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प्रेस रिव्यू: सुप्रीम कोर्ट ने चेताया, 'तो फट जाएगा लोकतंत्र का प्रेशर कुकर'
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार के मुताबिक भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में देशभर में छापे मारकर कई बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वाली महाराष्ट्र पुलिस को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है.
मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की बेंच ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से 'असहमति' जताने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जबकि 'असहमति तो लोकतंत्र के लिए सेफ्टी वॉल्व है.'
बेंच में शामिल जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'इससे असहमति प्रभावित होती है. असहमति जताना लोकतंत्र के लिए 'सेफ़्टी वॉल्व' है. अगर आप इस सेफ़्टी वॉल्व को नहीं रहने देंगे तो प्रेशर कुकर फट जाएगा.'
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अरेस्ट करने वाली स्पेशल सेल को नोटिस जारी किए. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करेगा.
प्रधानमंत्री की भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील, सोशल मीडिया पर गंदगी ना फैलाएं
दैनिक भास्कर में ख़बर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोगों से सोशल मीडिया पर गंदगी न फैलाने की अपील की.
मोदी ने नमो ऐप के ज़रिए वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार लोग मर्यादाएं भूल जाते हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे में देश के हर एक नागरिक का कर्तव्य है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल गंदगी फैलाने के लिए न करे.
सोशल मीडिया की वजह से हुई लिंचिग की घटनाएं
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक मॉब लिंचिंग पर केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में बनी समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी.
ये रिपोर्ट गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह को दी गई है और अब मंत्री-समूह अंतिम निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिफ़ारिशें भेजेगा.
रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई झूठी सूचनाओं के कारण भीड़ की हिंसा को बढ़ावा मिला.
दरअसल, रिपोर्ट में उन घटनाओं की ओर ध्यान दिलाया गया है जिनमें पिछले एक साल में 40 लोग भीड़ की हिंसा के शिकार हो गए थे.
सांसद निधि के 12 हज़ार करोड़ रुपये ख़र्च ही नहीं हुए
हिंदुस्तान अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक आम लोगों के विकास पर खर्च होने वाले क़रीब 12 हज़ार करोड़ रुपये सांसदों की सुस्ती के चक्कर में या तो ख़र्च नहीं हो रहे या फिर अटके पड़े हैं.
सांसद निधि पर दिल्ली में 30 अगस्त को प्रस्तावित समीक्षा बैठक में इस धनराशि को खर्च करने और इसके इस्तेमाल पर नज़र रखे जाने वाले कामकाज पर चर्चा होगी.
लोकसभा और राज्यसभा के सांसद अपनी निधि के क़रीब पांच हजार करोड़ रुपये ख़र्च ही नहीं कर पाए हैं. इसलिए क़रीब सात हज़ार करोड़ की अगली किस्त जारी नहीं हुई.
धनराशि ख़र्च न कर पाने वालों में लगभग सभी राज्यों के सांसद शामिल हैं.
कश्मीर में आतंकी ज़्यादा पर उनके पास हथियार कम
नवभारत टाइम्स ने सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के हवाले से छापा है कि कश्मीर में इस वक्त क़रीब 270 चरमपंथी सक्रिय हैं, लेकिन उन सभी के पास हथियार नहीं हैं.
इसलिए आतंकी सुरक्षाबलों से हथियार छीनने की फ़िराक में रहते हैं साथ ही हथियारों के लिए भी पुलिसकर्मियों पर हमला करते हैं.
सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक चरमपंथी पहले बॉर्डर पार कर जाते थे और आतंक की ट्रेनिंग लेकर जब लौटते थे तो अपने साथ हथियार भी लेकर आते थे.
लेकिन जब से ऐंटी इनफ़िल्ट्रेशन ऑब्स्टिकल सिस्टम (एआईओएस) बना है तब से घुसपैठ मुश्किल हुई है और जो लोग नए रिक्रूट होते हैं उनके लिए हथियार लाना चुनौती बन गई है.
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