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बिहार में बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर लड़ेंगी
अगले साल का लोकसभा चुनाव बिहार में बीजेपी और जेडीयू साथ-साथ लड़ेंगी. शुक्रवार को दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाक़ात में तय हुआ कि दोनों पार्टियां राज्य में बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी.
मुलाक़ात के बाद अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाकी सहयोगी पार्टियों को भी सम्मानजनक सीटें दी जाएंगी.
हालांकि अभी सीटों की संख्या के बारे में नहीं बताया गया है. बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटें हैं.
अमित शाह ने कहा, "जहां तक सीटों के नंबर का सवाल है तो दो-तीन दिनों में नंबर की भी घोषणा कर दी जाएगी."
उन्होंने कहा, "सभी सहयोगी दलों से बातचीत में ये बात उभरकर सामने आई है कि आगामी 2019 का लोकसभा चुनाव मोदी जी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और एकबार फिर प्रचंड बहुमत के साथ केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी. बिहार में भी एनडीए एक बड़ी ताक़त बनकर उभरेगा और नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और सुशील मोदी बिहार में चुनाव कैंपेन की बागडोर संभालेंगे."
अमित शाह ने उम्मीद जताई कि आने वाले चुनावों में बीजेपी अपने साथी दलों के साथ और अधिक सीटें लेकर आएगी.
विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि उनका प्रचार आधारहीन है और जो कुछ पता चल रहा है उससे तो यही पता चल रहा है कि उनके तमाम दावे निराधार हैं.
शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि मोदी जी के नेतृत्व में ग़रीब तबक़ा काफी खुश है और उसका असर बिहार के मतदाताओं में भी देखने को मिल रहा है और नीतीश कुमार की सरकार भी लोगों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है.
इन सारी बातों को देखते हुए हमाारा अटल विश्वास है कि हम 2019 में बारी मतों के साच चुनाव जीतकर आएंगे.
अमित शाह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा और रामविलास पासवान हमारे साथी हैं और जब कुछ नए साथी जुड़ेंगे तो निश्चित तौर पर सभी की सीटों में कुछ कमी आएगी.
हालांकि अभी किस पार्टी को कितनी सीटें दी जाएंगी ये तय नहीं हुआ है लेकिन अमित शाह का कहना है कि आने वाले एक-दो दिन में इसकी घोषणा भी हो जाएगी.
अमित शाह ने कहा कि बिहार लोकसभा के लिए चारों पार्टियां आपस में बैठेंगी और सीटों को लेकर चर्चा करेंगी और आपसी सहमति से ही फ़ैसला लिया जाएगा.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अमित शाह से हुई मुलाक़ात में ये तय किया गया है कि बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेगी लेकिन अन्य घटकों को कितनी सीटें देनी हैं और कौन कहां से चुनाव लड़ेगा ये आने वाले कुछ दिनों में तय हो जाएगा.
बिहार में एनडीए की पहली पारी में जेडीयू बड़ी भूमिका में थी. साल 2009 में जेडीयू और बीजेपी ने साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा. उस दौरान बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से जेडीयू ने 25, तो बीजेपी ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
लेकिन साल 2014 में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा, जिसमें नीतीश की पार्टी को महज दो सीटें मिलीं थी. वहीं बीजेपी ने सबसे ज्यादा 22 सीटें हासिल की थीं.
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