प्रेस रिव्यू: धुले में जब पुलिस पहुंची तो दो लोग ज़िंदा थे

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महाराष्ट्र के धुले में बच्चा चोरी के शक़ में भीड़ के हाथों पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने अब तक राइनपाड़ा गांव के 23 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है. 'द इंडियन एक्सप्रेस' अख़बार की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम जब गांव पहुंची तो मारे गए पांच में से दो लोग ज़िंदा थे. लेकिन भीड़ ने उन्हें अस्पताल नहीं ले जाने दिया. उल्टे भीड़ पुलिस पर ही हमलावर हो गई. भीड़ के हमले में दो पुलिसकर्मी घायल भी हो गए. एक पुलिसकर्मी ने भीड़ के हमले को याद करते हुए अख़बार को बताया कि भीड़ में से किसी ने उनसे कहा कि 'अब वो सब मर चुके हैं अब आप उन्हें ले जा सकते हैं.'

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मारे गए पांचों लोगों ने अपने बारे में जानकारी स्थानीय पुलिस को दे रखी थी. उनके पास वैध आधार कार्ड थे. पुलिस के मुताबिक भीड़ ने शक़ होने पर पांचों लोगों को पकड़ कर पंचायत दफ़्तर में बंद कर दिया था. गांव के कुछ समझदार लोगों ने पंचायत दफ़्तर के बाहर ताला लगाकर लोगों से पुलिस के आने का इंतेज़ार करने के लिए कहा था, लेकिन कुछ उत्तेजित लोगों ने ताला तोड़कर उन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी.
पांच लोगों को भीड़ से बचाया
महाराष्ट्र के धुले ज़िले में बच्चों को अग़वा करने के शक़ में पांच लोगों की भीड़ के हाथों हत्या के कुछ घंटे बाद ही रविवार रात नासिक ज़िले में पांच लोग ऐसी ही घटना का निशाना बनने से बाल-बाल बच गए. 'द हिंदू' अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक मालेगांव ज़िले के आज़ाद नगर इलाक़े में गजानन साहेबराव गिरे, उनकी पत्नी सिंधुबाई, दो साल का बच्चा और दो रिश्तेदार अली अकबर रोड के पास पैसे मांग रहे थे. भीड़ ने उन्हें बच्चा चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया. पुलिस का कहना है कि रात 11 बजे भीड़ के हमले के बारे में पुलिस को जानकारी मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह भीड़ को शांत करके पांचों लोगों को बचाया. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर बच्चा चोर गिरोह की अफ़वाहों से प्रभावित भीड़ ने उन पांचों लोगों को निशाना बनाया था.
पश्चिम बंगाल में हाथ-पैर बंधा भाजपा कार्यकर्ता का शव मिला

पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद ज़िले में सोमवार को एक बीजेपी कार्यकर्ता का शव एक झील में तैरता मिला. 'हिंदुस्तान टाइम्स' की एक रिपोर्ट के मुताबिक 54 वर्षीय धर्मराज हाजरा के हाथ पैर रस्सी से बंधे थे. उनका शव शक्तिपुर गांव से मिला है. स्थानीय पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय बीजेपी नेताओं ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर अपने कार्यकर्ताओं की हत्याएं करवाने के आरोप लगाए हैं. एक स्थानीय बीजेपी नेता गौरी शंकर घोष ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि 'तृणमूल कांग्रेस राज्य में भगवा दल का उदय बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और बीजेपी कार्यकर्ताओं का सफाया करवा र ही है.' एक महीने पहले ही परुलिया ज़िले में दो बीजेपी कार्यकर्ताओं के शव भी संदिग्ध हालत में मिले थे.
एनकाउंटरः सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जबाव

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उत्तर प्रदेश में हुए विवादित मुठभेड़ों की रियाटर्ड जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जबाव मांगा है.'दटाइम्स ऑफ़ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से दो सप्ताह के भीतर जबाव दाख़िल करने के लिए कहा है. इस मामले की अगली सुनवाई अब तीन सप्ताह बाद होगी. अपनी याचिका में पीपुल्स यूनियन फॉ़ॉर सिवील लिबर्टीज़ नाम के ग़ैर सरकारी संगठन ने कहा है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों के मुताबिक यूपी में 1100 से अधिक एनकाउंटर हुए हैं जिनमें 49 लोगों की मौत हुई है और 370 से अधिक घायल हुए हैं.
लिव इनः शादी से मना किया तो देना होगा मुआवज़ा?

लिव इन रिलेशनशिप में रह रही महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ये जांच करेगा कि शादी का वादा तोड़ने पर पुरुषों का दायित्व तय करते हुए उनसे मुआवज़ा देने के लिए कहा जा सकता है या नहीं. सहमति से सेक्स की वजह से लिव-इन रिलेशनशिप में बलात्कार के आपराधिक आरोप तय नहीं किए जा सकते हैं. 'दटाइम्स ऑफ़ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने कहा है कि ज़िम्मेदारी तय करने के प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए. बेंच ने कहा कि पुरुष पर ज़िम्मेदारी तय करने के लिए ऐसे रिश्तों को शादी भी समझा जा सकता है.
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