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इसलिए पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं दाती महाराज
- Author, सरोज सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
"तुम बाबा की हो और बाबा तुम्हारे. तुम कोई नया काम नहीं कर रही हो. सब करते आए हैं. कल हमारी बारी थी. आज तुम्हारी बारी है. कल ना जाने किसकी होगी. बाबा समन्दर हैं हम सब उसकी मछलियां हैं. इसे कर्ज़ समझ कर चुका लो."
दिल्ली की रहने वाली 25 साल की लड़की का आरोप है कि यही कहकर बहला-फुलसाकर दाती महाराज ने साल 2016 में उसका रेप किया.
दाती महाराज पर रेप के आरोप लगाते हुए पीड़िता ने तीन पेज का शिकायत पत्र दिल्ली पुलिस को लिखा है.
रेप के आरोपों पर सफाई देने के लिए दाती महाराज तामाम मीडिया चैनल से बात कर रहे हैं और अपने पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है.
दाती महाराज दिल्ली के फतेहपुर बेरी में मशहूर शनिधाम मंदिर के संस्थापक हैं. वो खुद को शनि देव का उपासक बताते हैं. देश में उनकी गिनती हाइप्रोफाइल बाबाओं में होती हैं.
पीड़िता ने दाती महाराज पर रेप का आरोप लगाते हुए ये शिकायत छह जून 2018 को लिखी है.
पीड़िता का पक्ष
पीड़िता की वकील प्रदीप तिवारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत काफी इंतज़ार के बार स्वीकार की और चार दिन बाद 10 जून को एफआईआर दर्ज की. एफआईआर में धारा 376, 377, 354 और 34 का ज़िक्र है.
दिल्ली के फतेहपुर बेरी पुलिस के पास ये मामला था, जिसे बाद में क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है. फ़िलहाल दिल्ली क्राइम ब्रांच इस मामले की पड़ताल कर रही है.
दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के सामने वो पेश भी हुए. तकरीबन सात घंटे तक उनसे पूछताछ भी चली लेकिन अब तक उनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई है.
दाती महाराज पर एफआईआर दर्ज हुए 11 दिन बीत चुके हैं.
प्रदीप तिवारी के मुताबिक पीड़िता ने प्रधानमंत्री और महिला आयोग समेत 13 एजेंसियों को इस बारे में चिट्ठी लिखी है लेकिन पीड़िता की सुध लेने वाला कोई नहीं है.
उन्होंने क्राइम ब्रांच पर मामले को अलग दिशा में ले जाने का आरोप भी लगाया.
कौन सी अलग दिशा - इस सवाल के जवाब में प्रदीप तिवारी ने कहा, "हम भी सुन रहे हैं, पैसे के फर्ज़ीवाड़े कि बात चल रही है. दिल्ली के साकेत कोर्ट में मामला चल रहा है. 25 जून को अगली सुनवाई है"
दाती महाराज का पक्ष
दाती महाराज पर लगे आरोपों पर बीबीसी ने दाती महाराज से भी बात की. फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "सुबह से ही मेरी तबीयत ठीक नहीं है. मैं बात करने की स्थिति में नहीं हूं. जैसे ही तबीयत ठीक होती है, मैं आपको बुला कर इंटरव्यू दूंगा"
लेकिन बलात्कार के आरोप के बाद दाती महाराज ने इंडिया न्यूज़ से बातचीत में कहा, ''पिता-पुत्री और गुरु-शिष्य के रिश्ते पर आरोप है. मैं नारी शक्ति का पुजारी हूं. मैं बेटियों के लिए काम करता हूं. मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा. वो मेरी बेटी थी, मेरी बेटी है और रहेगी. पुलिस ने मुझे जांच के लिए बुलाया. मैंने अपना पक्ष उनके सामने रखा और आगे भी जांच में सहयोग करूंगा.''
इसके अलावा इंडिया न्यूज़ से बातचीत उन्होंने पूरे मामले को पैसे के लेने-देन से संबंधित बताया है.
दिल्ली पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव से बीबीसी ने दाती महाराज की गिरफ़्तारी को लेकर सवाल पूछा. उनके मुताबिक, "पीड़िता ने जो आरोप लगाया है वो काफी संगीन हैं. हमारी जांच जारी है. हमने किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है. सही समय पर सबूतों के आधार हम आपसे बात करेंगे."
बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक हाइप्रोफाइल मामला होने की वजह से दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम पूरे मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रही है.
दाती महाराज के ख़िलाफ़ सबूत पर्याप्त होने पर उनकी गिरफ़्तारी होगी. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक रेप होने के कुछ घंटे के भीतर अगर शिकायत दर्ज की जाती है तो सबूत मिलने में न तो देरी होती है न ही मुश्किल.
ये मामला जनवरी से मार्च 2016 का है. दो साल से ज़्यादा का वक्त बीत चुका है.
एफआई दर्ज होने के बाद पीड़िता का धारा 164 के तहत बयान हो चुका है और मेडिकल जांच कराई जा चुकी है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश (साल 2014) के मुताबिक पुलिस को रिपोर्ट लिखने के बाद 24 घंटे के अंदर पीड़िता को मजिस्ट्रेट के सामने बयान के लिए पेश करना होगा. किसी भी देरी का कारण लिखित में देना होगा.
