प्रेस रिव्यू: सैनिक की घायल पत्नी ने दिया बेटी को जन्म

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सेना के कैंप पर हुए चरमपंथी हमले में घायल एक सैनिक की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है.

राइफ़लमैन नज़ीर अहमद ख़ान की पत्नी शहज़़ादा ख़ान गर्भवती थीं. उन्हें हमले में गोली लगने के बाद सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी बेटी समय से पहले पैदा हुई है जिसका वज़न ढाई किलो है.

मां और बेटी दोनों सुरक्षित हैं. सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि शहज़ादा ख़ान और उनके पति को हेलिकॉप्टर के ज़रिए अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया.

कोलकाता: प्रेमी जोड़े ने मांगी सुरक्षा

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़, कोलकाता में अपने धर्म से बाहर प्रेम करने वाले एक जोड़े ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है.

इस जोड़े का नाम उस सूची में शामिल था जिसे 'लव जिहाद' बताकर फ़ेसबुक पर प्रकाशित कर दिया गया था.

इस सूची के वायरल होने के बाद से जोड़े को धमकियां मिल रहीं थीं. फ़ेसबुक पर प्रकाशित सूची में सोशल मीडिया पर मौजूद उन सौ से ज़्यादा हिंदू लड़कियों के प्रोफ़ाइल लिंक प्रकाशित किए गए थे जो मुसलमान युवकों से प्यार करती हैं या उनसे शादी कर चुकी हैं.

वायरल पोस्ट में लिखा गया था, "ये एक सूची है उन हिंदू लड़कियों के फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल की जो 'लव जिहाद' की शिकार हो चुकी हैं या हो रही हैं. हर हिंदू शेर से आग्रह है इनमें जो लड़के हैं, उनका खोज के शिकार करें."

"तीन दिन में सेना खड़ी करने की क्षमता"

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि आरएसएस तीन दिन के अंदर सेना खड़ी करने की क्षमता रखता है.

बिहार के मुजफ़्फ़रपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि देश को ज़रूरत पड़ने पर संघ तीन दिन के भीतर सेना खड़ी कर सकता है जबकि यही काम करने में भारतीय सेना को छह से सात महीने का समय लगेगा.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भागवत ने कहा, "हमारा मिलिट्री संगठन नहीं है. मिलिट्री जैसा अनुशासन हमारा है. यही हमारी क्षमता है."

ताजमहल के पास ड्रोन उड़ाने पर होगी सज़ा

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़ आगरा स्थित ताजमहल के पास ड्रोन उड़ाने पर सज़ा हो सकती है.

रविवार को आगरा पुलिस ने फ़ैसला किया है कि ताजमहल के पास ड्रोन उड़ाने वाले पर्यटकों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे.

अधिकारियों का कहना है कि विश्व विरासत स्थल ताजमहल के पास साल 2017 में ड्रोन उड़ाने की बीस से अधिक घटनाएं हुई हैं. ताजमहल के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पहले से ही प्रतिबंध है. अब पुलिस ने तय किया है कि जो लोग ड्रोन उड़ाते हुए पकड़े जाएंगे उन पर संगीन धाराओं में मुक़दमे दर्ज किए जाएंगे.

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