प्रेस रिव्यू: पत्नी को बेचने की कोशिश लेकिन ख़रीददार निकली पुलिस!

इमेज स्रोत, Getty Images
नवभारत टाइम्स में छपी एक ख़बर के मुताबिक पत्नी की सुंदरता से परेशान एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को दिल्ली के जीबी रोड पर बेचने की कोशिश की.
सद्दाम नाम के इस व्यक्ति ने एक सुंदर लड़की से दूसरी शादी तो कर ली लेकिन उसे पसंद नहीं था कि लोग उसकी बीवी को घूरें. अक्सर वह लोगों से लड़ने लगा था.
तंग आकर उसने पत्नी को बेचने की तरक़ीब लगाई. पुलिस के मुताबिक़ कमला नगर थाने के एसएचओ सुनील कुमार ढाका को इसकी ख़बर लग गई.
इसके बाद उन्होंने ख़ुद उस शख़्स को फ़ोन किया और ग्राहक होने का नाटक किया. उसने अपनी पत्नी के बदले 1 लाख 20 हज़ार रुपये की क़ीमत मांगी जिसके बाद उसे गिरफ़्तार कर लिया गया.

कांवड़ियों के हुड़दंग पर सख़्त हुआ सुप्रीम कोर्ट
दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान होने वाली हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति के नुक़सान पर चिंता जताते हुए कहा है कि सड़क पर हुड़दंग मचाने वाले अपना घर जलाकर दिखाएं.
कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में क़ानून में संशोधन के लिए वो सरकार का इंतज़ार नहीं करेगी.
अदालत ने पिछले दिनों दिल्ली समेत कई जगहों पर कावड़ियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और चिंता पर भी नाराज़गी जताई और कहा कि अगर कोई क़ानून अपने हाथ में लेता है तो उसके ख़िलाफ़ सख़्ती से कदम उठाए जाने चाहिए.

इमेज स्रोत, India in Pakistan/Twitter
इमरान ख़ान से मिले भारतीय उच्चायुक्त
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने पाकिस्तान के भावी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से मुलाकात की ख़बर छापी है.
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच चरमपंथ, सीमापार घुसपैठ और कश्मीर समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई.
अख़बार में दोनों की एक तस्वीर भी छपी है जिसमें अजय बिसारिया इमरान ख़ान को तोहफ़े में एक बैट देते नज़र आ रहे हैं.
इमरान ख़ान 18 अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.

इमेज स्रोत, HULTON ARCHIVE/GETTY IMAGES
'राजीव के हत्यारों को रिहा नहीं कर सकते'
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के उस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उसने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने की अपील की थी.
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा है कि राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करना एक ग़लत उदाहरण पेश करेगा.
राजीव गांधी हत्या मामले के सात दोषी साल 1991 से वेल्लोर की सेंट्रल जेल में बंद हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












