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सुप्रीम कोर्ट ने आधार लिंक कराने की समयसीमा बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड से मोबाइल फ़ोन और बैंक खाते लिंक कराने की समयसीमा बढ़ा दी है.
चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को फ़ैसला सुनाते हुए आधार कार्ड पर आख़िरी फ़ैसला आने तक ये समयसीमा बढ़ाई है.
इससे पहले आधार कार्ड से विभिन्न सेवाओं को लिंक कराने की आख़िरी तारीख 31 मार्च निर्धारित की गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, "सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि जब तक आधार कार्ड योजना की वैधता पर संविधान पीठ का फ़ैसला नहीं आ जाता, तब तक लिंकिंग अनिवार्य नहीं है."
अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि तत्काल में पासपोर्ट का आवेदन करने पर सरकारी अधिकारी आधार कार्ड को अनिवार्य दस्तावेज़ नहीं कह सकते. साथ ही लोगों के बैंक खाते में सीधा पैसा ट्रांसफ़र करने के लिए अभी भी आधार कार्ड अनिवार्य होगा.
सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने ट्वीट किया है, "डियर एचडीएफ़सी, एयरटेल... कृपया करके अब मैसेज भेजना बंद करें. मैं अपना आधार कार्ड लिंक नहीं कराने वाला. जब तक मुझे ये नहीं करना होगा."
तहसीन पूनावाला ने ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को इस फ़ैसले के लिए धन्यवाद कहा. उन्होंने लिखा है कि आधार के ख़िलाफ़ लड़ाई लंबी है और अंत में हम लोगों की जीत होगी.
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