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कौन हैं फलाहारी बाबा, जिन पर है रेप का आरोप
- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान के कथित संत कौशलेंद्र फलाहारी महाराज पर एक युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया है. युवती छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की रहने वाली है.
21 साल की युवती ने आरोप लगाया है कि बाबा ने अलवर के आश्रम में उनके साथ यौन दुष्कर्म किया. पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार बाबा ने उसे रात को अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ बलात्कार किया.
अलवर के पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने बताया कि बिलासपुर पुलिस स्टेशन में ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की गई है. जिसके आधार पर बुधवार को जांच अधिकारी अलवर पहुंचे हैं और मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
इससे पहले, हरियाणा के कथित बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को रेप मामले में दोषी करार दिया गया था. फैसले के बाद पंचकुला में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे.
बाबा को फैसले के बाद गिरफ्तार कर रोहतक जेल भेज दिया गया था.
अलवर मामले में एसपी राहुल प्रकाश के मुताबिक छत्तीसगढ़ में पीड़िता का बयान दर्ज कर मेडिकल जांच भी कराई गई है. छत्तीसगढ़ पुलिस की केस डायरी के आधार पर अरावली थाने में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.
फिलहाल फलाहारी बाबा की गिरफ्तारी नहीं हुई है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
कौन हैं फलाहारी बाबा?
फलाहारी बाबा का पूरा नाम जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज है. वो रामानुज संप्रदाय से साधु माने जाते हैं.
अलवर में इनका वेंकटेश दिव्य बालाजी धाम आश्रम है, जहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है. फलाहारी बाबा अलवर में गोशाला भी चलाते हैं.
वो कुंभ में शिविर लगाते हैं और संस्कृत के जानकार माने जाते हैं. अभी कुछ समय पहले इन्होंने आश्रम में श्री वेंकटेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की थी, जिसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालू और विशिष्ठ लोग आए थे.
रामानुज संप्रदाय को श्री संप्रदाय भी कहते हैं. हिंदू धर्म में इस संप्रदाय को आचार और विचार में शुद्धि रखने के रूप में जाना जाता है.
राजनीतिक रिश्ता
बाबा के रिश्ते कई राजनीतिक दलों से भी बताए जाते हैं और उन्हें भाजपा का करीबी माना जाता है. जुलाई में वो जयपुर में आयोजित भाजपा के संत समागम में भाग लेने भी गए थे.
बाबा ने 7 नवंबर 2016 को एक रथ यात्रा शुरू की थी, जो देश के विभिन्न राज्यों में अभी चल ही रही है. यात्रा का समापन 2018 में होगा.
समापन पर हैदराबाद में श्रीराम जीवा प्रांगण में रामानुजाचार्य की प्रतिमा लगाई जाएगी.
दावा किया जाता है कि बाबा पिछले 15 सालों से आध्यात्म में सक्रिय हैं. वो अपने आश्रम में भजन-कीर्तन और वैदिक यज्ञ करवाते हैं.
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