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ग्राउंड रिपोर्टः क्या कह रहा है धुले में मारे गए लोगों का परिवार
- Author, प्रवीण ठाकरे
- पदनाम, धुले से बीबीसी मराठी के लिए
महाराष्ट्र का धुले ज़िला रविवार को कत्लेआम का गवाह बना. यहां राईनपाडा गांव में भीड़ ने पांच लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी.
यह सबकुछ पंचायत कार्यालय में हुआ, जिसकी दीवार पर अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की तस्वीर लगी थी.
कार्यालय का वो कमरा, जिसकी फ़र्श कल तक खून से लाल थी, उसे आज साफ़ कर दिया गया है. हालांकि धब्बों के निशान अभी भी देखे जा सकते हैं.
इन पांचों की पीट-पीट कर हत्या बच्चा चोर होने के शक में कर दिया गया.
जब हम सकरी गांव के नजदीक मारे गए लोगों की बस्ती में पहुंचे, तो वे काफ़ी डरे हुए थे.
समुदाय के लोग दक्षिण महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िला से भीख मांगने यहां आए थे. ये सभी धुले ज़िला के बाहर टेंट बना कर रहते थे.
रविवार को इस समुदाय के भारत भोसले (45), दादाराव भोसले (36), राजू भोसले (47), अगनू हिंगोले (20) और भारत मवाले (45) की भीड़ ने हत्या कर दी थी.
'हमारी दुनिया का भारत चला गया'
मारे गए भारत भोसले की पत्नी नर्मदा भोसले ने बीबीसी से कहा, "हमारी दुनिया का भारत चला गया. मैंने अपने पति को खो दिया है और मैं पूरी तरह से टूट चुकी हूं. वो मेरे लिए एक राजा की तरह थे. वो चार लोगों के साथ सुबह 9 बजे भीख मांगने गए थे. दोपहर को उन्हें फ़ोन किया था, पर उनका मोबाइल स्वीच ऑफ़ था. रविवार को शाम चार बजे मुझे घटना की जानकारी मिली."
मारे गए पांच लोगों में से एक के संबंधी जगन्नाथ गोसावी ने कहा, "इस तरह की घटना पहली बार हमारे साथ हुई है. हमलोग सोलापुर ज़िले के मंगलवेढा से हैं. हमलोग यहां भीख मांगने आए थे. यह हमारा पारंपरिक काम है. हमलोग ने उत्तर महाराष्ट्र के कई स्थानों का दौरा किया है और कुछ दिन पहले यहां आए थे. इसके बाद हमलोग अपने गांव लौटने वाले थे पर इससे पहले यह घटना हो गई."
समुदाय के लोगों ने अपना टेंट उखाड़ना शुरू कर दिया है और वो अब अपने गांव मंगलवेढा लौटने की तैयारी में हैं.
ये समुदाय खानाबदोश जनजाति से आते हैं. ये लोग एक जगह से दूसरी जगह भीख मांगने जाते हैं. ये सभी नाथ सम्प्रदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिनकी जड़ें उत्तर भारत में पाई जाती है.
23 लोग गिरफ़्तार
धुले ज़िला के एसपी एम रामकुमार ने बीबीसी से कहा, "इस मामले में 23 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. रविवार को दोपहर करीब एक बजे पांच लोग गांव पहुंचे थे. गांव के कुछ लोगों को इनपर शक हुआ. उन्होंने पूछताछ की. जब ग्रामीण उनके उत्तर से संतुष्ठ नहीं हुए, वे उन्हें एक कमरे में ले गए और उन्हें बांस और पत्थर से पीटा गया."
सूचना मिलने के बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची थी. रविवार को इलाक़े में बाज़ार लगता है, इस कारण घटना के वक्त ज्यादा भीड़ इकट्ठी हो गई थी.
पुलिस पांचों को अस्पताल लेकर गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गांव का दौरा कर रहे हैं. पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अधिकतर ग्रामीण गांव छोड़ कर जा चुके हैं. चारों तरफ सन्नाटा पसरा है. गांव का कोई भी बात करने को तैयार नहीं है.
सोशल मीडिया पर अफ़वाह का बाज़ार
देश के दूसरे हिस्सों की तरह महाराष्ट्र में भी घटना के बाद अफ़वाह का बाज़ार गर्म है. यह अफ़वाह फैलाई गई कि बच्चा चोरी करने वाला गिरोह महाराष्ट्र के गांवों में घूम रहा है.
धूले, नंदुरबार और नासिक ज़िले में ये अफ़वाह खूब फैलाई जा रही है. इसी तरह की घटना नासिक ज़िला के मालेगांव में देखने को मिली है. रविवार को यहां भीड़ ने दो लोगों की पिटाई की और जब पुलिस ने हस्ताक्षेप करने की कोशिश की तो उस पर हमला किया गया.
भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. कुछ दिन पहले नंदुरबार में बच्चा चोरी के शक में तीन लोगों की पिटाई कर दी गई थी.
पुलिस इन अफ़वाहों को रोकने के लिए पर्चा बांट रही है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मारे गए परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है.
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