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सिद्धारमैया के 'बिगड़े बोल' और गठबंधन का भविष्य
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बंगलुरू से बीबीसी हिंदी के लिए
कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की सरकार पहले ही बड़ी कोशिशों से बनी थी और अब इस सरकार पर भी एक के बाद एक आफ़तें आती दिख रही हैं.
नई आफ़तें हैं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के दो वीडियो टेप जो हाल ही में सामने आए हैं.
ये वीडियो मंगलुरु के उस नेचुरोपैथी रिज़ॉर्ट में बनाए गए हैं जहां सिद्धारमैया 12 मई के चुनावी अभियान के बाद अपना इलाज करा रहे हैं.
इनमें से एक वीडियो में सिद्धारमैया कुछ विधायकों से कह रहे हैं, ''आम तौर पर नई सरकार बजट पेश करती है, लेकिन यहां तो पहले ही बजट पेश हो चुका है. तो ऐसे में नए बजट की तैयारियां कैसे शुरू हो सकती हैं जब हमने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चर्चा तक नहीं की है."
ये वीडियो ऐसे वक़्त में सामने आया है जब इस बात पर विवाद हो रहा है कि कुमारस्वामी को बाक़ायदा बजट पेश करना चाहिए या पूरक बजट? यह विवाद इसलिए हो रहा है क्योंकि सिद्धारमैया ने विधानसभा चुनाव की तारीख़ के ऐलान से ठीक पहले बजट पेश कर दिया था.
दिलचस्प बात यह है सिद्धारमैया ने वीडियो के अपने बयान से इनकार भी नहीं किया है.
सिद्धारमैया के 'बिगड़े'बोल
सियासी गलियारों में बजट को लेकर इतना विवाद इसलिए भी हो रहा है क्योंकि सिद्धारमैया ने मैसूर में मीडिया से कहा था कि कुमारस्वामी सिर्फ़ एक पूरक बज पेश करेंगे और इसके ठीक बाद कुमारस्वामी ने नया बजट पेश करने के लिए राहुल गांधी की मंज़ूरी ले ली.
एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने नाम ज़ाहिर न होने की शर्त पर बीबीसी से कहा, "हां, ये सच है कि पार्टी सदस्यों में कुमारस्वामी से नाराज़गी हैं क्योंकि उन्होंने स्थानीय कांग्रेस को नज़रअंदाज़ करके सीधे राहुल गांधी से मंज़ूरी ले ली."
अभी इस वीडियो से किरकिरी हो ही रही थी कि सिद्धारमैया का नया बयान सामने आ गया. एक स्थानीय टीवी चैनल पर जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस-जेडीएस सरकार पांच साल तक चल पाएगी तो उन्होंने कहा, "पांच साल तो मुश्किल है...लोकसभा चुनाव तक तो सरकार है, लेकिन इसके बाद क्या होगा, ये देखा जाएगा."
'पांच साल चलेगी सरकार'
इस बारे में बीबीसी ने जब कांग्रेस के मंत्री कृष्ण बाइरे गौड़ा से पूछा तो उन्होंने कहा, "इन शब्दों को हम अगर बिना किसी संदर्भ में देखें तो ये चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन अगर विस्तृत अर्थों में देखें तो सिद्धारमैया का मामला बिगाड़ने का कोई इरादा नहीं है."
गौड़ा ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में किसी तरह की दरार की आशंका से भी इनकार किया. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमारे पास इस बारे में चिंता करने की कोई वजह है."
उप मुख्यमंत्री और कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर जी. परमेश्वर ने कहा, "जब हमने गठबंधन किया तो हमें भरोसा था कि सरकार पांच साल तक चलेगी. यहां युद्ध जैसा कुछ नहीं है. ये आप मीडिया वाले हैं जो ऐसी लड़ाई पैदा कर रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये सरकार पांच सालों के लिए है. लोग बहुत कुछ कहेंगे, लेकिन सरकार पांच साल तक रहेगी."
वहीं, वरिष्ठ जेडीएस नेता पीजीआर सिंधिया ने कहा, "कुछ जगहों पर थोड़ी-बहुत दिक्कतें हैं. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सबकुछ ठीक है, लेकिन सरकार बनी रहेगी. कुमारस्वामी के पास ऐसे हालात से निबटने के लिए पर्याप्त अनुभव है. ज़्यादा अहम बात ये है कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी यहां हैं. कांग्रेस के पास भी अनुभवी नेता हैं जो किसी भी तरह की स्थिति का सामना कर सकते हैं."
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत साबित न कर पाने की वजह से 78 सीटों वाली कांग्रेस और 37 सीटों वाली जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाई.
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