You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
इरफ़ान ख़ान ने बताया कि उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर है
एक्टर इरफ़ान खान ने ट्विटर पर अपनी 'दुर्लभ बीमारी' को लेकर एक बयान जारी किया है.
5 मार्च को उन्होंने बताया था कि वो एक ख़तरनाक बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके बाद सभी उनकी बीमारी के बारे में अंदाज़े लग रहे थे.
शुक्रवार को ट्वीट कर इरफ़ान ने बताया कि उन्हें 'न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर' है.
'...अपने संदेश भेजते रहें'
ट्वीट में उन्होंने लिखा है, "जीवन में अनपेक्षित बदलाव आपको आगे बढ़ना सिखाते हैं. मेरे बीते कुछ दिनों का लब्बोलुआब यही है. पता चला है कि मुझे न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर हो गया है. इसे स्वीकार कर माना मुश्किल है. लेकिन मेरे आसपास जो लोग हैं, उनका प्यार और उनकी दुआओं ने मुझे शक्ति दी है. कुछ उम्मीद भी बंधी है. फ़िलहाल बीमारी के इलाज के लिए मुझे देश से दूर जाना पड़ रहा है. लेकिन मैं चाहूंगा कि आप अपने संदेश भेजते रहें."
क्या ये मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी है?
अपनी बीमारी के बारे में इरफ़ान ने आगे लिखा है, "न्यूरो सुनकर लोगों को लगता है कि ये समस्या ज़रूर सिर से जुड़ी बीमारी होगी. लेकिन ऐसा नहीं है. इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप गूगल कर सकते हैं. जिन लोगों ने मेरे शब्दों की प्रतीक्षा की, इंतज़ार किया कि मैं अपनी बीमारी के बारे में कुछ कहूं, उनके लिए मैं कई और कहानियों के साथ ज़रूर लौटूंगा."
क्या होता है इस ट्यूमर में?
एनएचएस डॉट यूके के मुताबिक़, 'न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर' एक दुर्लभ किस्म का ट्यूमर होता है जो शरीर में कई अंगों में भी विकसित हो सकता है.
हालांकि मरीज़ों की संख्या बताती है कि ये ट्यूमर सबसे ज़्यादा आँतों में होता है.
इसका सबसे शुरुआती असर उन ब्लड सेल्स पर होता है जो ख़ून में हार्मोन छोड़ते हैं.
ये बीमारी कई बार बहुत धीमी रफ़्तार से बढ़ती है. लेकिन हर मामले में ऐसा हो, ये ज़रूरी नहीं है.
क्या होते हैं इसके लक्षण?
मरीज़ के शरीर में ये ट्यूमर किस हिस्से में हुआ है, उसी से इसके लक्षण तय होते हैं.
मसलन, अगर ये पेट में हो जाए तो मरीज़ को लगातार कब्ज़ की शिक़ायत रहेगी. ये फ़ेफ़डों में हो जाए तो मरीज़ को लगातार बलगम रहेगा.
ये बीमारी होने के बाद मरीज़ का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ता-घटता रहता है.
बीमारी के कारण?
डॉक्टर अभी तक इस बीमारी के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं.
न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर होने के विविध कारण हो सकते हैं. लेकिन ये आनुवांशिक रूप से भी होती है. माना जाता है कि जिनके परिवार में इस तरह के मामले पहले रह चुके हों, वो लोग इसके रिस्क में ज़्यादा होते हैं.
कई डिटेल ब्लड टेस्ट, स्कैन और बायोप्सी करने के बाद ही ये बीमारी पकड़ में आती है.
क्या इसका इलाज है?
ट्यूमर किस स्टेज में है, वो शरीर में किस हिस्से में है और मरीज़ की सेहत कैसी है. इन सबके आधार पर ही ये तय होता है कि मरीज़ का इलाज कैसे किया जाएगा.
सर्जरी के ज़रिए इसे निकाला जा सकता है.
लेकिन ज़्यादातर मामलों में सर्जरी का इस्तेमाल बीमारी पर काबू करने के लिए किया जाता है.
इसके अलावा मरीज़ को ऐसी दवाएं दी जाती हैं जिससे कि शरीर कम मात्रा में हार्मोन छोड़े.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)