पुलिस जीप की छत से गिरती महिला, क्या है मामला?

अमृतसर से 22 किलोमीटर दूर चविंडा देवी में एक गाड़ी से गिरती महिला का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. बीबीसी ने उस महिला से संपर्क किया और जानने की कोशिश की कि आखिर पूरा मामला क्या है?

महिला का नाम जसविंदर कौर है. उनका आरोप है कि मंगलवार को पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा और पति को गिरफ्तार कर ले जाने लगे.

जसविंदर का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस को रोका और वारंट की मांग की तो एक पुलिसकर्मी ने गाली-गलौज किया और उन्हें गाड़ी के बोनट पर फेंक कर गाड़ी दौड़ा दी.

अमृतसर के एसएसपी (ग्रामीण) परमपाल सिंह ने बीबीसी को बताया कि पुलिस की एक टीम चंडीगढ़ से आई थी और मामले की जांच की जा रही है.

'तीन किलोमीटर तक गाड़ी पर घुमाया'

जसविंदर कौर के मुताबिक गिरने तक वो बोनट पर ही बैठी रहीं और उस दौरान गाड़ी को शहर में घुमाया गया. बाद में जसविंदर कौर को कुछ स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया.

जसविंदर कौर ने कहा, "पुलिस वालों ने शराब पी हुई थी और उनके साथ कोई लेडी पुलिसकर्मी या अधिकारी भी नहीं थी. एक पुलिस अधिकारी ने मुझे गाड़ी के बोनट पर फेंक दिया और गाड़ी भगा ली."

"मैं किसी तरह छत के ऊपर जा पहुंची और वो मुझे वैसे ही तीन किलोमीटर तक ले गए. फिर मैं गाड़ी से गिर गई और भाग कर बची."

मामले में जांच जारी

एसएसपी (ग्रामीण) परमपाल सिंह का कहना है कि ये टीम चंडीगढ़ से ज़मीन के विवाद से जुड़े मामले की तफ़्तीश के लिए पहुंची थी.

परमपाल सिंह ने ये भी बताया कि ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन ने जसविंदर कौर, कुलवंत सिंह, गुरविंदर सिंह, जगदीश सिंह, प्रगट सिंह, सोनू और संदीप कौर के ख़िलाफ़ इरादतन कत्ल और सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया है.

ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन के इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह के बयान के आधार पर ये केस दर्ज किया गया है.

पलविंदर सिंह ने अपने बयान में आरोप लगाया कि जसविंदर कौर उनकी गाड़ी की छत पर चढ़ गईं और गाड़ी पर ईंट मारने लगीं.

"पुलिस कर्मचारियों को बचाने के लिए जब ड्राइवर गाड़ी को आगे ले जा रहा था तो ये महिला कार से गिर गईं." पलविंदर सिंह का दावा है कि पुलिस पार्टी अपने बचाव में भागी थी.

एसएसपी (ग्रामीण) ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धारा 123 के तहत कार्रवाई की गई है.

उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट के मुताबिक महिला को कुछ मामूली चोटें आई हैं, लेकिन असली हालत एक्सरे रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता लगेगी.

इस बारे में जब पंजाब पुलिस की बॉर्डर रेंज के आईजी एसएसपी परमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में स्थानीय पुलिस शामिल नहीं थी.

उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए उन्होंने डीएसपी को पीड़ित औरत का बयान लेने के लिए भेजा है.

मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में

इस मामले में पंजाब कांग्रेस के विधायक राज कुमार ने मीडिया से बातचीत की.

उन्होंने कहा, "ये हरकत नाकाबिले-बर्दाश्त है. ये मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया है. वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा."

उधर इस मामले की निंदा करते हुए अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा, "अफसोस की बात है कि आज पंजाब पुलिस बेकाबू हो रही है. ये बहुत ही ग़लत घटना है."

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