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एबीपी न्यूज़ चैनल का मामला संसद में गूँजा
- Author, फ़ैसल मोहम्मद अली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर एबीपी टीवी चैनल को लेकर वायरल हो रही ख़बर शुक्रवार को लोकसभा में भी चर्चा में आ गई.
सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने चैनल के मैनेजिंग एडिटर के इस्तीफ़े और एक एंकर को हटाए जाने को सरकार की ओर से मीडिया को 'धमकाने' और 'मुंह बंद' करने का मामला बताया.
खड़गे ने दावा किया कि राज्य सभा के एक सीनियर सदस्य ने संसद के सेंट्रल हॉल में मीडिया को चैलेंज करते हुए कहा था कि अगर आप हमारे विचारों पर नहीं चलेंगे तो हम आपका चैनल बंद करवा देंगे.
केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि ये चैनल का आंतरिक मामला है और इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं और उस चैनल की टीआरपी लगातार गिर रही थी और कोई उसे देखना नहीं चाहता था.
राजवर्धन सिंह राठौर ने बिना चैनल या किसी का नाम लिए बग़ैर कहा कि खड़गे जिस चैनल की बात कर रहे हैं उसने पहले ख़बर ग़लत चलाई थी, फिर भी सरकार ने उसे कोई कारण बताओ नोटिस नहीं भेजा और जो कुछ हुआ उसकी वजह चैनल की दर्शकों में गिरती लोकप्रियता रही होगी.
दावे-प्रतिदावे
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर ये ख़बर गर्म है कि 'मास्टर स्ट्रोक' नाम के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के एक दावे को जिस तरह से ग़लत बताया गया था, उसे लेकर चैनल के प्रबंधन पर भारी दबाव था.
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से हुई बातचीत में दावा किया था कि सरकार की स्कीम के कारण चंद्रमणि कौशिक की आमदनी दोगुनी हो गई है. लेकिन एबीपी के रिपोर्टर ने जब छत्तीसगढ़ की इस महिला से बात की तो उसने दावा किया कि उसे अधिकारियों ने प्रधानमंत्री से ऐसा कहने के निर्देश दिए थे.
कार्यक्रम में उस औरत से बात की गई थी जिसकी आमदनी को प्रधानमंत्री की किसानों से सीधी बातचीत में दोगुना होना बताया गया था.
सवालों के घेरे में सरकार
इसके बाद सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग ये शिकायत करते देखे गए कि मास्टर स्ट्रोक प्रोग्राम शुरू होते ही चैनल में रुकावट आने लगती है और वो ठीक से दिखाई नहीं देता.
दो दिन पहले एबीपी न्यूज़ के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने इस्तीफ़ा दे दिया था. साथ ही मास्टर स्ट्रोक प्रोग्राम के एंकर पुण्य प्रसून बाजेपेयी ने भी त्यागपत्र दे दिया.
ऐसी भी ख़बरें हैं कि एंकर अभिसार शर्मा को कुछ दिनों के लिए ऑफ़ एयर कर दिया गया है.
हालांकि इन तीनों में से किसी ने भी अपनी तरफ़ से चैनल में आए इन बदलावों पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन इसे लेकर मीडिया पर बढ़ते दबाव और मीडिया के कामकाज को लेकर चर्चा जारी है.
मिलिंद खांडेकर ने भी ट्वीट करके एबीपी न्यूज़ छोड़ने की बात तो की, लेकिन कारणों की कोई चर्चा नहीं की है. चैनल ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा है.
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि मोदी सरकार स्वतंत्र मीडिया को समाप्त करने पर उतारू है, तो कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे ऑपरेशन कमल क़रार दिया है.
हालांकि कुछ लोग ये भी सवाल उठा रहे हैं कि जिस कांग्रेस का ख़ुद का दामन भी मीडिया को लेकर दाग़दार है वो भला मोदी की बीजेपी हुकूमत पर ये सवाल खड़ा कर क्या साबित करना चाहती है!
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