You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
प्रेस रिव्यू: 'उत्तर प्रदेश के मदरसों में नहीं चलेगा कुर्ता पायजामा'
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश में मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों के लिए जल्द ही ड्रेस कोड लागू होने वाला है.
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रज़ा ने कहा है कि यूपी के मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए जल्द ही ड्रेस कोड लागू किए जाएगा.
इस ड्रेस कोड के तहत मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे कुर्ता पायजामा नहीं पहन पाएंगे बल्कि सरकारी और प्राइवेट स्कूल के छात्रों की तरह उनके लिए भी स्कूल की ख़ास ड्रेस होगी. रज़ा ने कहा कि मदरसा छात्र कुर्ता-पायजामे की जगह क्या पहन कर आएंगे, यह अभी तय नहीं है और इस पर बैठकर विचार किया जाएगा.
रज़ा के मुताबिक़ ये फ़ैसला मदरसों में आधुनिकीकरण के लिए किया गया है और इससे शिक्षा के स्तर में भी सुधार आएगा.
डीडीसीए के चुनाव पर तलवार
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ दिल्ली एवं डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन यानी डीडीसीए का चुनाव रद्द हो सकता है.
अख़बार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासनिक कमिटी के चेयरमैन विनोद राय के हवाले से कहा है कि चूंकि चुनाव संवैधानिक तरीके से नहीं हुए हैं, लिहाजा इन्हें रद्द किया जा सकता है.
पूर्व क्रिकेटर मदनलाल को 517 वोट से हराकर वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा डीडीसीए के नए अध्यक्ष बन गए हैं. घोषित नतीजों में रजत शर्मा के पैनल ने वर्चस्व स्थापित करते हुए सभी 12 सीटें जीतीं.
अच्छी फ़सल के लिए वैदिक मंत्र
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ गोवा सरकार ने किसानों के लिए एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है जिसके तहत किसानों से कहा गया है कि अच्छी फ़सल के लिए वे वैदिक मंत्रों का उच्चारण करें.
गोवा के कृषि मंत्री विजय सरदेसाई ने इस प्रोजेक्ट को 'शिव योग कॉस्मिक फ़ॉर्मिंग' का नाम दिया है. किसानों से हर रोज़ कम से कम 20 मिनट तक 'ओम ह्रोम जूम सा' का उच्चारण करने को कहा गया है.
खेती की उपज बढ़ाने का ये प्रोजेक्ट डॉक्टर अवधूत शिवानंद का तैयार किया हुआ है जो पहले केमिकल इंजीनियर हुआ करते थे, लेकिन फ़िलहाल गॉडमैन बताए जाते हैं. शिवानंद 'शिव योग फ़ाउंडेशन' के नाम से गुरुग्राम (गुड़गांव) में एक संस्था चलाते हैं.
गोवा के कृषि मंत्री की पत्नी उषा इस फ़ाउडेशन से जुड़ी हैं और इस प्रोजेक्ट से पहले जनवरी में आयोजित की गई एक ख़ास कार्यशाला में वो शामिल थीं. अख़बार के अनुसार इस कार्यशाला में 'धरती में शक्ति के संचार' की बात की गई थी.
दिल्ली का बॉस कौन, फ़ैसला आज
सुप्रीम कोर्ट बुधवार को तय करेगा कि दिल्ली का 'बॉस' कौन है. दिल्ली सरकार बनाम उप राज्यपाल के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 11 याचिकाएं दाखिल हुई थीं. 6 दिसंबर 2017 को मामले में पांच जजों की संविधान पीठ ने फ़ैसला सुरक्षित रखा था.
पांच जजों की संविधान पीठ में चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं.
दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के 4 अगस्त, 2016 के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उप राज्यपाल को प्रशासनिक प्रमुख बताते हुए कहा गया था कि वे मंत्रिमंडल की सलाह और मदद के लिए बाध्य नहीं हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)