You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
योगी अदित्यनाथ की राह पर कर्नाटक के साधु
- Author, सलमान रावी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, कर्नाटक के उडुपी से
कहने को तो लक्ष्मीवारा तीर्था स्वामी एक संन्यासी हैं जो दक्षिण कर्नाटक के उडुपी के शिरूर मठ के मठाधीश हैं. मगर, इनकी शख्सियत दूसरे योगियों से ज़रा हट कर है.
ये गिटार भी बजाते हैं और 'कीबोर्ड' भी. मृदंग, नादेश्वरम और ड्रम्स भी. वो अपनी पजेरो भी चलाते हैं और बुलेट मोटरसाइकिल भी. उन्हें शास्त्रीय संगीत से लगाव है तो 'वेस्टर्न क्लासिकल' से भी.
बीबीसी से बात करते हुए वो कहते हैं, "पूर्वी, पश्चिमी, शास्त्रीय और मॉडर्न संगीत में मेरी रूचि है. मुझे तैराकी भी पसंद है और अपनी बुलेट चलाना भी. यही वजह है कि नेताओं को मैं फूटी आँख नहीं भा रहा हूँ."
हनुमान जयंती के अवसर पर मठ में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा जो हवन और पूर्जा अर्चना में हिस्सा लेने दूर दूर से यहाँ जमा हुए थे. इस दौरान स्वामीजी ने खुद पूजा की.
चुनाव लड़ने का एलान
उडुपी के प्राचीन श्रीकृष्ण मठ के आठ मठाधीशों में से एक हैं शिरूर मठ के मठाधीश लक्ष्मीवारा तीर्था स्वामी जिन्होंने राजनेताओं की नीद उड़ा दी है. उन्होंने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई और भारतीय जनता पार्टी से टिकट भी माँग बैठे हैं.
मगर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक रघुपति भट और कुछ अन्य नेता उनका विरोध कर रहे हैं.
स्वामीजी की घोषणा ने उडुपी के प्राचीन श्रीकृष्ण मठ के अन्य सात मठाधीशों को अचम्भे में डाल दिया है. लक्ष्मीवारा तीर्था स्वामी दूसरे नंबर पर हैं. इनसे वरिष्ठ उडुपी के पेजावर मठ के साधु हैं विश्वेश्वा तीर्था स्वामी जिन्होंने खुद को इस पूरे मसले पर वो कुछ बोलना नहीं चाहते क्योंकि यह शिरूर मठ के मठाधीश का व्यक्तिगत फैसला है.
लोकतंत्र में सोचने की आज़ादी
कर्नाटक की राजनीति में पहले कभी किसी साधु ने राजनीति में खुलकर हिस्सा नहीं लिया है. लक्ष्मीवारा तीर्था स्वामी के बड़े भाई वादर स्वामी कहते हैं कि लोकतंत्र में सभी को अपनी तरह से सोचने की आज़ादी है.
उन्होंने भारतीय संसद की मिसाल देते हुए कहा, "आप देखिए संसद में भी कितने गेरुआ वस्त्र वाले हैं जो लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. ये स्वामीजी का निजी फ़ैसला है और परिवार के लोग उनके साथ हैं."
लक्ष्मीवारा तीर्था स्वामी के बाक़ी के घरवाले संसारी हैं मगर स्वामीजी ने भोग विलास को त्याग कर तपस्या और अराधना का रास्ता चुना था. उन्होंने शादी नहीं की जबकि उनके अन्य भाइयों के परिवार हैं.
हिंदुत्व के पक्षधर
बीबीसी से बातचीत के दौरान स्वामीजी कहते हैं कि वो कई सालों से देखते आ रहे हैं कि जो भी विधायक या सांसद चुनकर जाते हैं वो फिर जनता के बीच लौटकर नहीं आते. "सिर्फ वोट मांगने आते हैं".
मगर स्वामीजी हिंदुत्व के पक्षधर हैं और वो अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वो अपना मार्गदर्शक मानते हैं.
वो कहते हैं, "मैं हिंदुत्व का पक्षधर हूँ. फिर भी इसका मतलब ये नहीं है कि उडुपी के ईसाई और मुसलमान मेरी इज्ज़त नहीं करते. ये सब मुझे बहुत सम्मान देते हैं. और यही वजह है कि मैं लोगों की सेवा करना चाहता हूँ. ख़ास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जिनके पास विकास की रौशनी अभी तक नहीं पहुँच सकी है."
पूजा करने का अजीब तरीका
स्वामीजी अजीब अजीब तरीकों से पूजा करते हैं जिसकी वजह से वो चर्चा में बने रहते हैं. उनके एक भक्त अशोक शेट्टी कहते हैं के स्वामीजी अरब सागर में दो दो घंटे तक डुबकी लगाकर जाप करते हैं.
स्वामीजी के राजनीति में आने के फैसले से उनके भक्त बहुत खुश हैं मगर नेताओं के होश उड़े हुए हैं. ख़ास तौर पर भारतीय जनता पार्टी के लिए. विधानसभा के चुनावों की घोषणा हो चुकी है और स्वामीजी ने अल्टीमेटम भी दे दिया है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला तो वो निर्दलीय भी खड़े हो सकते हैं.
कांग्रेस, भाजपा दोनों परेशान
लक्ष्मीवारा तीर्था स्वामी के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद कई अन्य साधुओं ने भी इसी तरह की इच्छा जताई है. इनमे से मग्लुरु के वज्रादेही मठ के राजशेखरानन्दा स्वामी भी हैं.
चित्रदुर्ग ज़िले में स्थित होलालकेरे सीट से भी एक दलित साधु चेन्नइया स्वामी मदारा ने भी इसी तरह की इच्छा जताई है.
भारतीय जनता पार्टी के लोगों का कहना है कि दो महीने पहले जब अमित शाह की सभा होलालकेरे में हुई थी तो स्वामीजी के आह्वान पर काफी लोग कार्यक्रम में आए थे. अब राजशेखरानन्दा स्वामी ने भी टिकट मांग लिया है.
उडुपी हो या चित्रदुर्ग सीट साधुओं और संन्यासियों के राजनीति में आने की इच्छा ने कांग्रेस के राजनेताओं को भी परेशान करना शुरू कर दिया है और भारतीय जनता पार्टी को भी. वो इसलिए कि ये संत दोनों ही पार्टियों से टिकट लेना चाहते हैं.