पांच बड़ी ख़बरें: राजनाथ बोले- बॉर्डर पर कुछ बड़ा हुआ है

राजनाथ सिंह

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भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को संकेत दिए हैं कि पिछले दिनों पाकिस्तान के साथ लगती सीमा पर बीएसएफ़ के जवान की मौत के बाद 'कुछ बड़ा' हुआ है.

सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ़ के जवान नरेंद्र सिंह की मौत को लेकर राजनाथ ने कहा, "कुछ हुआ है, मैं बताऊंगा नहीं. ठीकठाक हुआ है. विश्वास रखना, ठीकठाक हुआ है दो तीन दिन पहले. और आगे भी देखिएगा, क्या होगा."

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर मुताबिक़, राजनाथ सिंह ने ये बातें उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में कहीं, जहां वह भगत सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने आए थे.

राजनाथ ने कहा, "मैंने हमारे बीएसएफ़ के जवानों से कहा था कि पहले गोली न चलाएं क्योंकि पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है. लेकिन अगर सीमा पार से वह पहले गोली चलाता है तो मैंने जवानों से कहा कि बदले में गोली चलाना और गिनती मत करना कि कितनी गोलियां चलाईं."

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, बीएसएफ़ के महानिदेशक केके शर्मा ने इसी संबंध में एक बयान दिया है. उन्होंने कहा है, "हमने हमारे सैनिक की मौत का बदला देने के लिए एलओसी पर पर्याप्त कार्रवाई की है."

'पीएम मोदी और आईएसआई के बीच महागठबंधन'

रणदीप सिंह सुरजेवाला

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कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पाकिस्तान की आईएसआई के बीच 'महागठबंधन है.'

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर देश के हितों और इसकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि आईएसआई को पठानकोट एयरबेस में बुलाने के लिए प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, " प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी को पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले सैन्य बलों के शौर्य और जज़्बे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए."

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आईएसआई के साथ मोदी-शाह का गठबंधन है और इसका सबसे बड़ा सबूत आईएसआई के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'भारत के प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी आईएसआई की पसंद थे.'

'जो देशविरोधी नारे लगायेगा, जेल जाएगा'

अमित शाह

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भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को दिल्ली में एक विवादित बयान दिया.

उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में जो कोई भी देशविरोधी नारे लगाएगा, उसे जेल भेजा जायेगा.

उन्होंने जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के छात्रों और महाराष्ट्र में नज़रबंद किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं का ज़िक्र करते हुए ये बयान दिया.

अमित शाह ने हाल ही में माओवादियों के ख़िलाफ़ हुई सख़्त कार्रवाई को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के द्वारा गलत बताए जाने की भी निंदा की.

उन्होंने कहा कि साल 2019 के आम चुनाव के बाद भाजपा की कोशिश रहेगी कि हर एक ग़ैरकानूनी अप्रवासी को देश से खदेड़ा जाए.

भारत आ सकते हैं डोनल्ड ट्रंप

डोनल्ड ट्रंप

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अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नज़रें भारत दौरे पर हैं और वो इसे लेकर काफ़ी उत्सुक हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारत और अमरीका के बेहतर रिश्तों को दर्शाने के लिए अमरीका के राष्ट्रपति भारत का दौरा कर सकते हैं.

अमरीका के एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी ने शुक्रवार शाम ये जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को गणतंत्र दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है.

पीटीआई ने जब राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे की तारीख़ों के बारे में पूछा तो अमरीकी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप भारत दौरे पर कब आएंगे इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है.

सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी राष्ट्रपति ट्रंप से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली के कार्यक्रम के दौरान मुलाक़ात की थी.

फ़ेसबुक हैक पर ज़करबर्ग की सफ़ाई

मार्क ज़करबर्ग

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फ़ेसबुक का कहना है कि एक हैकिंग हमले की वजह से क़रीब पांच करोड़ अकाउंट प्रभावित हुए हैं. हैकर फ़ेसबुक के कोड की एक खामी का फ़ायदा उठाने में कामयाब रहे और लोगों के अकाउंट में सेंध मार दी.

कंपनी का कहना है कि इस साइबर हमले की जांच अभी शुरू की गई है और ये पता नहीं चल सका है कि इसके पीछे कौन है या ये हमले कहां से किए गए. अभी ये भी पता नहीं चला है कि हैकरों ने किस तरह की जानकारियां चुराई हैं.

फ़ेसबुक सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने कहा, "अभी तक हम ये नहीं देख पाए हैं कि एक्सेस टोकन का इस्तेमाल निजी संदेशों को पढ़ने या अकाउंट पर कुछ पोस्ट करने के लिए किया गया है या नहीं. ये शुरुआती आंकलन है और चीज़ें बदल सकती हैं."

फ़ेसबुक के सीईओ ने कहा, "हम ये जानते हैं कि हमलावरों ने प्रोफ़ाइल के बारे में जानकारियां इकट्ठा करने के लिए एपीआई का इस्तेमाल करने की कोशिश की है. यहां ये बताना ज़रूरी है कि हमलावर अकाउंट को ऐसे ही इस्तेमाल कर सकते थे जैसे कि अकाउंट के मालिक इस्तेमाल कर सकते हैं. अभी हमारी जांच चल रही है और हम ये पता लगाएंगे कि इन खातों का किस तरह से ग़लत इस्तेमाल हुआ है और क्या-क्या जानकारियां ली गई हैं."

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