You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मोदी के भाषण की 10 अहम बातें
शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लंबी बहस चली. बहस के बाद हुई वोटिंग में ये प्रस्ताव खारिज हो गया लेकिन इस दौरान कई अहम बातें हुईं जो घंटों तक मीडिया और सोशल मीडिया में छाई रहीं.
ग्यारह घंटे चली इस चर्चा कई नेताओं ने अपने सवाल आगे रखे और देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी के सवालों का उत्तर दिया.
पढ़िए उनकी कही 10 अहम बातें -
1. हम सभी के लिए जी जान से काम करने का उद्देश्य ले कर आए हैं. निमंत्रण है कि विपक्ष 2024 में एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाए.
2. सरकार बनाने के बाद हमें पता चला कि कांग्रेस जब तक सत्ता में थी बैंकों को लूटने का काम चलता रहा. आज़ादी के 60 सालों में हमारे देशों की बैंकों ने 18 लाख करोड़ रूपये लोन में दिए. लेकिन 2008 से 2014 में ये राशि 18 लाख करोड़ से 52 लाख करोड़ हो गई. और देश एनपीए के जाल में फंस गई.
3. आंध्रप्रदेश का ऐसा बंटवारा किया कि अब भी संसाधनों का विवाद चल रहा है. आंध्र के लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि केंद्र सरकार आंध्र की जनता के कल्याण में पीछे नहीं रहेगी. हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.
4. कांग्रेस की तरफ इशारा करते हुए मोदी ने कहा अविश्वास प्रस्ताव का बहाना न बनाइये. जितना अविश्वास वो सरकार पर करते हैं उतना विश्वास अपने साथियों पर तो कीजिए.
हम यहां इसलिए है कि हमारे पास संख्या बल है, सवा सौ करोड़ देशवासियों का आर्शीवाद हमारे साथ हैं.
5. कांग्रेस को खुद पर विश्वास नहीं. मुख्य न्यायाधीश, चुनाव आयोग, ईवीएम, रिजर्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, देश के बाहर हो रही देश की तरक्की पर, कुछ पर भी विश्वास नहीं है क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास नहीं है. जब भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया गया तो उनकी परेशानी बढ़ गई.
6. देश के सेनाध्यक्ष के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जाएगा. सीमा पर बैठे हर सैनिक को गहरी चोट पहुंची है जब आपने सर्जिकल स्ट्राइक को जुमला कहा गया. देश के जवानों को गालियां देना बंद कीजिए. सेना को अपमानित करने का काम बंद कीजिए.
7. हम कौन होते हैं जो आपकी आंख में आंख डाल सके. आप तो नामदार हैं, हम तो कामदार हैं. आपकी आंख में आंख डालने की हिम्मत कहां. आंख में आंख डालने वालों को कैसे बेइज्जत किया जाता है यह इस देश का इतिहास गवाह है. आंखों की हरकतें आज देश की जनता ने देखा है."
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने बीजेपी पर तीखे हमले करने बाद अपने भाषण के आख़िर में पीएम मोदी को गले लगा लिया था. इसके बाद राहुल गांधी के अपनी सीट पर बैठकर आंख मारने का वीडियो भी सामने आया.
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था "प्रधानमंत्री मेरी आँखों मे आंखें नहीं मिला रहे हैं."
8. मैं गर्व के साथ कहना चाहता हूं कि मैं आपकी तरह सौदागर नहीं हूं, ठेकेदार नहीं हूं. देश के किसानों की पीड़ा के भागीदार हैं. नौजवानों के सपनों, देश के विकास के भागीदार, मेहनतकश मजदूरों के भागीदार, उनके दुखों को बांटने के भागीदार हैं. हम चौकीदार भी हैं भागीदार भी हैं.
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था, "आप चौकीदार नहीं भागीदार हैं."
9. जिस विषय पर जानकारी नहीं है उस पर बोलने से व्यक्ति का नुकसान कम है देश का नुकसान ज़्यादा. जो आज डोकलाम की बात करते हैं वो चीन के राजनयिक के साथ मिलते हैं. देश के सुरक्षा के विषयों पर ऐसे खेल खेले जाते हैं ये देश कभी माफ़ नहीं करेगा. ये समझौता दो देशों के बीच हुआ है और पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है.
10. कांग्रेस जमीन से कट चुकी है. उनके साथी भी "हम तो डूबे हैं...." कांग्रेस इस बात को समझ नहीं पाई की सत्ता गांव, देहात, ग़रीब, बेरोज़गार, मजलूम तक पहुंची, जैसे जैसे पावर नीचे की तरफ चलती गई वैसे वैसे अनेक राज्यों में कांग्रेस का प्रभाव खत्म होता गया.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)