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जम्मू-कश्मीर: मोदी ने किया सबसे लंबी सुरंग का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे. इस दौरान मोदी श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर और जम्मू के जनरल जोरावर सिंह ऑडिटोरियम में दो अगल-अलग कार्यक्रमों में श्रीनगर रिंग रोड और जम्मू रिंग रोड की आधारशिला रखी.
वहीं, कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले में वो 330 मेगावॉट किसनगंगा जलविद्युत परियोजना का उद्धाटन करेंगे.
प्रधानमंत्री लेह शहर में सम्मानित लद्दाखी आध्यात्मिक गुरु कुशक बाकुला की 100वीं जयंती समारोह में भी शामिल होंगे. साथ ही नई दिल्ली लौटने से पहले रविवार को जम्मू में शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसकेयूएएसटी) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे.
जम्मू-कश्मीर के इस दौरे पर प्रधानमंत्री के साथ सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी होंगे.
सबसे लंबी सड़क सुरंग का शिलान्यास
लेकिन इस दौरे में प्रधानमंत्री ने एक बहुत ही अहम परियोजना का शिलान्यास किया. वो करगिल ज़िले के द्रास में ज़ोजिला सुरंग की आधारशिला रखी. 14 किलोमीटर लंबी ये सुरंग ना केवल देश की सबसे लंबी सड़क सुरंग होगी बल्कि आने-जाने के लिए सड़कों वाली यह एशिया की सबसे लंबी सुरंग भी होगी.
इस सुरंग के बनने से श्रीनगर, करगिल और लेह के बीच बारहों महीने संपर्क बना रहेगा. फिलहाल यह इलाक़ा ठंड के महीनों में देश के बाक़ी हिस्से से कटा रहता है.
इस सुरंग के पूरा होने से लद्दाख क्षेत्र से पूरे देश का संपर्क सालों भर बना रहेगा.
साथ ही ज़ोजिला दर्रे को पार करने में लगने वाला 3.5 घंटे का वक़्त भी महज़ 15 मिनट ही रह जाएगा.
6,800 करोड़ रुपये की परियोजना
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इसी साल दो लेन की इस सुरंग के निर्माण, परिचालन और रखरखाव को मंज़ूरी दी है.
श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर बालताल और मीनामार्ग के बीच बनने वाली इस सुरंग (ज़ोजिला सुरंग) के निर्माण पर क़रीब 6,800 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
मिलेगा प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रोज़गार
सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि सुरंग के निर्माण से इस इलाक़े में चौतरफ़ा आर्थिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकीकरण होने की उम्मीद है.
निर्माण कार्य में प्रत्यक्ष रूप से रोज़गार पैदा होने के अतिरिक्त इससे आर्थिक गतिविधि बढ़ने के कारण अप्रत्यक्ष रूप से भी नए रोज़गार पैदा होंगे.
मंत्रालय ने कहा, "इस परियोजना का रणनीतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व है. जम्मू एवं कश्मीर के आर्थिक रूप से पिछड़े ज़िलों के विकास का यह एक ज़रिया होगा."
ज़ोजिला सुरंग में सुविधाएं
एक स्मार्ट सुरंग के रूप में ज़ोजिला में हवा और रोशनी की पूरी व्यवस्था होगी. इसमें लगातार बिजली आपूर्ति, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, कई प्रकार के संदेश सूचक, यातायात के उपकरण और टनेल रेडियो सिस्टम की व्यवस्था होगी.
सुरंग में हर 125 मीटर पर टेलीफ़ोन और अग्निशमन की व्यवस्था के अलावा प्रत्येक 250 मीटर पर पैदल पार पथ मोटर पार पथ के साथ-साथ 750 मीटर की दूरी पर स्टैंड होंगे.
श्रीनगर में 1,860 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चार लेन वाले रिंग रोड से पश्चिम श्रीनगर को सुंबल से जोड़ा जाएगा, जो श्रीनगर से करगिल और लेह जाने के लिए एक नया रास्ता होगा.
जम्मू में 2,023.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चार लेन के रिंग रोड से जम्मू के पश्चिम में स्थित जगाती से राया मोड़ को जोड़ा जाएगा.
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