिलनी चाहिए, इसमें कुछ ग़लत है क्या?''
उन्होंने कहा, ''कल अगर उत्तर प्रदेश में इंडस्ट्री आती है तो पहली प्राथमिकता उत्तर प्रदेश के लोगों को मिलनी चाहिए. अगर बिहार में इंडस्ट्री जाती है तो पहली प्राथमिकता उन्हें मिलना चाहिए. इसमें ग़लत क्या है.''
राज ठाकरे ने कहा, ''पहली ग़लती तो वहां है जहां उत्तर प्रदेश के राजनेता वहां उद्योग ना ला सके, बिहार के राजनेता अपने यहां उद्योग ना ला सके. भारत के 70 से 80 प्रतिशत प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से हुए हैं. ये सवाल आप उनसे क्यों नहीं पूछते जो आपके यहां से प्रधानमंत्री बनते हैं कि आपके यहां से युवक काम करने के लिए बाहर क्यों जा रहे हैं. इसका किसी के पास जवाब नहीं है.''
उन्होंने कहा, ''हिंदी में पहली बार भाषण दे रहा हूं. कुछ गलतफ़हमियां भाषा के अनुसार आपके बीच में भी होंगी, जो सच है, सच तो कड़वा होता है, लेकिन मुझे लगता है कि आपको समझना चाहिए...हिंदी भाषा अच्छी है, बहुत सुंदर भाषा हैं उसमें कोई संदेह नहीं है. लेकिन हिंदी राष्ट्रभाषा है, ये ग़लत है क्योंकि राष्ट्रभाषा का निर्णय कभी हुआ ही नहीं...जैसे हिंदी भाषा है, वैसे ही मराठी भाषा है, वैसे ही तमिल भाषा है, वैसे ही गुजराती भाषा है. इस राष्ट्र की भाषा है, ये सारी ही भाषाएं हैं....''
मीडिया ने तूल दिया
राज ठाकरे ने दावा किया कि 'बाहरी' लोगों के ख़िलाफ़ असम और गोवा में भी घटनाएं हुईं, लेकिन मीडिया ने उन्हें ज्यादा तूल नहीं दिया.
राज ठाकरे ने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों का अतिक्रमण होगा तो संघर्ष होगा ही. उन्होंने दावा किया ये सिर्फ महाराष्ट्र या भारत के अन्य राज्यों में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हो रहा है.
बिहार और उत्तर प्रदेश से काम करने के लिए बड़ी संख्या में लोग महाराष्ट्र जाते हैं, जिनके बारे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का रवैया आक्रामक रहा है. राज्य में कई बार ऐसे मौके आए जब उत्तर भारतीयों के साथ मनसे के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की.
रेलवे की परीक्षा के दौरान और फेरी वालों के साथ मुंबई में हुई घटनाओं के लिए राज ठाकरे ने बिहार और उत्तर प्रदेश में विकास की कमी को ज़िम्मेदार ठहराया है.
इस साल गुजरात में उत्तर भारतीय मज़दूरों के साथ हुई हिंसा का ज़िक्र करते हुए राज ठाकरे ने दावा किया कि गुजरात में इन ख़बरों को दबा दिया गया और वहां से भागे लगभग 15 हज़ार लोंगों ने मुंबई में ही पनाह ली थी.
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