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गहलोत ने नहीं कहा 'जाटों को सीएम नहीं बनने दूंगा'
राजस्थान में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और चुनावी माहौल में सोशल मीडिया पर ऐसी ख़बरें फैलाई जा रही है जो कुछ सच्ची हैं, कुछ झूठी हैं, तो कुछ आधी-अधूरी जानकारी देने वाली.
इन्हीं का पता लगाने के लिए एक ख़ास प्रोजेक्ट शुरु किया गया है, जिसके तहत ऐसी सच्ची-झूठी खबरों का पता लगाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट का नाम है 'एकता न्यूज़रूम'.
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया के ज़रिए कुछ वीडियो और तस्वीर काफ़ी वायरल हो रही हैं. इसी की पड़ताल कर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की गई है.
जाटों पर गहलोत की अपमानजनक टिप्पणियां - फे़क
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें ये दावा किया जा रहा है कि वो जाटों का अपमान कर रहे हैं.
ये तस्वीरें 'इंडिया न्यूज़ हरियाणा टीवी' के एक कार्यक्रम से लिए गए स्क्रीनशॉट की तरह लगती हैं. तस्वीरों पर लिखा हुआ है कि गहलोत का कहना है, "जब तक कांग्रेस में मैं हूं तब तक जाटों को सीएम नहीं बनने दूंगा", "जाटों को कुएं में डालकर ही अंतिम सांस लूंगा" और ''कांग्रेस को जाटों के समर्थन की ज़रूरत नहीं है."
दावा किया जा रहा है कि ये सभी टिप्पणियां अशोक गहलोत ने दी हैं.
लेकिन हमारी जांच में ये पता चला है कि ये तस्वीरें नकली हैं और फोटोशॉप की गई हैं. राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए इन तस्वीरों को जानबूझकर साझा किया गया है.
तीनों तस्वीरों के कोने में 'इंडिया न्यूज़ हरियाणा' का जो लोगो दिख रहा है वो असली है लेकिन तस्वीरों में जो बयान लिखा गया है उसे अलग से जोड़ा गया है.
जहां बयान लिखा है वहां की पट्टी के पीछे का लाल रंग है और उसके ऊपर ब्रेकिंग न्यूज़ का टिकर भी लगा है. ये ग़ैर-व्यवसायिक है और न्यूज़ चैनल के प्रसारण की गुणवत्ता के हिसाब से सही नहीं है.
'इंडिया न्यूज़ हरियाणा' के चीफ़ एडिटर अजय शुक्ला ने बीबीसी को बताया कि इन तस्वीरों में जो कुछ भी लिखा दिख रहा है, उस तरह की सामग्री कभी इस चैनल पर प्रसारित नहीं की गई है.
हालांकि इस तरह की तस्वीरें इस साल के सितम्बर-अक्टूबर में भी सोशल मीडिया पर देखी गई थी लेकिन चुनाव का समय के नज़दीक आने के साथ ये एक बार फिर नज़र आ रही हैं.
जाट समुदाय राजस्थान में सबसे प्रभावशाली समुदायों में से एक है और कई सीटों पर होने वाले चुनाव को सीधा प्रभावित कर सकती हैं.
अशोक गहलोत कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और राजस्थान में कांग्रेस के प्रभावशाली नेता हैं. विधानसभा चुनाव में वे जोधपुर जिले के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के ख़राब ईवीएम मशीन का वायरल वीडियो - फे़क
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ करने से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा है.
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नीली जैकेट पहने एक व्यक्ति चारों तरफ भीड़ से घिरे हैं और एक पोलिंग बूथ में आ रहे हैं. ये व्यक्ति ईवीएम मशीन पर एक बटन दबा रहे हैं.
वीडियो में ये कह रहे हैं, "मैं हाथी के निशान के लिए वोट कर रहा हूं लेकिन मशीन में लाइट कमल के निशान के आगे जल रही है."
इस व्यक्ति के आसपास के खड़े लोग ये कहते सुनाई दे रहे हैं, "टीचरों ने ईवीएम मशीन ख़राब होने की शिकायत की थी लेकिन कुछ भी नहीं हुआ."
इस वीडियो के अलग-अलग वर्जन को राज्यों में शेयर किया जा रहा है.
हाल में छत्तीसगढ़ में मतदान खत्म हुए हैं और वहां इस वीडियो को ये कह कर शेयर किया जा रहा है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई है.
राजस्थान में इस वीडियो को एक चेतावनी के तौर पर शेयर किया जा रहा है कि आने वाले चुनावों में राज्य में ऐसा ही कुछ दोहराया जाने वाला है.
जांच में हमने ये पाया कि ये वीडियो असली है लेकिन ये छत्तीसगढ़ में ईवीएम से छेड़छाड़ की बात को कहीं भी साबित नहीं करता.
असल में ये वीडियो साल 2017 में उत्तर प्रदेश निकाय चुनावों के दौरान मेरठ में बनाया गया था. वीडियो में दिख रहे लोगों का हिंदी भाषा का उच्चारण मेरठ के आस-पास रहने वाले लोगों से काफी मेल खाता है.
उस समय चुनाव आयोग ने एबीपी न्यूज़ को बताया था कि कुछ ईवीएम मशीनों में खराबी की बात सामने आई थी लेकिन चुनाव प्रक्रिया पर इसका असर नहीं पड़ा और चुनाव निष्पक्ष आयोजित हुए थे.
(ये कहानी फ़ेक न्यूज़ से लड़ने के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट 'एकता न्यूज़रूम' का हिस्सा है.)
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