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झारखंड: पांच लड़कियों से कथित गैंग रेप मामले में तीन गिरफ़्तार
- Author, नीरज सिन्हा
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
झारखंड में खूंटी के सुदूर कोचांग गाँव में पांच युवतियों के साथ कथित गैंग रेप के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों समेत स्कूल के फ़ादर को गिरफ़्तार कर लिया है.
रांची के पुलिस उपमहानिरीक्षक एवी होमकर का कहना है कि स्कूल के फ़ादर और ग़ैर सरकारी संस्था 'आशा किरण' की दो सिस्टरों ने दो दिनों तक पुलिस को इस घटना के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं दी थी.
झारखंड के अपर पुलिस महानिदेशक आरके मलिक तथा रांची के डीआईजी एवी होमकर ने संयुक्त तौर पर इस कार्रवाई की पुष्टि की है.
आरके मलिक ने बीबीसी से कहा कि तीनों लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और गिरफ़्तार किए गए दो आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है. उनका कहना है कि इस मामले में अन्य चार आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस छापामारी अभियान चला रही है.
इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग की दो सदस्यीय टीम और झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष खूंटी पहुंची है. महिला आयोग की पदाधिकारियों ने उपायुक्त के साथ बैठक कर घटनाक्रम और इसके संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली है.
मामला क्या है?
जिस कोचांग गाँव की ये घटना है वो झारखंड की राजधानी रांची से क़रीब 80 किलोमीटर दूर है.
रांची के डीआईजी ऐवी होमकर के मुताबिक, मंगलवार, 19 जून को एक ग़ैर सरकारी संस्था 'आशा किरण' की एक टीम कोचांग गाँव गई थी.
ग्यारह लोगों की ये टीम मानव तस्करी के ख़िलाफ़ एक जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक करने इस गाँव पहुँची थी.
गाँव के बाज़ार में नुक्कड़ नाटक करने के बाद संस्था के ये लोग एक स्थानीय मिशनरी स्कूल पहुँचे.
पुलिस के मुताबिक, इन लड़कियों के स्कूल पहुँचते ही मोटरसाइकिल सवार कुछ लोग स्कूल पहुँचे और हथियारों के बल पर पाँच लड़कियों का अगवा कर लिया. साथ ही टीम में शामिल तीन पुरुष सदस्यों के साथ भी अपराधियों ने मारपीट की.
इसके बाद अभियुक्तों ने पास के जंगल में ले जाकर गैंग रेप को अंजाम दिया.
होमकर ने बताया कि 20 जून को इस घटना की ख़बर सामने आई. ख़बर मिलने के तुरंत बाद ही खूंटी ज़िले के उपायुक्त अपनी टीम के साथ इस मामले में जानकारियाँ जुटाने में लग गये थे.
21 जून को एक पीड़िता की तलाश करने के बाद उससे लंबी पूछताछ की गई. फ़िलहाल पीड़िता पुलिस की निगरानी में सुरक्षित हैं. उनका मेडिकल चेकअप कराया गया है.
पुलिस के हवाले से इस मामले से जुड़ीं अन्य बातें:
- कोचांग गाँव के उस मिशन स्कूल के फ़ादर और आशा किरण संस्था की पदाधिकरियों ने तत्काल पुलिस या प्रशासन को इस घटना की कोई जानकारी नहीं दी थी.
- पुलिस लड़कियों की संस्था से जुड़ीं दो सिस्टर से भी पूछताछ कर रही है कि किन परिस्थितियों में वो घटना पर चुप्पी साधे रहीं. स्कूल की दो टीचरों से भी पूछताछ की गई है.
- मामले की तफ़्तीश के लिए खूंटी ज़िले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में 3 विशेष टीमें इस घटना पर अलग-अलग काम कर रही हैं.
- दुष्कर्म को लेकर किसी किस्म के वीडियो बनाये जाने का साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला है.
पत्थलगड़ी समर्थकों का हाथ
पुलिस को संदेह था कि इस घटना में पत्थलगड़ी समर्थकों का हाथ हो सकता है, क्योंकि कोचांग गाँव में पहले पत्थलगड़ी की गई थी.
एक सवाल के जवाब में पुलिस अपर महानिदेशक ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए दोनों लोगों के संपर्क नक्सली सगंठन तथा पत्थलगड़ी समर्थकों से भी रहे हैं, लिहाजा पुलिस इस दिशा में भी तफ्तीश कर रही है.
इससे पहले इस मामले में आशा किरण संस्था का पक्ष जानने के लिए वहाँ की सिस्टर से बीबीसी ने संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला था.
महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली आलोका का कहना था कि इस मामले को पत्थलगड़ी से जोड़कर देखना ठीक नहीं है.
उन्होंने कहा कि झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं और हर महीने सूबे में औसतन 110 बलात्कार की घटनाएं होती हैं.
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