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जो मोदी ने साढ़े तीन साल में नहीं किया राहुल ने आते ही कर दिया
कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार प्रेस कांफ्रेंस की, और वो भी अहमदाबाद में.
माना जा रहा है कि वो औपचारिक रूप से पार्टी की कमान 16 दिसंबर को संभालेंगे.
गुजरात विधानसभा के पहले चरण का मतदान हो चुका है और दूसरे चरण के चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन है.
राहुल गांधी इससे पहले प्रेस कांफ़्रेस करने से बचते रहे हैं, हालांकि इस आयोजन में भी उन्होंने पत्रकारों के कई सवालों के संक्षिप्त जवाब ही दिए और सॉफ़्ट हिंदुत्व के सवाल से बचते रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं की है और इसके लिए आलोचक सवाल भी खड़े करते रहे हैं.
पीएम मोदी पर निशाना -
- जैसे-जैसे चुनाव क़रीब आता गया, मोदी जी या तो क्रांग्रेस की बात कर रहे हैं या फिर अपने बारे में, लेकिन हमें बहुत भरोसा है कि कांग्रेस यहां से जीत रही है.
- वो हर मीटिंग में भ्रष्टाचार के बारे में बोलते थे, लेकिन जबसे जय शाह और रफ़ाएल का मामला सामने आया, उन्होंने इस पर बोलना बंद कर दिया.
- मंदिर में हमने गुजरात की जनता की बेहतरी के लिए प्रार्थना की है. मैं केदारनाथ भी गया था, वो तो गुजरात में नहीं है.
- पिछड़ी जातियों की आर्थिक और शैक्षणिक स्थतियों को देखते हुए हम एक आरक्षण का बिल लाएंगे. हम कोशिश करेंगे कि जिस तरह ओबीसी को सुविधा मिलती है उसी तरह बाकी पिछड़ी जातियों को भी मिले.
- एक तरफ़ उद्योगपतियों को 33 हज़ार करोड़ रुपये और 45 हज़ार हेक्टेयर एक रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से दे दिया जाता है. उद्योपतियों का एक लाख तीस हज़ार करोड़ रुपये का कर्जा माफ़ किया जाता है. बैंकिंग सिस्टम का फ़ायदा सिर्फ 10 लोगों को दिया गया लेकिन उन्होंने किसानों, नौजवानों, व्यापारियों के लिए क्या किया?
- हमने किसानों का कर्ज़ माफ़ करने का वादा किया है. सरदार पटेल हेल्थकार्ड बनवाने का वादा किया है. इसके अलावा हम किसानों, युवाओं को शिक्षा, रोज़गार देंगे और हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करेंगे. हमने पहले भी किसानों का 70 हज़ार करोड़ रुपये कर्ज माफ़ किया है.
- हम कांट्रैक्ट लेबर को ख़त्म करके नियमित वेतन को लागू करेंगे.
- इस बार बीजेपी के लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी दबा कर, मिलकर और रणनीति के साथ चुनाव लड़ रही है. चुनाव नैरेटिव पर जीता जाता है. जो अपने नैरेटिव को बदलता नहीं है वो जीतता है. बीजेपी नैरेटिव बार-बार बदल रही है.
- पहली बार प्रधानमंत्री अपने भाषण में भ्रष्टाचार और किसान की बात नहीं कर रहे हैं.
- जिस प्रकार मणिशंकर साहब ने पीएम के बारे में बोला, मैंने अपने कामों और कार्रवाई से स्पष्ट कर दिया कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन जिस प्रकार मोदी जी ने मनमोहन सिंह के बारे में बोला है, वो भी स्वीकार्य नहीं है.
भाजपा का जवाब
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्र में मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की और उनके आरोपों का जवाब दिया. उनकी प्रेस कॉन्फ़्रेंस की मुख्य बातें:
- राहुल गांधी ग़लतबयानी कर रहे हैं. गुजरात में पिछले 22 साल में बहुत विकास हुआ है और राहुल को कुछ बोलने से पहले होमवर्क करना चाहिए क्योंकि वे अब उपाध्यक्ष नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बनने जा रहे हैं.
- अगर किसी को वाक़ई ज़रूरत है तो आरक्षण मिले, लेकिन जो भी हो वह संविधान की मर्यादा में रहते हुए किया जाना चाहिए. जब संविधान में कहा गया है कि 50 फ़ीसदी से ज़्यादा आरक्षण न दिया जाए तो राहुल गांधी पाटीदारों को आरक्षण दिलाने का वादा करके क्यों गुमराह कर रहे हैं.
- कांग्रेस के राज में साबरमती नाला बनकर रह गई थी. सीप्लेन को साबरमती रिवरफ़्रंट पर उतारना विकास दिखाता है.
- राहुल गांधी तीन तलाक़ के मामले में अपनी राय बताएं क्योंकि मोदी सरकार तीन तलाक़ के क़ानून को सख़्त बनाने के लिए कार्रवाई करने जा रही है.
- मंदिर जाना राहुल गांधी का निजी मामला है लेकिन वो बताएं कि अयोध्या में राममंदिर बनना चाहिए या नहीं.
- राहुल गांधी को लिखित रूप में स्पीकर को बताना चाहिए था कि अगर शीत सत्र हुआ तो वो उसे छोड़कर गुजरात में प्रचार करने नहीं जाएंगे.
- अगर हमारा स्टैंड है कि पाकिस्तान से तब तक कोई बात नहीं की जाएगी जब तक वह आंतकवाद को बढा़वा देना बंद नहीं करता तो फिर मनमोहन सिंह ने पाकिस्तानी डेलीगेशन से मुलाक़ात क्यों की. यह वही मनमोहन सिंह हैं जिन्होंने 2007 में कहा था कि पाकिस्तान भी आतंकवाद का भुक्तभोगी है.
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