पीड़िता के वकील भी इस बात को मानते हैं कि पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज़ करने में देरी नहीं की लेकिन साथ ही क्राइम ब्रांच पर आरोप भी लगाते हैं कि दाती महाराज की गिरफ़्तारी में बिना वजह देरी कर रही है.
क्यों पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं दाती महाराज?
किसी भी रेप मामले में तीन तरह से साक्ष्य के आधार पर पुलिस कार्रवाई करती है.
पहला है शारीरिक साक्ष्य- यानी रेप के वक्त ज़ोर ज़बरदस्ती की वजह से शरीर पर कोई निशान हों.
दूसरा है बायोलॉजिकल सबूत- यानी रेप पीड़िता के कपड़ों पर वीर्य या फिर कुछ ऐसा मिला हो जो दोष सिद्ध करने में सहायक हो.
तीसरा है परिस्थितिजन्य साक्ष्य- यानी जिस जगह पर रेप हुआ हो वहां मौजूद लोग या फिर उस जगह की जानकारी.
चूंकि इस पूरे मामले में रेप की रिपोर्ट दर्ज कराने में काफी वक्त बीत गया है तो शारीरिक साक्ष्य और बायोलॉजिकल सबूत मिलना मुश्किल है.
बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर काम कर रही है.
इसके लिए दाती महाराज को पूछताछ के लिए बुलाया गया था.
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने कई सवाल तैयार किए थे, जिसके जवाब दाती महाराज से पूछे गए.
पुलिक का दावा है कि दाती महाराज इसलिए भी पुलिस गिरफ़्त से बाहर हैं क्योंकि वो जांच में सहयोग कर रहे हैं. अभियुक्त को गिरफ़्तार करने की ज़रूरत होती है जब हिरासत में पूछताछ की ज़रूरत हो.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक़ उन्हें इसकी कोई ज़रूरत अभी तक महसूस नहीं हुई है.
पुलिस शुक्रवार को एक बार फिर दाती महाराज से पूछताछ कर सकती है. इस एंगल से भी पुलिस जांच कर रही है कि कहीं पीड़िता से किसी दबाव में ये बयान तो नहीं दिलाया गया है.
पीड़िता ने अपनी शिकायत में दाती महाराज के साथ-साथ तीन अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए हैं. पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है.
इसके अलावा दिल्ली पुलिस को अपनी शिकायत में पीड़िता ने ये भी लिखा है कि शिकायत के बाद उसकी जान को ख़तरा हो सकता है लेकिन अभी तक उसे किसी तरह की सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है.
इस पर क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव का कहना है कि क्राइम ब्रांच ये सुरक्षा मुहैया नहीं करती.
सुरक्षा मुहैया कराने का मामला दिल्ली पुलिस के पास है और पुलिस उनकी जान को कितना ख़तरा है इसका आकलन कर रही है.
क्या कहता है रेप कानून?
- क्रिमिनल लॉ (एमेंडमेंट) एक्ट, 2013 के सेक्शन 357 C के मुताबिक हर सरकारी या ग़ैर-सरकारी अस्पताल बलात्कार पीड़िता का मुफ़्त इलाज करेंगे.
- लीगल सर्विस अथॉरिटी एक्ट, 1987 के मुताबिक किसी भी महिला, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्ति को राज्य की लीगल सर्विस अथॉरिटी वकील दिलाएगी.
- पीड़िता आर्थिक मदद या मुआवज़े के लिए लीगल सर्विस अथॉरिटी को याचिका दे सकती है.
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं के तहत किसी भी हिंसा की शिकार महिला को क़ानूनी मदद, चिकित्सा और काउंसलिंग मुफ़्त में दी जाएगी.
- बलात्कार पीड़िता किसी भी थाने में अपनी रिपोर्ट लिखवा सकती है चाहे घटनास्थल उस थाने के दायरे में आता हो या ना आता हो. इस एफ़आईआर को ज़ीरो एफ़आईआर कहा जाता है.
- रेप मामले में एफआईआर दर्ज होने मात्र पर आरोपी की गिरफ़्तारी हो- ऐसा कानून नहीं कहता है.
गिरफ़्तारी आगे की जांच के लिए करना ज़रूरी है. अगर पुलिस को लगता है कि कोई अभियुक्त जाँच में सहयोग नहीं कर रहा या फिर सबूतों से छोड़-छाड़ कर सकता है तो उसे गिरफ़्तार किया जा सकता है. या फिर तब जब पूरी तरह से ये मुकम्मल हो जाए कि रेप अभियुक्त ने ही किया है.
कौन हैं दाती महाराज ?
दाती महाराज का असल नाम मदन मेघवाल है.
उनकी वेबसाइट datti.com के मुताबिक दाती महाराज का "अवतरण" राजस्थान के पाली ज़िले के एक छोटे से गांव आलावस में 10 जुलाई 1950 में हुआ था.
दाती महाराज का साम्राज्य राजस्थान से लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैला है. दाती महाराज का दिल्ली के छतरपुर में विशाल शनिधाम मंदिर है.
दाती महाराज के देशभर में कुल चार कार्यालय हैं. मुख्य कार्यालय दिल्ली के महरौली में और शाखाएं राजस्थान के पाली, जयपुर और मुंबई में है.
इसके अलावा वो कई ट्रस्ट चलाते हैं, जिनमें श्री सीध शक्ति पीठ, श्री शनिधाम ट्रस्ट, शनिधाम गोशाला और पक्षिधाम और आश्वासन बालग्राम शामिल हैं.
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