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राजस्थान: स्कूल में रेप किया, अबॉर्शन भी करा दिया
- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, राजस्थान से, बीबीसी हिंदी के लिए
वो अपना भविष्य संवारने के लिए स्कूल में दाखिल हुई थी. मगर उसी स्कूल में बलात्कार और गर्भपात के बाद अब उसकी हालत नाजुक है.
मामला है राजस्थान के सीकर के एक निजी स्कूल का. रेप के आरोप में स्कूल के एक शिक्षक और प्रबंधक को गिरफ़्तार किया गया है. स्कूल को फिलहाल बंद कर दिया गया है. राज्य महिला आयोग ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं.
पीड़ित बच्ची का जयपुर में इलाज चल रहा है.
बेसुध है पीड़िता
सीकर पुलिस के अनुसार यह घटना उस वक्त सामने आयी जब पीड़िता के पेट में दर्द हुआ और उसके अभिभावक उसे डॉक्टर के पास ले गए. आरोप है कि उसी वक्त स्कूल प्रबंधक ने एक निजी अस्पताल से मिलीभगत करके बच्ची का गर्भपात करवा दिया.
मगर जब बालिका की हालत बिगड़ी तो उसे जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया. तब से बच्ची बेसुध है. पुलिस बयानों के लिए उसके होश में आने का इंतजार कर रही है.
पुलिस के मुताबिक, सीकर ज़िले के एक गांव में संचालित निजी स्कूल 'जनता बाल निकेतन' के प्रबंधक जगदीश यादव और शिक्षक जगत सिंह गुर्जर को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
उस क्षेत्र में पुलिस उप अधीक्षक कुशाल सिंह ने बीबीसी को बताया दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कुशल सिंह ने कहा, ''यह गंभीर घटना है और इसमें दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.''
पुलिस उस निजी अस्पताल के ख़िलाफ़ भी जांच कर रही है जहां पीड़िता का गर्भपात कराया गया.
अतिरिक्त कक्षा में बुलाकर किया बलात्कार
इस घटना से क्षेत्र में तनाव फ़ैल गया है, लोगों ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया. ग्रामीणों ने स्कूल में तोड़फोड़ भी की. पुलिस को जानकारी मिली है कि स्कूल का शिक्षक 12वीं की छात्रा को अतिरिक्त कक्षा के नाम से बुलाकर लंबे समय से ज़्यादती कर रहा था.
सीकर के जिला शिक्षा अधिकारी दयाल सिंह यादव ने बताया, ''फिलहाल इस स्कूल को बंद कर दिया गया है और जांच की जा रही है. हम प्राइवेट स्कूलों को स्टाफ का वेरिफिकेशन कराने के लिए पाबंद करेंगे. स्कूल के 300 बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिल करने की कोशिश की जा रही है.''
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस के.एस झावेरी ने पीड़िता की मदद के लिए ढाई लाख रूपये की रकम मंजूर की है और दोषियों के ख़िलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है.
अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और कहा ''सरकार को हरियाणा की घटना से सबक लेना चाहिए. निजी स्कूलों में अभिभावकों के साथ नियमित बैठक नहीं होती, जबकि सरकारी स्कूलों में समयबद्ध रूप से अभिभावक स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक करते है. सरकार निजी स्कूलों पर मेहरबान है और सरकारी स्कूलों को पीपीपी मॉडल पर दिया जा रहा है.''
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