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यू-ट्यूब की मेहरबानी से 40 साल बाद मिले बिछड़े भाई
'हमने तो सारी उम्मीदें खो दी थीं. कोई आस नहीं थी कि हम उन्हें ज़िंदा भी देख पाएंगे.'
40 साल पहले एक शख़्स ग़ायब हो गया. कोई उम्मीद नहीं थी कि वो कभी मिल भी पाएगा लेकिन यू-ट्यूब पर वायरल हुए एक वीडियो की बदौलत बिछड़ा परिवार एकबार फिर मिल गया.
खोमद्राम गंभीर सिंह 1978 में मणिपुर से ग़ायब हो गए थे. उस समय उनकी उम्र महज़ 26 साल थी. उनके परिवार को उनके बारे में कभी कुछ पता नहीं चला.
लेकिन कुछ दिन पहले ही गंभीर के परिवार ने यू-ट्यूब पर एक वीडियो देखा. वीडियो मुंबई का था, जिसमें एक शख़्स सड़क पर हिंदी गाने गा रहा था.
गंभीर के भाई खोमद्राम कुलाचंद्र ने अंग्रेजी अख़बार द हिंदू को बताया ''मुझे अपनी आंखों पर यक़ीन नहीं हुआ जब मेरे भतीजे ने यू-ट्यूब पर मुझे वो वीडियो दिखाया.''
फ़िरोज़ शाक़िर नाम के एक शख़्स ने गंभीर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था. शाकिर मुंबई के रहने वाले हैं. इसलिए घरवालों को लगा कि हो न हो गंभीर भी मुंबई में ही होंगे. यह वीडियो अक्टूबर में रिकॉर्ड हुआ था.
शाकिर ने न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी को बताया कि 'पेट पालने के लिए वो सड़कों पर पुराने हिंदी गाने गाते थे.'
गंभीर को उनके परिवार से मिलवाने में मुंबई पुलिस ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
इम्फ़ाल पुलिस ने गंभीर की एक तस्वीर मुंबई पुलिस को भेजी. गंभीर की जो तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हुई थी वो बांद्रा के आस-पास का इलाक़ा मालूम पड़ रहा था. फिर शाकिर की मदद से उनकी खोजबीन शुरू हुई.
शादी के बाद नाखुश थे
इंपेक्टर पंडित ठाकरे ने बीबीसी को बताया कि ''हमें वो रेलवे स्टेशन के बाहर मिले. उनकी स्थिति बेहद ख़राब थी. वो बिल्कुल भी सही स्थिति में नहीं थे.''
गंभीर ने पुलिस वालों को बताया कि वे भूतपूर्व सैनिक हैं, जिन्होंने 1978 में अपना घर छोड़ दिया था. उन्होंने ये भी बताया कि शादी के कुछ महीनों बाद ही वो घर से चले गए क्योंकि वो अपनी शादीशुदा ज़िन्दगी में खुश नहीं थे.
मणिपुर से आने के बाद वो मुंबई में ही रहने लगे. जहां उन्होंने कभी भीख मांगकर तो कभी मज़दूरी करके अपना पेट पाला.
ठाकरे बताते हैं कि जब वे गंभीर को खोजने में कामयाब हो गए तो उन्होंने उनके परिवार को फ़ोन किया और गंभीर की बात उनके छोटे भाई से करायी.
मुंबई पुलिस ने इस मुलाक़ात की तस्वीरें भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की हैं.
शाकिर ने गंभीर के मुंबई से जाने और इम्फ़ाल पहुंचने के दौरान की तस्वीरें भी ट्विटर पर पोस्ट की हैं.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के अनुसार, गंभीर के परिवार वालों ने उनके रहने के लिए काफ़ी तैयारियां की हैं.