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दलित महिला का आरोप, कुर्सी पर बैठी थी इसलिए पीटा
- Author, भार्गव पारिख
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, गुजराती सेवा
गुज़रात के वालथेरा गांव में एक दलित महिला और उनके परिवार के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.
अहमदाबाद से 40 किलोमीटर दूर वालथेरा नाम के गांव में रहने वाली दलित महिला का दावा है कि ऊंची जाति के लोगों ने उसे कुर्सी पर बैठे रहने की वजह से पीटना शुरू कर दिया.
पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है. तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है जबकि पुलिस को अभी सात लोगों की तलाश है.
अहमदाबाद ग्रामीण क्षेत्र के एसएसपी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) मल्हार सिंह जडेजा ने बीबीसी को बताया, "एट्रोसिटीज़ एक्ट के तहत इस मामले में फरियाद दायर की गई है. इस मामले में तीन लोगों को पकड़ भी लिया गया है."
दलित महिला ने की मदद तो...
दरअसल, वालथेरा गांव की पंचायत ने छह जून को एक स्थानीय स्कूल में आधार कार्ड बनवाने के लिए एक कैंप का आयोजन किया था.
इस कैंप में आंगनवाड़ी में काम करने वाली महिलाओं को आधार कार्ड जारी करने की ज़िम्मेदारी दी गई थी.
कथित रूप से जब पल्लवी जाधव नाम की दलित महिला ने आधार कार्ड बनने की प्रक्रिया में एक ऊंची जाति के लड़के की मदद की तो हंगामा खड़ा हो गया.
दरअसल, जाधव एक ऊंची जाति के लड़के को उनके आधार कार्ड के लिए फिंगर प्रिंट देने में मदद कर रही थीं.
पल्लवी जाधव ने बीबीसी को बताया, "छुआछूत में विश्वास नहीं करने वाले लोगों ने इसका विरोध किया लेकिन जब तक मैं कुछ समझ पाती तब तक वहां कई लोग इकट्ठा हो गए थे."
"जयराज सिंह वागड़ कई लोगों के साथ स्कूल पहुंच गए. उन्होंने मुझे जाति के नाम पर गालियां देनी शुरू कर दी और कहा कि दलित होकर मैं उनके सामने कुर्सी पर कैसे बैठी हूं. मैं कुछ समझ पाती, इससे पहले ही उन्होंने मेरी कुर्सी को लात मार दी और मैं नीचे गिर पड़ी. इसके बाद उन्होंने मुझ लाठियों से मारना शुरु कर दिया."
गांव में आग की तरह फैली ख़बर
पल्लवी जाधव के साथ हुई इस घटना की ख़बर उनके परिवार तक पहुंचते ही उनके 25 वर्षीय बेटे जिगर और 48 वर्षीय पति गनपत जाधव उनकी मदद के लिए स्कूल पहुंचे.
गनपत ने बीबीसी को बताया, "मैं और मेरा बेटा स्कूल पहुंचे और हमने वहां भारी भीड़ देखी. वो लोग मेरी पत्नी को गालियां दे रहे थे. जब हमने पल्लवी को बचाने की कोशिश की तो उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया."
परिवार के लोगों को इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जाधव परिवार का दावा है कि कुछ समय पहले यहां ऊंची जाति वाले दरबार समुदाय और दलितों के बीच संघर्ष हुआ था और ये हमला भी उसी संघर्ष का हिस्सा है.
हाल ही में एक दलित व्यक्ति द्वारा अपने नाम में 'सिंह' जोड़ने पर विवाद खड़ा हो गया था और इस मामले में गुजरात पुलिस को बीचबचाव कराना पड़ा.
ऊंची जाति वाला दरबार समुदाय पारंपरिक रूप से अपने नाम के आगे 'सिंह' लगाता आया है. बताया जा रहा है कि किसी दलित द्वारा अपने नाम में 'सिंह' जोड़ने से समुदाय के लोग खुश नहीं थे.
पल्लवी के बेटे जिगर बताते हैं, "कुछ दिन पहले हमारे एक रिश्तेदार ने अपने नाम के आगे 'सिंह' लगा लिया था और दरबार समुदाय के लोग इससे ख़फा थे. आख़िर में पुलिस को इस मामले में शांति करानी पड़ी थी."
"लेकिन हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे रिश्तेदार की गलती की सज़ा हमें मिलेगी."
एसएसपी जडेजा का कहना है कि नाम के सामने 'सिंह' लगाने से इसका कोई लेनादेना नहीं है.
वालथेरा के कोठ पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई एफ़आईआर के अनुसार पल्लवी और उनसे परिवार पर लाठियों और पाइपों से हमला किया गया है.
एसएसपी जडेजा ने बीबीसी को बताया, "मई के महीने में जो सिंह लिखने का विवाद वालथेरा गाँव में हुआ था, उसका इस केस से कोई लेनादेना नहीं है. हम इस पर कार्रवाई कर रहे है, अन्या आरोपियों को भी गिरफ्त में लिया जायेगा."
'दलित महिला ने कहे थे अपशब्द'
लेकिन इस में गिरफ्तार किए गए एक आरोपी रणुसिंह चावला के चचेरे भाई बाबूसिंह चावला ने बीबीसी से कहा, "पल्लवी ने राजपूत की एक विधवा बहन के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था जिसके बाद विवाद बढ़ गया."
"पर गांव छोटा होने के कारण थोड़ी देर में लोग इकट्ठा हो गए और मामला हाथ से निकल गया."
वो कहते हैं कि उनका परिवार "पल्लवी और उनके परिवार के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करने की तैयारी कर रहा है."
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