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अमित शाह ने पूछा, क्या राहुल गांधी ने पाकिस्तान के साथ मोदी के ख़िलाफ़ महागठबंधन बनाया?
रफ़ाएल डील पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के कथित इंटरव्यू के सामने आने के बाद भारत में सियासत एकाएक गर्मा गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के अलावा सोशल मीडिया के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है.
वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी कांग्रेस पर सोशल मीडिया के ज़रिये आरोप लगा रही है.
बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए हैरानी जताई कि क्या उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ 'अंतरराष्ट्रीय महागठबंधन' बना लिया है.
अमित शाह ने पाकिस्तान के मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए राहुल पर निशाना साधा. हुसैन ने रफ़ाएल सौदे पर राहुल गांधी के ट्वीट को टैग किया और लिखा, "ये ट्वीट पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भाजपानीत अभियान को दिखाते हैं."
शाह का ट्वीट
शाह ने ट्वीट किया, "राहुल गांधी कहते हैं कि 'मोदी हटाओ.' पाकिस्तान कहता है कि 'मोदी हटाओ.' अब पाकिस्तान भी प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ राहुल गांधी के आधारहीन आरोपों का समर्थन करता है. क्या कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय महागठबंधन बना रही है?"
अमित शाह के इस ट्वीट के फौरन बाद कांग्रेस कोर कमेटी के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी ट्वीट से जवाब दिया. उन्होंने लिखा, "अमित शाह जी, कांग्रेस को स्वाधीनता आंदोलन के विश्वासघातियों से सर्टिफिकेट लेने की ज़रूरत नहीं है. कृपया अपनी जानकारी दुरुस्त कर लें, कांग्रेस ने साल 1947, 1965 और 1971 में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था. आप पाकिस्तान को तभी बीच में लाते हैं जब भ्रष्टाचार के मुद्दों पर देने के लिए कोई जवाब नहीं होता."
राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने तीखा हमला करते हुए कहा, "फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा है कि रफ़ाएल सौदे में अंबानी की कंपनी को चुनने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. वह कह रहे हैं कि अनिल अंबानी को हज़ारों करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट नरेंद्र मोदी के कहने पर दिया गया. यानी फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री को चोर कह रहे हैं."
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इस मामले में कोई स्पष्टीकरण न आने वाले सवाल उठाते हुए कहा, "ओलांद कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी जी ने 30 हज़ार करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट फ़्री गिफ़्ट के रूप में अनिल अंबानी को दिया है. प्रधानमंत्री को सफ़ाई देनी चाहिए कि जो ओलांद ने कहा है वह सच है या नहीं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द भी क्यों नहीं निकल रहा. ये जवानों के भविष्य की बात है, देश की सुरक्षा की बात है और भ्रष्टाचार की बात है."
फ़्रांस की मीडिया में आई रिपोर्टों में पूर्व राष्ट्रपति ओलांद ने कहा था कि रफ़ाएल विमान बनाने के लिए हुए 58 हज़ार करोड़ रुपये के समझौते के लिए रिलायंस डिफ़ेंस का नाम भारत सरकार ने ही सुझाया था और इसमें फ़्रांस का कोई दख़ल नहीं था. अब तक इस मामले पर भारत सरकार यह कहती रही है कि फ़्रांसीसी कंपनी दसो एविएशन ने ख़ुद ही अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफ़ेंस को चुना था.
रक्षा मंत्री भी हमलावर
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी ट्विटर के ज़रिये कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला. सीतारमण ने लिखा, "कांग्रेस और राहुल गांधी ने कई झूठ बोले हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है. हमारी सरकार में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ. हैरानी नहीं है कि आज हल्ला है- राहुल का पूरा खानदान चोर है."
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया, "रफ़ाएल डील साइन करने वाले फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति को अनिल अंबानी के बारे में बोलने के लिए किसने उकसाया? क्या इसके पीछे वो राजनेता है, जिसने इंडियन एक्सप्रेस में स्टोरी छपवाई? इसका मकसद मोदी को नुकसान पहुंचाना था. इसके पीछे कौन है? और कौन?"
विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने लिखा कि फ्रांस की सरकार ने फिर साफ किया है कि सरकारों ने प्राइवेट सेक्टर के किसी भी फैसले में कोई भूमिका नहीं निभाई है. कांग्रेस झूठ की संस्कृति अपनाती है. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर खिलवाड़ किया है.
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