नए 'जीप कांड' से कश्मीर में फिर बढ़ा तनाव

    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी के लिए

सुरक्षाबलों की जीप से कुचले दो प्रदर्शनकारियों में से एक की मौत के बाद भारत प्रशासित कश्मीर में भारत विरोधी प्रदर्शनों में तेज़ी आई है.

शुक्रवार को श्रीनगर के डाउनटाउन इलाक़े में सीआरपीएफ़ की एक गाड़ी ने एक युवक को कुचल दिया था.

मारे गए युवक की पहचान 21 साल के कैसर अहमद बट के रूप में हुई है.

वहीं, डाउनटाउन के फ़तेह कदल में शनिवार शाम सीआरपीएफ़ की 82 बटालियन पर ग्रेनेड हमला हुआ जिसमें तीन सीआरपीएफ़ जवान और दो नागरिक घायल हुए हैं. यह भारत प्रशासित कश्मीर में कल से पांचवां ग्रेनेड हमला है.

इसस पहले शुक्रवार सुबह अनंतनाग में एक ग्रेनेड हमला हुआ था जिसमें तीन सीआरपीएफ़ जवान और दो नागरिक घायल हुए थे.

कल त्राल में ही टीडीपी के एक विधायक के घर पर ग्रेनेड फेंका गया था, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था.

शुक्रवार को क्या हुआ

वहीं, शुक्रवार को जब इलाक़े की जामा मस्जिद से लोग जुमे की नमाज़ पढ़कर बाहर आ रहे थे तो युवाओं की एक बड़ी तादाद शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए मस्जिद के बाहर जमा हो गई थी.

यह प्रदर्शन कथित तौर पर पुलिस की ज़्यादती के ख़िलाफ़ हो रहा था. पुलिस पर आरोप है कि उसने रमज़ान के दौरान शहर की मस्जिद में चरमपंथियों के छिपे होने को लेकर छापेमारी की थी.

भीड़ में आई जीप

इस दौरान सीआरपीएफ़ की एक गाड़ी ख़ानयार से भीड़ की तरफ़ आते देखी गई, जिसकी वजह से वहां मौजूद युवा गुस्से में आ गए. सीआरपीएफ़ की गाड़ी सीधे भीड़ के बीचोंबीच जब आई तो झड़प शुरू हो गई.

कुछ चश्मदीदों का कहना था कि सीआरपीएफ़ की गाड़ी भीड़ से बाहर आने की कोशिश कर रही थी जिस बीच गाड़ी ने दो युवाओं को कुचल दिया. कुचले गए दोनों ही युवा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद एक युवक कैसर अहमद बट की अस्पताल में मौत हो गई.

जब कैसर को दफ़नाने के बाद लोग वापस आ रहे थे तो उस दौरान सुरक्षाबलों और युवाओं के बीच झड़पें हुईं और पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.

कैसर के जनाज़े में शनिवार को हज़ारों लोग शामिल हुए. इस दौरान आज़ादी के हक़ में नारे भी लगे.

श्रीनगर के डाउनटाउन इलाक़े में सरकार ने इस घटना के बाद सख़्त प्रतिबंध लगाए हैं और भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.

सुरक्षाबलों ने गाड़ी चढ़ाने से किया इनकार

सीआरपीएफ़ के प्रवक्ता संजय शर्मा ने बीबीसी को बताया कि भीड़ ने गाड़ी को पलटने की कोशिश की थी.

उन्होंने बताया, "जब हमारी गाड़ी उस भीड़ के पास पहुंची तो क़रीब 500 प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी को चारों और से घेरा और उसके ऊपर चढ़ गए. गाड़ी में सवार हमारे पांच जवानों को बाहर खींचने की कोशिश की गई, जिस दौरान एक नौजवान ने ख़ुद गाड़ी के नीचे आकर गाड़ी को रोकने की कोशिश की. हमारे जवानों ने बहुत ही सब्र से काम लिया और एक गोली तक भी नहीं चलाई."

पुलिस ने इस घटना को लेकर दो मामले दर्ज किए हैं. एसएसपी श्रीनगर इम्तियाज़ परे ने बताया कि इस मामले में एक सीआरपीएफ़ के ख़िलाफ़ मामला दर्जा हुआ है और दूसरा मामला दंगे का दर्ज किया गया है.

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना की निंदा करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर महबूबा मुफ़्ती से पूछा है, "सीज़फ़ायर का मतलब है बंदूक़ का इस्तेमाल नहीं बल्कि जीप का इस्तेमाल?"

अलगाववादियों का कश्मीर बंद

अलगाववादियों ने आज सुरक्षाबलों के हाथों आम लोगों को मारने के ख़िलाफ़ कश्मीर बंद बुलाया था.

प्रशासन ने शहर के कई हिस्सों में कर्फ़्यू लागू कर दिया है और इंटरनेट सेवा प्रतिबंधित कर दी गई है.

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफ़ी चर्चा में है, जिसमें एक युवा शख़्स के ऊपर से सुरक्षाबलों की जीप चढ़ रही है.

शनिवार को अधिकतर दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर भारी सुरक्षाबल तैनात थे.

यह घटना तब हुई है जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह राज्य के दौरे पर आ सकते हैं.

1980 से मुस्लिम अलगाववादियों ने भारतीय शासन के ख़िलाफ़ आंदोलन छेड़ रखा है जिसे बहुत से स्थानीय लोगों का समर्थन है.

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