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बजट 2018: क्या महंगा हुआ और क्या सस्ता
हर बजट के बाद लोगों को इस बात में दिलचस्पी रहती है कि क्या महंगा हुआ और क्या सस्ता.
लेकिन जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स सिस्टम लागू होने के बाद कम ही चीज़ें ऐसी हैं जिनकी क़ीमत पर इस बजट से ज्यादा असर पड़ा है.
वैसे कस्टम और एक्साइज़ ड्यूटी की व्यवस्था अब भी लागू है, इसलिए जिन चीज़ों के मामले में इसमें बदलाव किए गए हैं, वहां इनकी क़ीमत पर फर्क पड़ सकता है.
कुछ चीजों पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से आयातित सामान की क़ीमत बढ़नी तय है.
क्या महंगा हुआ?
मोबाइल फोन पर कस्टम ड्यूटी 15 फ़ीसदी से बढ़ाकर 20 फ़ीसदी कर दी गई है. स्मार्टवॉच, वियरेबल डिवाइस पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 20 फ़ीसदी कर दी गई है.
बजट में टीवी के कुछ पुर्जों पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है. पहले ये दर 7.5 फ़ीसदी थी और 10 फ़ीसदी थी, इसे बढ़ाकर 15 फ़ीसदी कर दिया गया है.
फल और सब्जियां, सोना, चांदी, चश्मे, परफ़्यूम, सौंदर्य प्रसाधन, ट्रकों और बसों के रेडियल टायर, रेशमी कपड़े, जूते, हीरे-जेवरात, एलसीडी/एलईडी टीवी पैनल महंगे हुए.
लग्ज़री कारें और उनकी मशीनरी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी. फर्नीचर, गद्दे, ऑलिव ऑयल और मूंगफली जैसे खाद्य तेल, पतंग, सिगरेट, खिलौने महंगे हुए.
क्या सस्ता हुआ?
एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद पेट्रोल और डीज़ल की कीमत दो रुपये प्रति लीटर कम हो गई है.
कच्चा काजू, सोलर पैनल बनाने के काम आने वाला सोलर टेम्पर्ड ग्लास सस्ता हुआ.
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